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| 16651 | कोक्रो | ना. | ४. माछा समाउन बुनेको सानो ढडिया; माछा थाप्ने टोकरी। |
| 16652 | कोक्ल्याँटो | वि. | परिस्थिति र व्यवहारको वास्ता नगरी आफ्नै सुरले वा एकोहोरो पाराले चल्ने; लट्ठक; नासमझ; अबुझ; कोग्ल्याँटो। |
| 16653 | कोख | ना. | १. नारीजातिको पाठेघर; गर्भाशय; गर्भस्थली। |
| 16654 | कोख | ना. | २. शरीरका दायाँबायाँ काखीभन्दा तल र कमरभन्दा माथि रहेको भाग; कोखो। |
| 16655 | कोखा १ | ना. | देवताको प्रसादस्वरूप लगाइने रातो वा पहेँलो धागाको माला; रक्षासूत्र। |
| 16656 | कोखा २ | ना. | कोखोको बहुवचन रूप; दुवै पाटाको कोखो। |
| 16657 | कोखाको घा | ना. | कोखाको घाउ। |
| 16658 | कोखाको घाउ | ना. | १. आफैँले पूरा स्नेहसाथ संरक्षण गर्नुपर्ने सन्तान; छोराछोरी। |
| 16659 | कोखाको घाउ | ना. | २. सन्तानको शोकसुर्ता। |
| 16660 | कोखी | ना. | कोखाको सानो भाग; कोखो। |
| 16661 | कोखे | वि. | १. कोखामा भएको; कोखापट्टिको वा कोखाको। |
| 16662 | कोखे | वि. | २. एउटै कोख वा कोखाबाट पैदा भएको (जस्तो- कोखे दाजु, कोखे भाइ, कोखे दिदी, कोखे बहिनी इ. )। |
| 16663 | कोखे घाउ | ना. | कोखाको घाउ; सन्तानको शोकसुर्ता। |
| 16664 | कोखे चोइली | ना. | कसौँडी आदिको कोखाबाट पन्युँले भात पस्कँदा आउने चपरी; ठुलो चोइली। |
| 16665 | कोखे सारङ्गी | ना. | चारवटा नहर लागेको सानो खालको सारङ्गी बाजा। |
| 16666 | कोखेलो | ना. | कोखाको भाग; काखी। (उदा.- यो दुःख मेरो भाउजूले सुने कोखेलो बजाउलिन् - लोकगीत। ) |
| 16667 | कोखो | ना. | १. अगाडिका आङको दायाँबायाँ पर्ने कमरमाथि र कमरमुनिको भाग वा कोल्टे पाटो; काखीमन्तिरको मर्म पर्ने ठाउँ। |
| 16668 | कोखो | ना. | २. कसौँडी आदि भाँडाका भित्तापट्टिको ठाउँ। |
| 16669 | कोखो बजाउनु | टु. | अरूको नाश वा अवनति देखेर खुसी मनाउनु। |
| 16670 | कोग्ल्याँटो | वि. | आफ्नै तरङ्ग वा सुरमा चल्ने; अधबेस्रो; कोक्ल्याँटो। |
| 16671 | कोगिटा | ना. | १. खैरो रङको कपास फल्ने एक प्रकारको कपासको बोट। |
| 16672 | कोगिटा | ना. | २. त्यसै बोटको कपासबाट बुनिएको कपडा। |
| 16673 | कोगिटा | ना. | ३. पहेँलो र खैरो मिसिएजस्तो रङ। |
| 16674 | कोच्नु | स. क्रि. | १. मन नपरीकन पगितो हुने गरी खानु। |
| 16675 | कोच्नु | स. क्रि. | २. अटाईनअटाई हुने गरी खाँद्नु। |
| 16676 | कोचकाच | ना. | एकै ठाउँमा ठेस्ने वा ठेल्ने काम; खाँदखुँद। |
| 16677 | कोचल्नु | स.क्रि. | हे. कोचेल्नु। |
| 16678 | कोचलाइ | ना. | कोचेल्ने काम वा प्रक्रिया। |
| 16679 | कोचलिनु | क.क्रि. | कोचल्ने काम गरिनु। |
| 16680 | कोचवान | ना. | १. बग्गी हाँक्ने चालक वा सवार |
| 16681 | कोचवान | ना. | २. टाँगावाला। |
| 16682 | कोचाइ | ना. | कोच्ने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 16683 | कोचाइनु | क.क्रि. | कोच्न लगाइनु। |
| 16684 | कोचाउनु | प्रे. क्र. | जबर्जस्ती खुवाउनु; बेसरी खाँद्न लगाउनु। |
| 16685 | कोचाकोच | ना. | परस्परमा वा जथाभावी र अव्यवस्थित पाराले कोच्ने काम; बेसरी हुल्ने काम; खाँदाखाँद। |
| 16686 | कोचार्नु | स. क्रि . | कुनै वस्तु एकै ठाउँमा अटाईनअटाई हुने गरी खाँद्नु; कोच्नु। |
| 16687 | कोचारिनु | क.क्रि. | कोचार्ने काम गरिनु; खाँदेर हालिनु। |
| 16688 | कोचारो | ना. | एकै ठाउँमा झुम्मिने वा खाँदाखाँद गरिने ढङ्ग; घचारो; घुइँचो; साँघुरो। |
| 16689 | कोचेलो | ना. | बिचमा अरूको बिगार हुने गरी निहुँ झिक्ने वा बिथोल्न खोज्ने काम; कचिङ्गल; हुँडलो; झैझगडा। |
| 16690 | कोचेल्नु | स. क्रि. | मुछिने खानेकुरो वा कुनै तरल वस्तु घिन लाग्ने किसिमले चलाउनु; हात हालेर हल्लाउनु; कोचल्नु; हँडल्नु; गिजोल्नु। |
| 16691 | कोचेलाइ | ना. | कोचेल्ने काम वा प्रक्रिया। |
| 16692 | कोचेलिनु | क.क्रि. | कोचेल्ने काम गरिनु; हुँडलिनु; गिजोलिनु। |
| 16693 | कोच्छे | ना. | दौराकै जस्तो फेर हुने र तुना बाँध्नुपर्ने एक पोसाक; लबेदाका छाँटको आङको लुगा। |
| 16694 | कोजागर | ना. | आश्विन शुक्ल पूर्णिमाको दिन गरिने लक्ष्मीको व्रत, उत्सव। |
| 16695 | कोजाग्रत | ना. | आश्विन शुक्ल पूर्णिमाको दिन; त्यसै रात गरिने पूजाव्रत। |
| 16696 | कोजानि | अव्य. | को जान्दछ वा थाहा छैन भन्ने आशयले अनिश्चय जनाउने शब्द; कुन्नि। (उदा.- उनको घरमा कोजानि कसले भएनभएको कुरो लाइदिएछ, लोग्नेस्वास्नीमै झगडा परेर छुट्टी छ)। |
| 16697 | कोट १ | ना. | दौरा वा कमिजभन्दा बाहिर लगाइने, अघिल्तिर खुला भएको र भित्रबाहिर बगली राखिएको बाहुलादार पोसाक; उत्तरीय पहिरन। |
| 16698 | कोट २ | ना. | १. प्राचीन कालमा राज्यको सीमासुरक्षाको व्यवस्था गर्ने ठाउँ; किल्ला; दुर्ग; गढी। |
| 16699 | कोट २ | ना. | २. चुली परेको र गढी तुल्याउन योग्य स्थान। |
| 16700 | कोट २ | ना. | ३. मौलो पुज्ने ठाउँ। |