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| 51 | अँजुल्नु | स.क्रि. | २. कुनै वस्तु अँजुलीमा भर्नु। | |
| 52 | अँजुल्नु | स.क्रि. | ३ दुइटा पसर जोड्नु; अँजुली पार्नु। | |
| 53 | अँजुली जोड्नु | टु. | बिन्तीभाउ गर्नु। | |
| 54 | अँजुली थाप्नु | टु. | नेहोरा गरी माग्नु। | |
| 55 | अँजुली दिनु | टु. | मृत्युसंस्कारअन्तर्गत मरेका व्यक्तिको सम्झनामा अँजुलीभरि तिलकुशसहित पानी दिनु। | |
| 56 | अँटाइ | ना. | आँट्ने काम वा प्रक्रिया। | |
| 57 | अँठिनु | अ.क्रि. | १. अर्काको पन्जाभित्र पुग्नु; परवश हुनु। | |
| 58 | अँठिनु | अ.क्रि. | २. कुनै बन्धनले च्यापिनु, कसिनु वा मस्किनु। | |
| 59 | अँठिया | ना. | गुदीमा मरिचजस्ता काला दाना र बोक्रामा कपासको बियाँमा हुने जस्तो झुस लाग्ने एक जातको केरा। | |
| 60 | अँठ्याइ | ना. | अँठ्याउने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 61 | अँठ्याइनु | क.क्रि. | अँठ्याउने काम गरिनु; करेपिनु। | |
| 62 | अँठ्याउनु | स.क्रि. | १. नउम्कने गरी दह्रोसँग समाउनु; जोडले निचोर्नु वा थिच्नु। | |
| 63 | अँठ्याउनु | स.क्रि. | (उदा.- भाइचाले साथीको घोक्रो अँठ्यायो।) २. अरू कसैलाई आफ्नो पन्जामा पार्नु; करेप्नु (उदा.- दाजुले कुरामा अँठ्याएकाले उनी केही बोल्न सकेनन् )। | |
| 64 | अँडि(डी)र | ना. | कथ्य. अँडिल। | |
| 65 | अँडि(डी)र | ना. | १. सातकुने पात भएको, झुप्पामा फल फल्ने, रातो वा सेतो डाँठ भएको, फलबाट तेल निकालिने र पातचाहिँ रेसमका किरालाई खुवाइने एक जातको बोट। | |
| 66 | अँडि(डी)र | ना. | २. त्यसै वनस्पतिको फल। | |
| 67 | अँडि(डी)र | ना. | (यस फलको तेल जुलाफका निम्ति प्रयोग गरिन्छ।)। | |
| 68 | अँडुवा | वि. | १. जहरवात भई वा स्वतः ठुला आँडा हुने; ठुलो अण्डकोष भएको; आँडावाल; आँडे। | |
| 69 | अँडुवा | वि. | २. खसी नपारेको; नसुमरेको (साँढे, बहर, बोको, घोडो आदि)। | |
| 70 | अँडेरी , अँडेल | [ना.] | ‘अँडीर’ को अपभ्रंश शब्द l। | |
| 71 | अँत | हो त l अनि l अँ त नि l। | ||
| 72 | अँतनि | [अव्यय.] | पूर्ण समर्थन र जोड दिँदाको अव्ययवाची शानदा l अँ त l हो त l हो त नि l त भन्या l। | |
| 73 | अँतेर्नु | स.क्रि. | १. कसैलाई लखेट्तै छेक्तै लगी भित्तो, कुनुवा अप्ठ्यारोमा पुयाई वशमा पार्नु; कसैलाई लडाई शरीरका खास खास भागमा घुँडाले टेकी हलचल गर्न नदिई कायल पार्नु। | |
| 74 | अँतेर्नु | स.क्रि. | २. यातना दिई अत्याउनु। | |
| 75 | अँतेराइ | ना. | अँतेर्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 76 | अँतेरिनु | अ.क्रि. | अँतेर्ने काम गरिनु; अँचेटिनु। | |
| 77 | अँधेर | ना. | प्रकाशको अभावमा वस्तुको यथार्थ ज्ञान नभए जस्तै समाजमा वा राज्यमा विवेक विचारशून्य भई अन्धकार भएको अवस्था; न्यायनिसाफ हुन नसकेको र कर्तव्य अकर्तव्य वा असलखराबको छ्यानविचार नभई जथाभाबी भएको स्थिति; विभिन्न प्रकारले भएको अन्धकारको व्याप्ति; दृष्टिविहीनता; अन्धेर (उदा.- यहाँ दिउँसै अँधेर भयो। यस्तो अँधेर सहन सकिँदैन।)। | |
| 78 | अँधेर | ना. | वि. २. अँधेरो; अन्धकार। | |
| 79 | अँधेरी | ना. | १. सधिएका हात्ती, घोडा आदिको आँखामा लगाइने पर्दा। | |
