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| 12251 | कणिका | ना. | ज्यादै सानो कण; कण। |
| 12252 | कणेल | ना. | करवीरको फूल। |
| 12253 | कणेली | ना. | घोडाको लगाम; करेली। |
| 12254 | कण्टक | ना. | १. कुनै कुनै (गुलाफ, सिमल, नीलकाँडा इ.) का अवयवमा हुने घोचुवा सुइरे अङ्ग; काँडो। |
| 12255 | कण्टक | ना. | २. फलाम आदि धातुबाट निर्मित वस्तु (काँटी, किल्ला इ.)। |
| 12256 | कण्टक | ना. | ३. कुनै कार्य (यात्रा, काम, लक्ष्य इ.) मा पर्ने विघ्न वा सो विघ्न उपस्थित पार्ने व्यक्ति, वस्तु वा स्थिति; विघ्न; व्यवधान। वि. |
| 12257 | कण्टक | ना. | ४. लोभी; किरनटोकी। |
| 12258 | कण्टकारी | ना. | पात र डाँठमा काँडा हुने, ससाना सेता वा निला फूल फुल्ने, पहेँलो बाटुलो फल फल्ने एक प्रकारको बोट वा त्यसको फल; कच्चिडो। |
| 12259 | कण्ठ | ना. | १. खकाल्नु र मेरुदण्डको सिरानदेखि लिएर चिउँडो र खोप्रेबुढीसम्मको शारीरिक (खास मान्छेको) अवयव; घिच्रो; गलो, गर्धन, घोक्रो इ. को सामूहिक नाम; घाँटी। वि. |
| 12260 | कण्ठ | ना. | २. आउँदो भएको (पाठ, कविता इ.); मुखाग्र, कण्ठस्थ। |
| 12261 | कण्ठतालव्य | वि. | कण्ठ र तालुबाट उच्चारण हुने (ए, ऐ आदि वर्ण)। |
| 12262 | कण्ठनली | ना. | कण्ठपेटारीमा आएर टुङ्गिने फोक्साको भेट्नु; श्वासनली। |
| 12263 | कण्ठपेटारी | ना. | घाँटीको रुद्रघण्टीका समीपको भाग, जसले श्वासनलीको टुप्पामा रहेको स्वरचिम्टीको सुरक्षा गरी स्वर र व्यञ्जनवर्णको निर्धारण तथा व्यञ्जनवर्णको घोषीभवनमा गुञ्जन उत्पन्न गर्न स्वरचिम्टीलाई सघाउँछ। |
| 12264 | कण्ठमणि | ना. | १. घाँटीमा लगाउने गहनाको एक प्रकार। |
| 12265 | कण्ठमणि | ना. | २. घोडाको घाँटीमा हुने भुँवरी। |
| 12266 | कण्ठमाला | ना. | १. घाँटीमा लगाउने गहनाको एकप्रकार; कण्ठश्री। |
| 12267 | कण्ठमाला | ना. | २. घाँटीमा पलाउने मासुको फोकुन्डो वा सो फोकुन्डो पलाउने रोग; गाँड; गलगण्ड। |
| 12268 | कण्ठशोथ | ना. | घाँटी सुन्निने कुनै पनि रोग। |
| 12269 | कण्ठश्री | ना. | घाँटीमा लगाइने एक प्रकारको सुनको गहना; कण्ठमाला। |
| 12270 | कण्ठस्थ | वि. | १. आउँदो भएको (पाठ इ.); कण्ठाग्र। |
| 12271 | कण्ठस्थ | वि. | २. घाँटीमा रहेको; कण्ठमा रहेको। |
| 12272 | कण्ठहार | ना. | १. प्रायः उच्च घरानका महिलाले घाँटीमा लगाउने मालाका आकारको गहना ( नेकलेस )। |
| 12273 | कण्ठहार | ना. | २. घाँटीमा लगाइने मालाका आकारको कुनै पनि गहना (कण्ठश्री, कण्ठमाला, तिलहरी इ.)। |
