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| 10001 | उपरतली | ना. | छाद्ने र छेर्ने अवस्था वा रोग; झाडाबान्ता; दिसा र बमन; हैजा । |
| 10002 | उपरत्न | ना. | खास रत्नभन्दा तल्लो र कम दर्जाको रत्न; कमसल खालको रत्न (स्फटिक, सिपी आदि) । |
| 10003 | उपरथुपर | ना. | भइरहेका काममाथिको थप काम; थपमाथि थप; थपका थप । |
| 10004 | उपरस | ना. | १. पारो जस्तै गुणकारी मानिएको रस वा खनिज पदार्थ । |
| 10005 | उपरस | ना. | २. चित्तमा पैदा भएको निर्विकार सोचाइ; भाव (साहित्यमा)। |
| 10006 | उपराज | ना. | १. राजाको अनुपस्थिति वा असमर्थतामा प्रतिनिधि भएर काम गर्ने व्यक्ति । |
| 10007 | उपराज | ना. | २. सामन्त राजा । |
| 10008 | उपरान्त | अव्य. | कसैको अन्तमा; पछिबाट; त्यसपछि; अलिपछि; अनन्तर । |
| 10009 | उपराष्ट्रपति | ना. | गणतान्त्रिक राष्ट्रमा राष्ट्रपतिको कार्यभार सघाउने वा राष्ट्रपतिको अनुपस्थिति र असमर्थतामा राष्ट्रपतिको कार्य-सम्पादनसमेत गर्ने राष्ट्रपतिभन्दा मुनिको पद । |
| 10010 | उपरि | ना. यो. | माथि; उपर; हे. सर्वोपरि । |
| 10011 | उपरिया | ना. | १. मालसामान किनेर बिचैमा नाफा खाई बिक्री गर्ने व्यापारी; मालसामान बोकी घरघर घुमेर बेच्ने व्यक्ति । |
| 10012 | उपरिया | ना. | २. उनाऊ व्यक्ति । |
| 10013 | उपरीक्षक | ना. | १. हेरविचार गर्ने व्यक्ति; अधीक्षक । |
| 10014 | उपरीक्षक | ना. | २. निरीक्षकभन्दा माथिल्लो दर्जाको प्रहरी कर्मचारी । |
| 10015 | उपरूपक | ना. | प्रमुख दशवटा रूपकदेखि भिन्न अठार प्रकारका दृश्यकाव्य ( नाटिका, त्रोटक, गोष्ठी, सट्टक, नाट्यरासक, प्रस्थान, उल्लाप्य, काव्य, प्रेक्षण, रासक, संलापक, श्रीगदित, शिल्पक, विलासिका, दुर्मल्लिका, प्रकरणिका, हल्लीश र भाणिका) । |
| 10016 | उपरोक्त | वि. | हे. उपर्युक्त । |
| 10017 | उपर्झट | वि. | १. अकस्मात् आइपरेको । क्रि.वि. |
| 10018 | उपर्झट | वि. | २. अपर्झट । |
| 10019 | उपर्ना | ना. | १. ओढ्ने पछेउरा; उत्तरीय । |
| 10020 | उपर्ना | ना. | २. माथिल्लो अङ्गमा प्रयोग गरिने उनी कपडा । |
| 10021 | उपर्युक्त | वि. | माथि बताइएको; माथि भनिएको; अगाडि उल्लेख गरिएको; उपरोक्त । |
| 10022 | उपलक्षण | ना. | १. कुनै खास लक्षणभित्रको गौण लक्षण; कुनै स्पष्ट निर्देश भएका तत्त्वको छनक दिने गौण कुरो । |
| 10023 | उपलक्षण | ना. | २. गौरसँग हेर्ने काम; निरीक्षण । |
| 10024 | उपलक्षण | ना. | ३. कुनै अस्थायी चिह्न वा सङ्केत । |
| 10025 | उपलक्ष्य | ना. | १. कुनै कुराको लक्षण, चिह्न वा सङ्केत । |
| 10026 | उपलक्ष्य | ना. | २. लक्ष्य; उद्देश्य। |
| 10027 | उपलक्ष्य | ना. | ३. भइसकेको वा पछि हुने कुनै राम्रो कामकुराको अवसर (पूजा, उत्सव, भोज इ.) । |
| 10028 | उपलब्ध | वि. | १. पाइएको; प्राप्त । |
| 10029 | उपलब्ध | वि. | २. थाहा पाइएको; ज्ञात । |
| 10030 | उपलब्धि | ना. | १. उपलब्ध हुने अवस्था, क्रिया वा भाव; प्राप्ति । |
| 10031 | उपलब्धि | ना. | २. खास खोज वा अध्ययनबाट प्राप्त सफलता वा निष्कर्ष । |
| 10032 | उपलब्धि | ना. | ३. अनुभूति; ज्ञान । |
| 10033 | उपलब्धि | ना. | ४. बुद्धि । |
| 10034 | उपलभ्य | वि. | १. प्राप्त गर्न सकिने; उपलब्ध गर्न योग्य; प्राप्य । |
| 10035 | उपलभ्य | वि. | २. ज्ञान गर्न लायक; जान्न योग्य । |
| 10036 | उपलभ्य | वि. | ३. आदर वा प्रशंसा गर्न योग्य। |
| 10037 | उपल्ली | वि. | माथिको; माथि रहेको; माथिल्लो । |
| 10038 | उपल्ली बिस | ना. | पहिलो बिस; पूर्वार्धतिरको बिस। |
| 10039 | उपल्ली वेद | ना. | शुक्लयजुर्वेदका पहिला अध्यायदेखि बिसौँ अध्यायसम्मको खण्ड; अघिल्लो बिस अध्यायमा हुने वेद । |
| 10040 | उपल्लो | वि. | माथिल्लो; मास्तिरको; उँभोको । |
| 10041 | उपवक्ता | वि. | मूल वक्ताको सहायक; उपवाचक । |
| 10042 | उपवचन | ना. | द्वित्वीभूत शब्दहरूमा आंशिक द्वित्व भएर बनेका शब्दका अगाडि आउने पद (झैझगडा, तरतमसुक, बरबन्दोबस्त इ.)। |
| 10043 | उपवन | ना. | १. ससानो वन वा जङ्गल । |
| 10044 | उपवन | ना. | २. खुला मैदान वा चौर भएको बगैँचा; फूलबारी; उद्यान । |
| 10045 | उपवन | ना. | ३. कृत्रिम जङ्गल । |
| 10046 | उपवर्ग | ना. | कुनै खास वर्गभित्र रहेका ससाना वर्गको समूह; समूहभित्रको सानो समूह; उपसमूह । |
| 10047 | उपवाक्य | ना. | ठुलो वाक्यभित्र रहेको कुनै समापिका क्रियासहितको सानो वाक्य । |
| 10048 | उपवाचक | वि. | पुराण आदिका वाचकको सहायक; पुराण आदि बाच्ता मुख्य वाचकीका बिरामहरूको विचार गरी सच्याउने (व्यक्ति) । |
| 10049 | उपवाणिज्यदूत | ना. | वाणिज्यदूतका अनुपस्थितिमा कार्यभार ग्रहण गरी कार्य सञ्चालन गर्ने दूत । |
| 10050 | उपवास | ना. | १. दिनभर वा अहोरात्र भोजन नगर्ने काम; केही पनि नखाई व्रत बस्ने काम; निराहार । |