| 80 | अँधेरी | ना. | वि. २. कृष्णपक्षको; कालो; घाम नछिरी अँध्यारो हुने (अँधेरी रात, अँधेरी खोला, अँधेरी पाखा, अँधेरी वन इ.)। | |
| 81 | अँधेरो | ना. / वि. | अन्धकार; अँध्यारो। | |
| 82 | अँध्यार | ना. / वि. | अँध्यारो। | |
| 83 | अँध्यार खाउडे/खाउडो | वि. | अँध्यारमुखे। | |
| 84 | अँध्यारमुखे | वि. | अँध्यारो मुख भएको वा अँध्यारो मुख लाउने; घोसे। | |
| 85 | अँध्याराको जँघार | टु. | भेउ नपाई गरिएको काम। | |
| 86 | अँन्ध्यरिनु | क्रि. | अन्धकार हुनु l अँध्यारो हुनु l अन्यायमा पर्नु l पतनतिर लग्नु l। | |
| 87 | अँध्यारी | वि. | अँध्यारो l औंसी पक्षको (रात) l कृष्णपक्षको l। | |
| 88 | अँध्यारो | ना. | १. प्रकाशको अभाव; उज्यालाको अभाव; मलिनता। | |
| 89 | अँध्यारो | ना. | वि. २. उज्यालो नभएको; निस्तेज; उज्जर नभएको; मड्किलो। | |
| 90 | अँध्यारो | ना. | (उदा.- अँध्यारो मुख लाउनु; मन अँध्यारो हुनु; यो लुगाको रङ अँध्यारो छ इ )। | |
| 91 | अँध्यारो | ना. | ) अँध्याराको काम, खोलाको गीत (उखान)। | |
| 92 | अँ नाइँ | अव्यय. | विरोध दर्साउँदा प्रयोग हुने शब्द l अँ होइन l अँ हुन्न l। | |
| 93 | अँप | ना. | १. मर्दापर्दा दान गरिने अम्खोराको आकारको भाँडो। | |
| 94 | अँप | ना. | २. माटाको भाँडो। | |
| 95 | अँहँ | अव्यय. | नाईं l थाहा छैन l कुन्नि l जान्दिनँ l के थाहा पाउँ र l भन्दिनँ l होइन आदि निषेधार्थ बुझाउने शब्द l। | |
| 96 | अँ हुन्न | अव्यय. | नाइँ वा हुदैँ हुन्न वा किन हुन्न भनी विरोध दर्साउन प्रयोग हुने संयुक्त अव्ययधर्मी शब्द l अँ नाइँ l अँ हो l। | |
| 97 | अँ हो | अव्यय. | समर्थन वा स्वीकृति दर्साउन प्रयोग हुने शब्द l हो त l पूरा विरोध दर्साउन प्रयोग हुने शब्द l अँ नाइँ l हुँदै होइन l अँ होइन l। | |
| 98 | अँ होइन | अव्यय. | हुदै होइन वा पक्कै होलाको भाव बुझाउने अव्यय l अँ हो l। | |
| 99 | अं | देवनागरी वर्णमालाको पन्ध्रौँ स्वरवर्ण l संस्कृत-व्याकरणअनुसार स्वरवर्णको क्रममा आठौँ गुरुवर्ण l दशौँ स्वरवर्ण मानिएको र नेपाली दीर्घ अक्षरको रूपमा उच्चारित हुने अंकार l अच् वर्णमा क्रमले पन्ध्रौँ स्थानी अक्षर भए पनि ‘अं’ उच्चारणसित ‘अ+म्’ पवर्गीय अनुनासिक व्यञ्जनको समावेश हुन जान्छ l स्वरवर्णको आदिम अक्षर ‘अ’ कै अन्तर्गत व्यंजन-मिश्रित ‘अं’ को धारणा बस्ने हुँदा सोको प्रतिनिधित्व गर्ने सांकेतिक लेख्यचिन्ह वा लिपिचिन्ह l। | ||
| 100 | अं | ने.अं./अव्य. | अंकार l थोरै l केही l अल्पमात्रामा l शीघ्रता l चाँडोपना l (यस अंकार अक्षरको स्वरभाग छुट्टयाई शेष ‘म्’ भाग चाहिँ व्यञ्जन मानिएको र ‘म्’ कै वर्ग पवर्गमा ‘म्’ वा अनुस्वार हुने हुँदा अन्यत्र भने पछिल्ला वर्णकै वर्गीय अनुनासिक उच्चारणको रूपमा गृहीत देखिन्छ l कवर्गमा- अङ्क, अङ्खट, अङ्ग l चवर्गमा- अञ्चल, अञ्जन l टवर्गमा- अण्टसण्ट, अण्ड l तवर्गमा- अन्त, अन्दाज, अन्ध, अन्न l पवर्गमा- अम्ब (अंब), अम्भर (अंभर), अम्मर (अम्बर) l अन्तस्थ वर्णमा –अम्य, अम्र, अम्ल l ऊष्म वर्णमा –अंश (अंष), अंस र सामान्यतया अर्ध नकार (न्, न) कै प्रयोग प्रचलित देखिन्छ l यस अतिरिक्त मुद्रण-सुगमताअनुसार प्राय: प्रयोग पाइन्छ) l [न.] परब्रह्म, परमात्मा, विन्दुमात्र देखिने अनुनासिक वर्ण, पंचशस्वर l। |