|
|
|
|
|
|---|---|---|---|
| 83001 | शरच्चन्द्र | ना. | शरत्कालमा देखिने स्वच्छ चन्द्रमा। (उदा.- शरच्चन्द्रको रमणीय रातमा झरना अझ सुन्दर देखिन्छ )। |
| 83002 | शरच्चन्द्रिका | ना. | शरत्कालमा लाग्ने सफा जून; शरद्ऋतुमा देखिने चन्द्रमाको स्वच्छ किरण। |
| 83003 | शरण | ना. | १. कठिन वा दुःखद अवस्थामा कसैबाट रक्षित हुने तथा कसैको आधार लिन पाउने काम; आड लिएर गरिने रक्षा; आश्रय (उदा.- मेरो आज शरण् पऱ्यो भनि दया आयो उ काग्मा पनि। - भानुभक्तीय रामायण। शरणको मरण गर्नुहुँदैन। - उखान )। |
| 83004 | शरण | ना. | २. कसैको पछाडि लाग्ने काम; पिछा; आत्मसमर्पण। |
| 83005 | शरणागत | वि. | शरणमा आएको; शरणमा परेको (उदा.- शरणागतको रक्षा गर, प्रभु!)। |
| 83006 | शरणागति | ना. | शरण पर्ने काम। |
| 83007 | शरणार्थी | वि. | १. शरण चाहने वा माग्ने; आश्रयको इच्छा गर्ने। ना. |
| 83008 | शरणार्थी | वि. | २. परिस्थितिवश आफ्नो जन्मभूमि वा देश छाडेर अर्को ठाउँ वा देशमा गई आश्रय लिने अथवा बसोबास गर्न चाहने व्यक्ति। |
| 83009 | शरणार्थी बस्ती | ना. | शरणार्थीहरू आएर नयाँ आवादी वा घरजम गरी बसेको ठाउँ। |
| 83010 | शरणार्थी शिविर | ना. | शरणार्थीहरूको अस्थायी बसोबास भएको स्थान। |
| 83011 | शरण्य | वि. | १. आश्रय दिनुपर्ने; शरण दिन योग्य। |
| 83012 | शरण्य | वि. | २. शरणमा लिने; रक्षक। |
| 83013 | शरत् | ना. | शरद्। |
| 83014 | शरत्काल | ना. | शरद् ऋतुको समय। |
| 83015 | शरद् | ना. | छ ऋतुमध्ये चौथो ऋतु; वर्षापछिको ऋतु; असोज र कात्तिक महिनामा पर्ने ऋतु। |
| 83016 | शरपुङ्खा | ना. | टुप्पातर्फ मसिना फराक पात हुने, प्याजी रङका फूल फुल्ने एक जातको बोट र त्यसैको लामोलामो कोसो वा फल। |
| 83017 | शरभ | ना. | हिमालमा हुने सिंहभन्दा पनि बलियो मानिएको, धेरै माथि उफ्रन सक्ने, पुराणप्रसिद्ध आठखुट्टे पशु। |
| 83018 | शरम | ना. | हे. सरम। |
| 83019 | शराव | ना. | प्रायः कुनै पदार्थ खान वा पिउन प्रयोग गरिने माटाको भाँडो; माटाको पाला। |
| 83020 | शरासन | ना. | १. धनु; कमान। |
| 83021 | शरासन | ना. | २. बाण राख्ने ठोक्रो। |
| 83022 | शरीर | ना. | १. हाड, मासु, रगत आदिले युक्त प्राणीका सम्पूर्ण अङ्गको समूह; देह; तन; जिउ; काय। |
| 83023 | शरीर | ना. | २. कुनै पनि वस्तुका सबै अङ्गले युक्त पार्थिव रूप। |
| 83024 | शरीरधारी | वि. | शरीर धारण गर्ने; देहधारी। |
| 83025 | शरीररक्षक | ना. | हे. अङ्गरक्षक; बडीगार्ड। |
| 83026 | शरीरविज्ञान | ना. | शरीरका अङ्गहरूको बनोट तथा तिनका कार्यकलापको विवेचना गरिएको विज्ञान; शरीरशास्त्र। |
| 83027 | शरीरशास्त्र | ना. | शरीरविज्ञान। |
| 83028 | शरीरसंस्कार | ना. | १. नाना प्रकारका शुद्धि संस्कारका अनुष्ठानद्वारा शरीरलाई शुद्ध र पवित्र पार्ने काम। |
| 83029 | शरीरसंस्कार | ना. | २. सौन्दर्यका निम्ति गरिने शरीरको सफाइ, शृङ्गार आदि काम। |
| 83030 | शरीरी | वि. | शरीर भएको; शरीर धारण गर्ने (प्राणी, जीव आदि)। |
| 83031 | शर्करा | ना. | १. सखर, खुदो; चिनी। |
| 83032 | शर्करा | ना. | २. बालुवाको कण; बलौटे जमिन। |
| 83033 | शर्करा | ना. | ३. कुनै पनि साह्रो टुक्रो वा कण (कङ्कट , गेगर, असिना इ.)। |
| 83034 | शर्मा | ना. | १. ब्राह्मणहरूका नामको पछाडि रहने एक उपाधि (जस्तो- विष्णु शर्मा, बालचन्द्र शर्मा इ.)। |
| 83035 | शर्मा | ना. | २. प्रसन्नता; आनन्द; खुसी। |
| 83036 | शर्मा | ना. | ३. आशीर्वाद। |
| 83037 | शर्मा | ना. | ४. आधार; घर (प्रायः वैदिक अर्थमा )। |
| 83038 | शर्मिष्ठा | ना. | महाभारतप्रसिद्ध दानवराज वृषपर्वाकी पुत्री तथा चन्द्रवंशी राजा ययातिकी कान्छी रानी। |
| 83039 | शर्वरी | ना. | १. रात्रि; रात। |
| 83040 | शर्वरी | ना. | २. साठी संवत्सरमध्ये एक। |
| 83041 | शर्वरी | ना. | ३. हलेदो। |
| 83042 | शलभ | ना. | १. गाइनेकिराजस्तो बथानिएर उड्ने एक जातको किरो; सलह। |
| 83043 | शलभ | ना. | २. फट्याङ्ग्रो। |
| 83044 | शलाका | ना. | १. काठ, बाँस, धातु आदिको टुक्रा; डन्डी वा छेस्को। |
| 83045 | शलाका | ना. | २. रङ भर्ने वा आँखामा गाजल लाउने पेन्सिल। |
| 83046 | शलाका | ना. | ३. नलीखुट्टाको हाड। |
| 83047 | शलाका | ना. | ४. दुम्सी। |
| 83048 | शलाका | ना. | ५. सलाई। |
| 83049 | शलाका | ना. | ५. छाताको करङ। |
| 83050 | शल्य | ना. | १. चिरफार गर्ने हतियार (कैँची, छुरा, सुइरो, स्याँगी आदि)। |