| 12274 | कण्ठा | ना. | १. सुनले मोरेको २७ वा ३२ दानाको रुद्राक्षको माला। |
| 12275 | कण्ठा | ना. | २. पशुपक्षीको घाँटीमा हुने ( भिन्न भिन्न रङको ) रेखा; कण्ठी। |
| 12276 | कण्ठा | ना. | ३. त्यस्तो रेखा भएको पशुपक्षी। |
| 12277 | कण्ठाग्र | वि. | हे. कण्ठस्थ। |
| 12278 | कण्ठी | ना. | १. सानो कण्ठा। |
| 12279 | कण्ठी | ना. | २. तुलसीको डाँठको सानो माला। |
| 12280 | कण्ठे | वि. | १. घाँटीमा अर्धचन्द्राकार रेखा भएको (पशु वा पक्षी)। |
| 12281 | कण्ठे | वि. | २. कण्ठसम्बन्धी; कण्ठको (घाँटीको)। |
| 12282 | कण्ठे | वि. | ३. कण्ठावाल वा कण्ठीवाल। |
| 12283 | कण्ठे काग/कौवा | ना. | घाँटीमा सेतो कण्ठी भएको काग। |
| 12284 | कण्ठ्य | वि. | १. कण्ठसम्बन्धी; घाँटीको। |
| 12285 | कण्ठ्य | वि. | २. कण्ठबाट उच्चरित हुने (क, ख, ग, घ, ङ, अ आदि वर्ण)। |
| 12286 | कण्ठ्योष्ठ्य | वि. | कण्ठ र ओष्ठबाट उच्चारण हुने (ओ, औ इ. वर्ण)। |
| 12287 | कण्डारक | ना. | लोकविश्वासअनुसार लुतो आदि रोगको कारण मानिएको एक पौराणिक मानवेतर दुष्ट, रहस्यमय प्राणी ( यसलाई मन्छाउन साउने सङ्क्रान्तिका दिन साँझमा विशेष प्रकारले पूजा गरी लुतो फालेर सेलाइन्छ।)। |
| 12288 | कण्डिका | ना. | १. वेदको ऋृचा। |
| 12289 | कण्डिका | ना. | २. भाषिक रचनाको वाक्यभन्दा बृहत् तर अध्याय आदिभन्दा सानो विशेष स्वरूप; कथनको एक अंश, अनुच्छेद; प्याराग्राफ। |
| 12290 | कण्डोल | ना. | १. अनाज राख्ने चोयाले बनेको एक प्रकारको भाँडो। |
| 12291 | कण्डोल | ना. | २. भण्डार, गोदाम। |
| 12292 | कतरन | ना. | १. कागत, कपडा आदि कत्रिँदा निस्केका टुक्रा, धरा वा धुजा। |
| 12293 | कतरन | ना. | २. कत्रने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 12294 | कतर्नु | ना. | नेपाली सुजीकारले प्रायः गाउँघरतिर प्रयोग गर्ने, परम्परागत फलामे कैँचीको एक प्रकार। |
| 12295 | कतली | ना. | निधारमा टाँसेर लगाइने काँच, प्लास्टिक आदिको टिको; टिकुली। |
| 12296 | कता | क्रि.वि. | कतातिर; कुन दिशातिर; कसतर्फ। |
| 12297 | कताइ | ना. | धागो आदि कात्ने किसिम, क्रिया वा भाव। |
| 12298 | कताइनु | क.क्रि. | कात्न लाइनु; धागो बनाउन लाइनु। |
| 12299 | कताइ बुनाइ | ना. | कात्नेबुन्ने काम शिल्प (धागो, सुइटर, गन्जी, मोजा इ.)। |
| 12300 | कताउनु | प्रे.क्रि. | कात्न लाउनु; धागो बनाउन लाउनु। |