|
|
|
|
|
|---|---|---|---|
| 84251 | श्वेतपत्र | ना. | २. सरकारले जनतालाई राष्ट्रिय सरोकारका विषयमा अवगत गराउन जारी गरिने विज्ञप्ति। |
| 84252 | श्वेतप्रदर | ना. | जननेन्द्रियबाट पानी बग्ने, स्त्रीहरूको एक प्रकारको रोग। |
| 84253 | श्वेतवाराह | ना. | १. ब्रह्माका आयुको पहिलो दिन मानिएको एक कल्प। |
| 84254 | श्वेतवाराह | ना. | २. सेतो बनेल। |
| 84255 | श्वेताङ्ग | ना. | १. सेतो शरीर हुने प्राणी; गोरा जाति। |
| 84256 | श्वेताङ्ग | ना. | २. हाँस। |
| 84257 | श्वेताम्बर | ना. | १. जैन धर्ममा सेतो वस्त्र पहिरिने एक सम्प्रदाय। |
| 84258 | श्वेताम्बर | ना. | २. सेतो वस्त्र लाउने सन्न्यासी। |
| 84259 | ष | देवनागरी वर्णमालाको एकतिसौँ व्यञ्जन; नेपालीमा 'स' बाट व्यतिरेक नभएको; मूर्धन्य ष; पेट फाऱ्यो ष। | |
| 84260 | षट् | ना. | १. 'छ' को सङ्ख्या वा अङ्क। वि. |
| 84261 | षट् | ना. | २. छवटा। |
| 84262 | षट्कर्ण | वि. | भन्ने र सुन्नेबाहेक तेस्रो व्यक्तिले पनि सुनेको; छवटा कानमा परेको (कुरो)। |
| 84263 | षट्कर्म | ना. | १. स्वधर्ममा रहनेका निम्ति ब्राह्मणले गर्नुपर्ने छवटा काम (पढ्नु, पढाउनु, दान दिनु, दान लिनु, यज्ञ गर्नु र यज्ञ गराउनु)। |
| 84264 | षट्कर्म | ना. | २. मानिसले गर्नुपर्ने छवटा कर्म (स्नान, पूजा, तर्पण, होम, जप र सन्ध्या)। |
| 84265 | षट्कर्म | ना. | ३. योगीहरूका छवटा कर्म (धौती, वस्ती, नेती, त्राटक, नौली र कपालभाती )। |
| 84266 | षट्कर्म | ना. | ४. तान्त्रिकहरूका छ वटा कर्म (मारण, उच्चाटन, स्तम्भन, वशीकरण, विद्वेष र शान्ति)। |
| 84267 | षट्कर्मा | वि. | षट्कर्म गर्ने (ब्राह्मण, तान्त्रिक, योगी वा गृहस्थ )। |
| 84268 | षट्कोण | वि. | १. छ कुना परेको; छ कुने। ना. |
| 84269 | षट्कोण | वि. | २. सरस्वतीको प्रतीक छ कुने यन्त्रविशेष। |
| 84270 | षट्चक्र | ना. | हठयोगका अनुसार मानिसका शरीरमा रहने छवटा चक्र (मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूर, अनाहत, विशुद्ध र आज्ञा)। |
| 84271 | षट्दर्शन | ना. | हिन्दुका तत्त्वज्ञानसम्बन्धी छ दर्शन वा शास्त्र (साङ्ख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, पूर्वमीमांसा र उत्तरमीमांसा)। |
| 84272 | षट्पद | वि. | १. छ खुट्टे (प्राणी)। ना. |
| 84273 | षट्पद | वि. | २. भ्रमर। |
| 84274 | षट्पदी | ना. | छवटा चरण वा पाउ हुने छन्द। |
| 84275 | षट्शास्त्र | ना. | वेदका छवटा अङ्ग; षडङ्ग। |
| 84276 | षट्शास्त्री | ना. | वेदका छवटै अङ्गमा पारङ्गत व्यक्ति; षट्शास्त्रको ज्ञाता। |
