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| 85501 | सतह डाँक | ना. | जमिनबाट ल्याइने, लगिने वा ओसारपसार गरिने चिठीपत्र आदि हुलाक। |
| 85502 | सतहत्तर | ना. | १. छयहत्तरपछिको सङ्ख्या वा गन्ती; ७७-को अङ्क। वि. |
| 85503 | सतहत्तर | ना. | २. सत्तरी र सात जोड्दा हुने सङ्ख्याको। |
| 85504 | सतहत्तरौँ | वि. | सतहत्तर सङ्ख्यामा पर्ने; सतहत्तर सङ्ख्याको। |
| 85505 | सतही | वि. | सतहको; सतहसम्बन्धी। |
| 85506 | सतही भूक्षय | ना. | सतहको जमिन खिइँदै वा नासिँदै जाने काम। |
| 85507 | सताइ | ना. | सताउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 85508 | सताइनु | क.क्रि. | सताउने काम गरिनु। |
| 85509 | सताउनु | स.क्रि. | १. अरूलाई कारण वा अकारण दुःख दिनु; सासना दिनु। |
| 85510 | सताउनु | स.क्रि. | २. पिरोल्ने काम गर्नु; हैरान पार्नु। |
| 85511 | सतार | ना. | विशेष गरेर नेपालको पूर्वी तराई झापा जिल्लामा बस्ने एक जाति। |
| 85512 | सतार | वि. | १. अग्लो र मोटोघाटो; खुब सप्रेको। |
| 85513 | सतार | वि. | २. लाज नभएको; नकच्चरो। |
| 85514 | सतार | वि. | ३. कसैलाई नटेर्ने; उन्मत्त ।ना. |
| 85515 | सतार | वि. | ४. एक गाउँको नाम। |
| 85516 | सतार्नी | ना. | १. फौजदारी अड्डामा बापतीलाई केर्ने स्त्री (नुवाकोट जिल्लाको तामे सतार गाउँकी गङ्गी खड्किनी फौजदारी अड्डामा सर्वप्रथम त्यस्तो काम गर्ने सिपाहीको पदमा भर्ना भएकीले त्यसै सन्दर्भअनुसार)। वि. |
| 85517 | सतार्नी | ना. | २. लाज नभएकी; निर्लज्ज; बेसरम (स्त्री)। |
| 85518 | सतास | ना. | १. नदीले बगाई खेतमा फ्याँकेको काठकसिङ्गर; घाँसफुस आदि वस्तु। वि. |
| 85519 | सतास | ना. | २. खुब सप्रेको वा बढेको (बाली)। |
| 85520 | सतासिनु | अ.क्रि. | बाली खुबसित सप्रनु; हल्कनु वा बढ्नु। |
| 85521 | सतासिऔँ / सतासियौँ | वि. | सतासी सङ्ख्यामा पर्ने; सतासी सङ्ख्याको। |
| 85522 | सतासी | ना. | १. छयासीपछिको सङ्ख्या वा गन्ती; ८७-को अङ्क। वि. |
| 85523 | सतासी | ना. | २. असी र सात जोड्दा हुने वा त्यति सङ्ख्याको। |
| 85524 | सतासीऔँ/ सतासीयौँ | वि. | हे. सतासिऔँ। |
| 85525 | सतास्याइ | ना. | सतासिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 85526 | सतिबयर | ना. | भेट्नैपिच्छे तीनतीनवटा पात लाग्ने, पहेँला वा राता फूल फुल्ने, मसिना अमिला दाना फल्ने एक जातको बोट वा त्यसैको फल। |
| 85527 | सतिसाल | ना. | मसिना बाटुलिएका पात हुने, कोसारूपमा लाम्चा फल फल्ने, चुरो खुब बलियो हुने एक जातको रुख; तमाल। |
| 85528 | सती | ना. | १. आफ्ना पतिबाहेक परपुरुषको कामना नगर्ने स्त्री; पतिव्रता; साध्वी। |
| 85529 | सती | ना. | २. पतिको शवसँगै चितामा जलेर मर्ने स्त्री। |
| 85530 | सती | ना. | ३. दक्षप्रजापतिकी कन्याको नाम; महादेवकी जेठी पत्नी। |
| 85531 | सती | ना. | ४. दुर्गा। |
| 85532 | सतीत्व | ना. | सती स्त्रीमा रहने गुण; पातिव्रत्य। |
| 85533 | सतीत्व प्रथा | ना. | विवाहित लोग्ने मरेपछि जिउँदी स्वास्नीलाई लोग्नेको लाससँगै जलाउने वा जल्न दिने प्रथा (यो प्रथा नेपालमा १९७७ सालको असार २५ गतेदेखि ऐनद्वारा निषेध गरी बन्द भएको छ)। |
| 85534 | सतुवा | ना. | सातु; सत्तू। |
| 85535 | सतुवा | ना. | तलादार पात र रछायाँ भावको डाँठ हुने, भेट्नु भएका फूल फुल्ने र फूलका बिचमा पहेँलो हरियो हुने एक जातको बोट वा बुटी। |
| 85536 | सतृष्ण | वि. | १. तृष्णाले युक्त; चाहना भएको। |
| 85537 | सतृष्ण | वि. | २. तिर्खाएको; तिर्खालु। |
| 85538 | सतृष्ण | वि. | ३. साह्रै इच्छुक। |
| 85539 | सतेहास | ना. | थारूजातिका स्त्रीहरूले गलादेखि छातीसम्म लटकिने गरी लगाउने एक प्रकारको गहना। |
| 85540 | सतोसत | क्रि.वि. | किरिया हाल्दा सत्यताको प्रण गर्दा जोड दिएर भनिने शब्द; सत्ते; धरोधर्म (उदा. -बिनसित्ति किन दोष लगाउनुहुन्छ ? सतोसत तपाईंलाई मैले केही भनेको छैन !)। |
| 85541 | सत्कर्ता | वि. | १. सत्कार वा मानमिजास गर्ने; आदरभाउ राख्ने। |
| 85542 | सत्कर्ता | वि. | २. असल काम गर्ने; सत्कर्म गर्ने (व्यक्ति)। |
| 85543 | सत्कर्म | ना. | १. असल वा राम्रो काम; सुकर्म; पुण्यकर्म; धर्मकार्य। |
| 85544 | सत्कर्म | ना. | २. अतिथिको सत्कार; आतिथ्य। |
| 85545 | सत्कार | ना. | १. आउनेजाने व्यक्तिका प्रति गरिने सम्मान वा आदर; अतिथिसम्मान; पाहुनाको सेवाटहल। |
| 85546 | सत्कार | ना. | २. आदरभाउ; मानमनितो। |
| 85547 | सत्कारक | वि. | १. अतिथिको स्वागतसम्मान गर्ने; पाहुनाको मानमनितो गर्ने। |
| 85548 | सत्कारक | वि. | २. असल वा राम्रो काम गर्ने। |
| 85549 | सत्कार्य | ना. | १. असल कार्य; राम्रो काम; सत्कर्म। वि. |
| 85550 | सत्कार्य | ना. | २. सत्कार गर्न योग्य। |