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| 91901 | स्फुटित | वि. | २. फूलका रूपमा परिणत भएको। |
| 91902 | स्फुरण | ना. | १. मनमा अस्पष्ट भएको कुरा अकस्मात् फुर्ने काम; भाव वा विचारको फुराइ। |
| 91903 | स्फुरण | ना. | २. फरफराइ। |
| 91904 | स्फुरण | ना. | ३. स्पष्ट हुने वा छर्लङ्गिने क्रिया। |
| 91905 | स्फुरित | वि. | १. स्फुरण भएको; फुरेको। |
| 91906 | स्फुरित | वि. | २. फुरफुर गरेको। |
| 91907 | स्फुरित | वि. | ३. मनमा आएको; विचारमा सुकेको। |
| 91908 | स्फुलिङ्ग | ना. | १. आगाको सानो कोइलो; फिलिङ्गो; झल्को। |
| 91909 | स्फुलिङ्ग | ना. | २. कलह, रोग, प्रकोप आदिको सानो बिउ। |
| 91910 | स्फूर्ति | ना. | १. शरीरमा आउने हौसला र हलुङ्गोपन; काम गर्ने जाँगर; फुर्ती। |
| 91911 | स्फूर्ति | ना. | २. फरफराउने काम; फरफराइ। |
| 91912 | स्फूर्ति | ना. | ३. अभिमान; घमन्ड; सेखी। |
| 91913 | स्फोट | ना. | १. बाहिरी आवरण फारेर कुनै वस्तु बाहिर निस्कने काम; फुटाइ। |
| 91914 | स्फोट | ना. | २. प्रत्यक्ष हुने काम; प्रकटीकरण। |
| 91915 | स्फोट | ना. | ३. शरीरमा निस्कने फोको वा खटिरो। |
| 91916 | स्फोट | ना. | ४. शब्द सुनेर मनमा उत्पन्न हुने विचार; शब्दरूप ब्रह्म। |
| 91917 | स्फोट | ना. | ५. नित्य शब्द ( मीमांसा )। |
| 91918 | स्फोटन | ना. | १. फुट्ने वा फोर्ने काम; विदारण। |
| 91919 | स्फोटन | ना. | २. व्यक्तगराइ; प्रकट। |
| 91920 | स्मगलर | ना. | बिक्रीवितरणमा रोक लागेका मूर्ति, चरेस, गाँजाजस्ता निषिद्ध वस्तुको चोरी निकासी- पैठारी गर्ने र कर आदि छलेर अवैध तरिकाले व्यापार गर्ने व्यक्ति। |
| 91921 | स्मगलिङ | ना. | अवैध वस्तुको गैरकानुनी ढङ्गबाट निकासी, पैठारी, बिक्रीवितरण आदि गर्ने काम। |
| 91922 | स्मरण | ना. | १. मनमा रहेको कुनै पनि विषयको फेरि ध्यान वा विचारमा आउने काम; सम्झना; याद। |
| 91923 | स्मरण | ना. | २. आराध्य देवतालाई बारम्बार सम्झने काम; नवधा भक्तिमध्ये एक। |
| 91924 | स्मरण | ना. | ३. साहित्यमा कुनै एउटा वस्तुलाई देखेर अर्को वस्तुको स्मरण हुँदा पर्ने एक अर्थालङ्कार। |
| 91925 | स्मरणपत्र | ना. | १. पहिले भएको घटना, प्रसङ्ग आदिलाई पुनः ताजा गराउनका लागि सम्झौटोका रूपमा लेखेर दिइने पत्र; स्मृतिपत्र । |
| 91926 | स्मरणपत्र | ना. | २. पछि नभुलियोस् भनी सजिलाका लागि लेखिने पत्र; सम्झौटो । |
| 91927 | स्मरणशक्ति | ना. | सम्झने शक्ति; कुनै कुरालाई नभुली अड्याइरहने शक्ति। |