| 84277 | षडङ्ग | ना. | १. वेदका शिक्षा, कल्प, निरुक्त, व्याकरण, छन्द र ज्योतिष- यी छवटा प्रमुख अङ्ग वा शाखा। |
| 84278 | षडङ्ग | ना. | २. राजनीतिका सन्धि, विग्रह, ढुकाइ, आक्रमण, तटस्थता र शरण - यी छवटा मुख्य चाल। |
| 84279 | षडङ्ग | ना. | ३. शरीरका दुई खुट्टा, दुई हात, टाउको र घड- यी छवटा मुख्य अवयव। |
| 84280 | षडङ्ग | ना. | ४. गाईको गोबर, गहुँत, दुध, दही, घिउ र गोरोचनसमेत छ थरी उपयोगी पदार्थ। |
| 84281 | षडभिज्ञ | ना. | बुद्ध। |
| 84282 | षडवन्त | ना. | अग्निहोत्रका कर्ममा अग्निलाई पुरोडाश दिने पात्र। |
| 84283 | षडानन | ना. | छ मुख हुने कार्तिकेय; कुमार। |
| 84284 | षड्ऋतु | ना. | वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त र शिशिर गरी छवटा ऋतु। |
| 84285 | षड्गुण | ना. | एउटा राज्यले अर्को राज्यसित मौकाअनुसार अँगाल्ने छवटा मुख्य नीति - सन्धि, विग्रह, यान (आक्रमण), आसन (विश्राम), द्वैधीभाव र संश्रय (बलियो राजा वा राज्यको आश्रय )। |
| 84286 | षड्ज | ना. | सङ्क्षेपमा 'स' वा 'सा' भनिने, सङ्गीतको सप्तस्वरमध्येको पहिलो स्वर। |
| 84287 | षड्दर्शन | ना. | हिन्दुहरूका छवटा आस्तिक दर्शन (साङ्ख्य, योग, न्याय, मीमांसा, वैशेषिक र वेदान्त)। |
| 84288 | षड्बिन्दु | ना. | १. विष्णु। |
| 84289 | षड्बिन्दु | ना. | २. कमिलाका छाँटको एक प्रकारको किरो। |
| 84290 | षड्बिन्दु | ना. | ३. कपाल दुख्ता लगाइने तिलको तेल, बाखीको दुध र भृङ्गीराजको रस मिलाएर बनाइएको आयुर्वेदीय तेल। |
| 84291 | षड्मुख | ना. | शिवपार्वतीका पुत्र कुमार। |
| 84292 | षड्यन्त्र | ना. | १. अरूको अनिष्ट गर्नका निम्ति गुप्त रूपले गरिने जालझेलको व्यवहार वा कारबाई; कपटपूर्ण आयोजन। |
| 84293 | षड्यन्त्र | ना. | २. मारण, मोहन, वशीकरण, स्तम्भन, विद्वेष र उच्चाटन गराउने छ प्रकारका यन्त्र। |
| 84294 | षड्यन्त्रकारी | वि. | षड्यन्त्र गर्ने (मानिस); षड्यन्त्री। |
| 84295 | षड्यन्त्री | वि. | षड्यन्त्रकारी। |
| 84296 | षड्रस | ना. | गुलियो, अमिलो, नुनिलो, पिरो, तितो र टर्रो - यी छ प्रकारका रस वा स्वाद। |
| 84297 | षड्राग | ना. | सङ्गीतशास्त्रका अनुसार छ किसिमका राग (श्री, भैरव, मेघ, हिन्डोल, दीपक र मालकोश)। |
| 84298 | षड्रिपु | ना. | मानिसहरूका काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद र मात्सर्य - यी छवटा जोडदार शत्रु। |
| 84299 | षड्विकार | ना. | प्राणीहरूका मनमा हुने छवटा विकार वा परिणाम (जन्म, वृद्धि, बाल्यावस्था,यौवन, वार्धक्य र मृत्यु )। |
| 84300 | षण्ड | ना. | १. नसुमरेको गोरु; बैल। |