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| 40001 | दगुर्नु | अ.क्रि. | ३. चाँडो हुनु; नरोकिनु। |
| 40002 | दगुराइ | ना. | दगुर्ने काम वा किसिम। |
| 40003 | दगुराइनु | क.क्रि. | दगुर्न लाइनु; दौडाइनु। |
| 40004 | दगुराउनु | प्रे. क्रि. | दगुर्न लगाउनु; दौडाउनु। |
| 40005 | दगुरादगुर | ना. | कुनै कामका निमित्त खुबै दौडादौड गर्ने काम; दौडधुप; कुदाकुद। |
| 40006 | दगुरिनु | अ.क्रि. | दगुर्ने होइनु; कुदिनु। |
| 40007 | दग्गडदागड | ना. | रौरा अर्थात् नाचगान सिकाउने वा उठाउने मुख्य व्यक्तिले झिकेका गीतलाई छोप्ने समूह। |
| 40008 | दग्ध | वि. | १. डढेको; पोलेको; पिल्सिएको। |
| 40009 | दग्ध | वि. | २. दुःख पाएको; सताइएको;सन्तप्त। |
| 40010 | दग्ध | वि. | ३. दुर्भिक्षग्रस्त। |
| 40011 | दग्ध | वि. | ४. अशुभ। |
| 40012 | दग्ध | वि. | ५. सुक्खा; नीरस।६. दुष्ट। |
| 40013 | दग्धाक्षर | ना. | छन्दशास्त्रअनुसार कविता रचनामा अशुभ मानिने झ, भ, र, ष, ह पाँच अक्षर। |
| 40014 | दग्धिनु | अ.क्रि. | घामपानीमा तपेर वा भिजेर चर्को मेहनत गर्नाले बिरामी हुनु। |
| 40015 | दग्धी | ना. | घामपानी सहेर गरिएको कठोर परिश्रम। |
| 40016 | दग्धीको जरो / ज्वरो | ना. | त्यस्तो परिश्रमले आएको कडा ज्वरो। |
| 40017 | दग्ध्याइ | ना. | दग्धिने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 40018 | दग्ध्याइनु | क.क्रि. | दग्धिने पारिनु। |
| 40019 | दग्ध्याउनु | प्रे. क्रि. | दग्धिने पार्नु। |
| 40020 | दङदङ | क्रि.वि. | १. नराम्रो गन्ध वा दुर्गन्ध आउने गरी। |
| 40021 | दङदङ | क्रि.वि. | २. खुट्टा बजारेर हिँड्दा आवाज आउने गरी। |
| 40022 | दङदङ | क्रि.वि. | ३. सिरक, डसनाजस्तो मोटो नरम वस्तुमा केही साह्रो वस्तुले हिर्काउँदा आवाज निस्के झैँ । |
| 40023 | दङदङ | क्रि.वि. | ४. तोप, बन्दुक आदि एकपछि अर्को गर्दै क्रमशः पड्किँदै गएर। |
| 40024 | दङदङती / दङदङी | क्रि. वि. | छिटो छिटो दङदङ गरेर; दङदङ। |
| 40025 | दङदास | वि. | १. दङ परेको; निकै खुसी भएको। |
| 40026 | दङदास | वि. | २. जिल्ल परी रमाएको; छक्क परेको; आश्चर्यचकित। |
| 40027 | दङाली | वि. | हे. दँगाली। |
| 40028 | दङ्ग१ | क्रि.वि. | १. बन्दुक, तोप आदि पड्कँदा शब्द निस्केर; ढ्याङ्ग। |
| 40029 | दङ्ग१ | क्रि.वि. | २. आवाज आउने गरी पछारिने किसिमले। |
| 40030 | दङ्ग१ | क्रि.वि. | ३. पछारिँदाको आवाज जस्तै गरी। |
| 40031 | दङ्ग२ | ना. | एकातिर मुछेको पिठो टाँसी हातले ठोकेर बजाइने, दुवैतिर छालाले मोहोरिएको ढोलजस्तो एक बाजा। |
| 40032 | दङ्ग३ | वि. | १. धेरै प्रसन्न; निकै खुसी। |
| 40033 | दङ्ग३ | वि. | २. चकित; छक्क;बिस्मित। |
| 40034 | दङ्गदास | वि. | दङदास। |
| 40035 | दङ्गल | ना. | १. जनसमूह; भिड; हूल। |
| 40036 | दङ्गल | ना. | २. दङ्गा वा झगडा भएको ठाउँ। |
| 40037 | दङ्गल | ना. | ३. त्यस्तो ठाउँमा परेर वा कठिन परिस्थिति भोगेर पाइने अनुभव। |
| 40038 | दङ्गल खानु | टु. | धेरै हन्डर भोग्नु वा मानिसरूको भिडमा परेर धक फुक्नु। (उदा.- दङ्गल खाएको छोराले जीवन बुझेको हुन्छ।) |
| 40039 | दङ्गा | ना. | १. धेरै मानिसको बिचमा भएको मारकाट; त्यस्तो झगडा; बाझाबाझ वा कलह। |
| 40040 | दङ्गा | ना. | २. उत्पात; उपध्रो। |
| 40041 | दङ्गादङ्गी | वि. | १. ज्यादै खुसी वा प्रसन्न भएको; निकै हर्षित;मक्ख परेको। ना. |
| 40042 | दङ्गादङ्गी | वि. | २. प्रसन्नता; हर्षोल्लास। |
| 40043 | दङ्गाफसाद | ना. | १. दगलफसल; बाझाबाझ;कलह। |
| 40044 | दङ्गाफसाद | ना. | २. कुटामारी; मारपिट |
| 40045 | दङ्गाफसाद | ना. | ३. उत्पाद; उपध्रो। |
| 40046 | दङ्गिनु | अ.क्रि. | १. खुसी हुनु; दङ्ग पर्नु; प्रसन्न हुनु;रिझिनु। |
| 40047 | दङ्गिनु | अ.क्रि. | २. दङ्ग परेर लड्नु; पछारिनु। |
| 40048 | दङ्ग्याइ | ना. | दङ्गिने काम वा काइदा। |
| 40049 | दङ्ग्याइनु | क.क्रि. | दङ्ग्याउने काम गरिनु। |
| 40050 | दङ्ग्याउनु | प्रे. क्रि. | दङ्ग पार्नु; खुसी पार्नु; रिझाउनु। |