| 91928 | स्मरणार्थ | वि. | सम्झनाको प्रयोजन भएको; सम्झनाका लागि। |
| 91929 | स्मरणीय | वि. | सम्झना गर्न लायक; भुल्न नहुने; सम्झनुपर्ने। |
| 91930 | स्मारक | ना. | कसैलाई वा कुनै विषयलाई सम्झाउन वा नबिर्सनका निम्ति बनाइने खास वस्तु (स्तम्भ, सालिक, भवन, ग्रन्थ, संस्था आदि)। |
| 91931 | स्मारक क्षेत्र | ना. | विगतका कुरा, ऐतिहासिक महत्त्वका घटना आदि स्मरण गराउन कुनै स्तम्भ वा केही सङ्केतक वस्तु स्थापना गरिएको ठाउँ। |
| 91932 | स्मारक ग्रन्थ | ना. | कुनै विद्वान्, नेता, महापुरुष आदिको महत्त्वलाई सम्झनामा आलै राख्ने दृष्टिले तयार गरिएको ग्रन्थ। |
| 91933 | स्मारिका | ना. | १. कुनै महत्त्वपूर्ण कुरा, व्यक्ति वा स्थान आदिको स्मरणार्थ तयार गरिएको चिह्नस्वरूप वस्तु। |
| 91934 | स्मारिका | ना. | २. त्यसैसित सम्बन्धित विशेषतः विवरणात्मक तथा सचित्र पुस्तिका (सोभेनियर)। |
| 91935 | स्मारिका | ना. | ३. स्मरणपत्र। |
| 91936 | स्मार्त | वि. | १. स्मृतिसम्बन्धी; स्मृतिको। ना. |
| 91937 | स्मार्त | वि. | २. स्मृतिको अनुसरण गर्ने व्यक्ति; स्मृतिको अनुयायी। |
| 91938 | स्मार्त | वि. | ३. स्मृतिविहित ग्रन्थ। |
| 91939 | स्मार्त | वि. | ४. स्मृतिको ज्ञाता; धर्मशास्त्रज्ञ। |
| 91940 | स्मित | ना. | १. दाँत नदेखिने र आवाज ननिस्कने हिसाबले हाँसिने हाँसो; हलुका मिठो हाँसो; मुस्कुराहट। वि. |
| 91941 | स्मित | ना. | २. मुस्कुराएको; हाँसेको। |
| 91942 | स्मित | ना. | ३. विकसित; फुलेको। |
| 91943 | स्मितवदना | वि. | हँसिलो अनुहार भएकी (स्त्री)। |
| 91944 | स्मिति | वि. | मन्द हास; मुस्कुराहट; मुस्कान। |
| 91945 | स्मृत | वि. | स्मरण गरिएको; सम्झना भएको; याद गरिएको। |
| 91946 | स्मृति | ना. | १. स्मरण; सम्झना; हेक्का। |
| 91947 | स्मृति | ना. | २. साहित्यमा, बिर्सिएको वा पुरानो कुरा सम्झना गराउँदा हुने एक सञ्चारी भाव। |
| 91948 | स्मृति | ना. | ३. ऋषिमुनिहरूद्वारा रचित धर्म, दर्शन, आचार, व्यवहार, शासन, नीति आदिसित सम्बन्धित धर्मशास्त्र। |
| 91949 | स्मृति | ना. | ४. उक्त अठार प्रकारका मुख्य ग्रन्थका आधारमा अठारको सङ्ख्यासूचक शब्द। |
| 91950 | स्मृतिकार | ना. | स्मृति वा धर्मशास्त्रका रचयिता (विशेषतः अठार प्रसिद्ध स्मृतिकार हुन्- मनु, याज्ञवल्क्य, अत्रि, विष्णु, हारीत, बृहस्पति, उशनस्, अङ्गिरा, यम, कात्यायन, पराशर, व्यास, दक्ष, आपस्तम्ब, गौतम, वशिष्ठ, नारद र भृगु )। |