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| 8651 | उग्रता | ना. | २. वीर रसमा पाइने व्यभिचारी भावको एक भेद । |
| 8652 | उग्रतारा | ना. | दश महाविद्यामध्ये एक विद्या; एक प्रसिद्ध तारा । |
| 8653 | उग्रपन्थी | वि. | सामान्यभन्दा विपरीत बाटामा हिँड्ने; चलेको व्यवस्था वा सिद्धान्तको चर्को प्रतिरोध गर्ने; विपरीत सिद्धान्तको चरमपन्थी । |
| 8654 | उग्रवाद | ना. | हत्या, लुटजस्ता अशान्ति मच्चाएर पनि आर्थिक समानता ल्याउन चाहने वाद वा सिद्धान्त । |
| 8655 | उग्रवादी | वि. | त्यस्तो सिद्धान्तमा लाग्ने; प्रतिगामी । |
| 8656 | उग्राइ | ना. | उग्राउने काम वा प्रक्रिया । |
| 8657 | उग्राइनु | क.क्रि. | उग्राउने काम गरिनु; पागुर मारिनु । |
| 8658 | उग्राउनु | स.क्रि. | १. गाई, भैँसी आदि पशुले निलिसकेको घाँस, पराल आदि फेरि मुखमा फर्काई चपाउनु; पागुर मार्नु । |
| 8659 | उग्राउनु | स.क्रि. | २. ज्यादा खानु; धेरै खानु । |
| 8660 | उग्लनु | अ.क्रि. | १. पित्तल, तामा आदि धातुका भाँडामा अमिलो वस्तु परेर नराम्रो दाग बस्नु; उगाल निस्कनु । |
| 8661 | उग्लनु | अ.क्रि. | २. सर्वनाश हुनु; निर्मूल हुनु । |
| 8662 | उग्लनु | अ.क्रि. | ३. नमिल्दो मिश्रण वा यस्तै विकृतिले रङमा विकार देखिनु । |
| 8663 | उग्लाइ | ना. | उग्लने काम वा प्रक्रिया । |
| 8664 | उग्लाइनु | क.क्रि. | उग्लने पारिनु; उग्लन लाइनु; उगालिनु । |
| 8665 | उग्लाउनु | प्रे. क्रि. | उग्लन लाउनु; उग्लने पार्नु । |
| 8666 | उग्लिँदो | वि. | उग्लिएको; तमतमिएको; बेस्वादको । |
| 8667 | उग्लिनु | अ.क्रि. | १. उग्लनु । |
| 8668 | उग्लिनु | अ.क्रि. | २. उग्लने होइनु । |
| 8669 | उघल | ना. | ठुलो गोलो काठको हुँडमा मोटो र डोलो काठकै बियोद्वारा फुलो च्यापी त्रिकाठीद्वारा घुमाएर वा बटारेर तेल पेल्ने साधन; ओख्ले कोल; घुमुवा कोल । |
| 8670 | उघाइ | ना. | उघाउने क्रिया वा प्रक्रिया । |
| 8671 | उघाइनु | क.क्रि. | उघाउने काम गरिनु; उभाइनु । |
| 8672 | उघाउनु | स.क्रि. | १. अञ्जुली गाडेर वा भाँडो डुबाएर पानी, अन्न आदि झिक्नु; उभाउनु । |
| 8673 | उघाउनु | स.क्रि. | २. अलिअलि गरी धेरै जनाबाट नगद वा जिन्सी जम्मा गर्नु । |
| 8674 | उघाउनु | स.क्रि. | ३. यथाशक्य आवश्यक खर्चसमेत कटौती गरी पैसा जोगाउनु । |
| 8675 | उघाउनी | ना. | १. पानी आदि उघाउने भाँडो । |
| 8676 | उघाउनी | ना. | २. एकपल्ट उभाएर भाँडामा झिकेको वस्तु । |
| 8677 | उघाउनी | ना. | ३. चन्दा वा दान उभाएर जम्मा पार्ने काम; सङ्ग्रह । |
| 8678 | उघाउनी | ना. | ४. साउने सङ्क्रान्ति, फागुजस्ता पर्वमा प्रायः गाउँघरतिर उठाइने नगद वा जिन्सी । |
| 8679 | उघाउनी | ना. | ५. योग; योगदान वि. |
| 8680 | उघाउनी | ना. | ६. बचेको; बाँकी रहेको । |
| 8681 | उघाउनीपुघाउनी | ना. | गाउँघरका रैतीहरूले तिर्नुपर्ने साउने, फागु आदि रकम उठाई माल कार्यालयमा बुझाउने काम । |
| 8682 | उघार्नु | स.क्रि. | १. आवरण वा खोल हटाउनु; खोल्नु; खुला पार्नु । |
| 8683 | उघार्नु | स.क्रि. | २. ढप्काएको खापा आदिलाई घुचेडेर एक कुनामा पुऱ्याउनु; ह्वाङ्ङ पार्नु । |
| 8684 | उघाराइ | ना. | उघार्ने क्रिया वा प्रक्रिया । |
| 8685 | उघारिनु | क.क्रि. | उघार्ने काम गरिनु । |
| 8686 | उघारो | वि. | १. कहीँ कतै पनि बारबन्देज वा छेकथुन केही नभएको; चारैतिर खुला रहेको ( ठाउँ) । |
| 8687 | उघारो | वि. | २. सबैतिर निकास भएको (जग्गा) । |
| 8688 | उघारो | वि. | ३. झरी, बादल, तुवाँलो आदि नभएको ( दिन); खुलेर घाम लागेको । |
| 8689 | उघ्रँदो | वि. | उघ्रन लागेको; उघ्रिएको; खुल्दो; छ्याङ्ङ । |
| 8690 | उघ्रनु | अ.क्रि. | १. ढोकाको खापा आदि खुलेको हुनु; उधारो हुनु; खुल्नु । |
| 8691 | उघ्रनु | अ.क्रि. | २. झरी, बादल आदि केही नभई दिन उज्यालो हुनु; आकाशमा बादल फाट्नु । |
| 8692 | उघ्रनु | अ.क्रि. | ३. राम्रो देखिनु; सुहाउनु । |
| 8693 | उघ्रनु | अ.क्रि. | ४. सफा हुनु; कञ्चन देखिनु । |
| 8694 | उघ्राइ | ना. | उघ्रने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया । |
| 8695 | उघ्राइनु | क.क्रि. | उघार्ने काम गरिनु; उघ्रन लाइनु । |
| 8696 | उघ्राउनु | प्रे. क्रि. | उघारो पार्नु; उघ्रन लाउनु; उघार्नु। |
| 8697 | उघ्रिनु | अ.क्रि. | उघ्रनु । |
| 8698 | उङ्नु | अ.क्रि. | बस्दाबस्दै निद्राले झुल्नु; उँग लाग्नु । |
| 8699 | उङ | ना. | निद्राले लट्ठ्याएको स्थिति; निद्राको तन्द्रा; उँग । |
| 8700 | उङाइ | ना. | उङ्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया । |