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| 88951 | सिक्त | वि. | १. गउँत, पानी आदिले सेचन गरिएको; अभिषेक गरिएको; अभिषिक्त। |
| 88952 | सिक्त | वि. | २. पानीले लथपथ भएको; भिजेको। |
| 88953 | सिक्थ | ना. | १. मइन; मोम। |
| 88954 | सिक्थ | ना. | २. महका चाकाको सुक्खा खोस्टो। |
| 88955 | सिक्री | ना. | १. धातुका मुन्द्राहरू एकअर्कामा जेल्दै बनाइएको साङ्लो; जन्जिर। |
| 88956 | सिक्री | ना. | २. सुन वा चाँदीका मसिना मुन्द्री जोडेर बनाइएको, शिरमा, निधारका दुईतिर वा गलामा लाउने मालाजस्तो गहना। |
| 88957 | सिक्रीटाँका | ना. | सिलाइमा सिक्रीजस्तो आकारको बनाएर दिइने टाँका। |
| 88958 | सिक्रे | वि. | सिक्रो मात्रै भएको। |
| 88959 | सिक्रेइलो | वि. | धेरै सिक्रा र थोरै पात भएको। |
| 88960 | सिक्रो | वि. | १. पात, फूल आदि झरिसकेको (बोट वा लहरा )। |
| 88961 | सिक्रो | वि. | २. ताप्के आदि माल झुन्ड्याउन रिङजस्तो चक्कालाई तीनतिरबाट तीनवटा डोरीले बाँधेर दलिनतिर राखिने एक किसिमको उझिन्डो; सिक। |
| 88962 | सिक्लाइ | वि. | सिक्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया; सिकाइ। |
| 88963 | सिख | ना. | १. गुरु नानका अनुयायी। |
| 88964 | सिख | ना. | २. हे. सिक्ख। |
| 88965 | सिखर्नी | ना. | हे. सिकर्नी। |
| 88966 | सिखल | ना. | धान चुट्ने खलाको वरिपरि लगाइने नलको वा परालको घेरो। |
| 88967 | सिगरेट | ना. | चुरोट। |
| 88968 | सिगसिगाइ | ना. | सिकसिकाइ। |
| 88969 | सिगसिगाइनु | अ.क्रि. | सिकसिकाइनु। |
| 88970 | सिगसिगाउनु | अ.क्रि. | सिगसिगो मान्नु; सिकसिकाउनु। |
| 88971 | सिगसिगो | वि. | हे. सिकसिको। |
| 88972 | सिगार | ना. | सुर्तीको पातमात्र पत्रैपत्र गरी बेरेर बनाइएको एक प्रकारको ठुलो चुरोट। |
| 88973 | सिङ | ना. | प्रायः खुर भएका र मासु नखाने पशुहरूका टाउकामा उम्रेको, आत्मरक्षाका लागि हतियारको काम दिने हाडको सोठो; शृङ्ग; विषाण, सिँग। |
| 88974 | सिङजुरो | ना. | १. पूर्ण यौवनको चिनु; उमेर पुगेपछि बल, बुद्धि आउने स्थिति। |
| 88975 | सिङजुरो | ना. | २. जर्कटो हुने चाल। |
| 88976 | सिङजोरी | ना. | टाउको जुधाएर खेलिने केटाकेटीको एक खेल। |
| 88977 | सिङ न पुच्छर | ना. | १. फेद न टुप्पो। |
| 88978 | सिङ न पुच्छर | ना. | २. केही काम नलाग्ने अर्थ दिने व्यञ्जना। |
| 88979 | सिङपासे | ना. | दुहुँदा पुच्छर गाईबस्तुको सिङमा र खुट्टामा अल्झाउने डोरी। |
| 88980 | सिङपासो | ना. | १. सिङ जस्तै आँकुसे परेको पासो वा बन्धन। |
| 88981 | सिङपासो | ना. | २. सिङको पासो। |
| 88982 | सिङपुच्छर | ना. | सिङ र पुच्छर; छेउ र टुप्पो; उठान र बैठान। |
| 88983 | सिङार | ना. | सिँगार। |
| 88984 | सिङार पटार | ना. | सिँगारपटार। |
| 88985 | सिङाराइ | ना. | सिङार्ने भाव वा क्रिया। |
| 88986 | सिङारु | ना. | सिँगारु। |
| 88987 | सिङारिनु | अ.क्रि. | सिँगारिनु। |
| 88988 | सिङारे | वि. | सिँगारे। |
| 88989 | सिङ्गमरमर / सिङ्गमर्मर | ना. | सङ्गमरमर। |
| 88990 | सिङ्गी | ना. | सासले तानेर शरीरको कुनै अङ्गमा भएको वात वा रक्तविकार हटाउने सिङ वा त्यस्तै आकारको कुनै ढुङ्ग्रो। |
| 88991 | सिङ्गुलै | क्रि.वि. | १. खास आफैँ; स्वयम्। |
| 88992 | सिङ्गुलै | क्रि.वि. | २. सिङ्गो नै; सिङ्गै। |
| 88993 | सिङ्गे माछो | ना. | जिउमा कत्ला हुने रातोरातो माछो। |
| 88994 | सिङ्गो | वि. | १. शिरपुछार सबै भएको; पूरै अङ्ग भएको; सग्लो। |
| 88995 | सिङ्गो | वि. | २. एक मात्र; केवल; एक। |
| 88996 | सिङ्गो | वि. | ३. नफोरेको; नखोटिएको; अखण्डित। |
| 88997 | सिङ्घसन | ना. | प्रायः हरियो रङको एक प्रकारको बहुमूल्य पत्थर। |
| 88998 | सिङ्घा | ना. | बिहा, व्रतबन्ध आदि उत्सवहरूमा विशेषतः थारूसमाजमा प्रचलित, फुकेर बजाइने नरसिङ्गाका आकारको सानो बाजा। |
| 88999 | सिङडा | ना. | हे. सिँगडा। |
| 89000 | सिङान | ना. | हे. सिँगान। |