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| 29151 | छत्रछँटाइ | ना. | छाताको वृत्ताकारजस्तो चारैतिर बराबर पारी छाँट्ने वा मिलाउने काम। | |
| 29152 | छत्रछाया | ना. | छाताजस्तो, आश्रय, अरूहरूको आडभरोस। | |
| 29153 | छत्रधर/धार/धारी | ना. | १. छत्रधारण गर्ने व्यक्ति, राजा। | |
| 29154 | छत्रधर/धार/धारी | ना. | २. राजालाई छाता ओढाउने व्यक्ति, छाते। | |
| 29155 | छत्रधर/धार/धारी | ना. | वि. ३. छाता ओढ्ने। | |
| 29156 | छत्रधर/धार/धारी | ना. | ४. छाता लिएर हिँड्ने। | |
| 29157 | छत्रपति | ना. | राजा भूपति, नृपति, अधिपति। | |
| 29158 | छत्रपत्र | ना. | १. स्थलकमल। | |
| 29159 | छत्रपत्र | ना. | २. भोजपत्रको रुख। | |
| 29160 | छत्रपत्र | ना. | ३. छत्राकार पात हुने वनस्पति। | |
| 29161 | छत्रपत्र | ना. | ४. छतिउन। | |
| 29162 | छत्रभङ्ग | ना. | १. राजपदको अन्त्य, अवसान वा विनाश। | |
| 29163 | छत्रभङ्ग | ना. | २. राज्य वा राष्ट्रका स्वतन्त्रताको नाश। | |
| 29164 | छत्रभङ्ग | ना. | 3. ज्योतिषका योगहरूमध्ये एक। | |
| 29165 | छत्रभङ्ग | ना. | ४. नपुंसक हुनाको भाव, गुण वा स्थिति। | |
| 29166 | छत्रभङ्ग | ना. | वि. ५. राजपदबाट च्युत भएको। | |
| 29167 | छत्रभङ्ग | ना. | ६. नपुंसक बनेको। | |
| 29168 | छत्रा/छत्राक | ना. | छाताका आकारको ठुलो च्याउ, छाते च्याउ। | |
| 29169 | छत्रिक | ना. | छाता ओढाउने व्यक्ति; छत्रधारी ; छाते। | |
| 29170 | छत्रिनु | अ.क्रि. | १. अरूको छकाइमा पर्नु, झुक्किनु। | |
| 29171 | छत्रिनु | अ.क्रि. | २. जिल्ल पर्नु, हस्सिनु। | |
| 29172 | छत्रिनु | अ.क्रि. | ३. कसैका ठगाइमा पर्नु ठगिनु। | |
| 29173 | छत्रिनु | अ.क्रि. | क.क्रि. ४. छाता ओढनु। | |
| 29174 | छत्री | ना. | १. कार्तिक शुक्ल एकादशीका दिन तुलसीका मठमाथि फूलमालाहरूद्वारा बनाइने छत्राकार सजावट। | |
| 29175 | छत्री | ना. | २. चोयाद्वारा आँखैआँखा पारेर बुनेको छाताको आकारजस्तो चित्रामा भोर्ला, साल, नेभारो आदिका पात छापिएको ओढो; बाटुलो घुम, छत्तरी। | |
| 29176 | छत्री | ना. | वि. ३. छाता ओढ्ने, छत्रधारी। | |
| 29177 | छत्र्याइ | ना. | १. छत्रिने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 29178 | छत्र्याइ | ना. | [छत्र्याउ + आइ] २. छत्र्याउने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 29179 | छत्र्याइनु | क.क्रि. | छत्रिने पारिनु, छत्रिन लाइनु। | |
| 29180 | छत्र्याउनु | स.क्रि. | छत्रिने पार्नु, छकाउनु। | |
| 29181 | छ्द/छ्दन | ना. | १. कुनै वस्तुलाई ढाक्ने वा छोप्ने वस्तु, आवरण, बिर्को। | |
| 29182 | छ्द/छ्दन | ना. | २. शरीरका भित्री अङ्गहरू ढाक्ने छाला। | |
| 29183 | छ्द/छ्दन | ना. | ३. पक्षीका जिउ ढाक्ने पखेटा। | |
| 29184 | छ्द/छ्दन | ना. | ४. रुख, लहराका पा। | |
| 29185 | छदाइ | ना. | छादने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 29186 | छदाइनु | प्रे.क्रि. | छाद्न लगाइनु, छाद्ने पारिनु। | |
| 29187 | छदाउनु | प्रे.क्रि. | छाद्न लगाउनु, छाद्ने पार्नु। | |
| 29188 | छदाहा | वि. | छाद्ने खालको, छाद्ने स्वभावको। | |
| 29189 | छ दुई | ना. | पासाको खेलमा दुई पासामा एकएक र अर्कोमा छक्क पर्दा हुने एक दाउ, पासाका विभिन्न दाउमध्ये आठ सङ्ख्या हुने एक दाउ, अट्ठा। | |
| 29190 | छदुवा | वि. | छादने खालको ओकल्ने स्वभावको। | |
| 29191 | छदुवा | वि. | स्त्री. छवी। | |
| 29192 | छद्म | ना. | १. एकले अरूका प्रति राख्ने कपटको भावना। | |
| 29193 | छद्म | ना. | २. एक विषयलाई ढाकछोप गर्न निकालिने अर्को कुराको प्रसङ्ग, बहाना निहुँ। | |
| 29194 | छद्म | ना. | ३. मुख्य रूप छिपाई नक्कली स्वरूप देखाउने काम। | |
| 29195 | छद्मतापस | ना. | नक्कली जोगी; बाहिरबाहिर तपस्वी झैं भएर भित्रभित्र अरूलाई ठग्न पल्केको ढोंगी, पाखण्डी व्यक्ति। | |
| 29196 | छद्मनाम | ना. | वास्तविक परिचय लुकाएर अर्कै परिचय दिन बदलिएको नाम गुप्त नाउँ। | |
| 29197 | छद्मभाषा | ना. | कुनै विशेष उद्देश्यका लागि बनाइएको कृत्रिम भाषा। | |
| 29198 | छद्मवेश | ना. | बनावटी वेश; नक्कली स्वरूप। | |
| 29199 | छद्मवेशी | वि. | नक्कली वेश धारण गर्ने, बनावटी वेशमा रहेको। | |
| 29200 | छद्मी | वि. | १. छद्मवेश धारण गर्ने; छद्मवेशी। |