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| 53701 | पसल | ना. | स्थायी रूपले मालमत्ताहरू बिक्री हुने ठाउँ, दोकान। | |
| 53702 | पसलवाला | ना. | पसल राख्ने व्यक्ति, पसले, दुकानदार, दोगानदार, दोकानदार। | |
| 53703 | पसले | ना. | पसल थाप्ने व्यक्ति, दुकानदार। | |
| 53704 | पसले | ना. | वि. २. पसलको। | |
| 53705 | पसाँगिनु | अ.क्रि. | हे. पसाङ्गिनु, पसाडिनु। | |
| 53706 | पसॉंग्याइ | ना. | पसाँगिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53707 | पसाँग्याहा | वि. | पस्याङ्याहा। | |
| 53708 | पसा | ना. | दया कृपा। | |
| 53709 | पसा | ना. | (उदा. गोल्हुजैसी कनक- पत्रकि भाष पसाकरि अक्र्याँ छु। पृथ्वी मल्ल)। | |
| 53710 | पसाइ | ना. | पस्ने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53711 | पसाइ | ना. | [ पसाउ + आइ] २ मकै आदिमा घोगो वा धान आदिमा बालो पसाउने क्रिया-प्रक्रिया। | |
| 53712 | पसाइ | ना. | [ सं . पष् + आइ] ३. भात आदिको माड पसाउने क्रिया- प्रक्रिया। | |
| 53713 | पसाइ | ना. | [। | |
| 53714 | पसाइनु | क.क्रि | पस्न लगाइनु, पस्ने पारिनु। | |
| 53715 | पसाइनु | क.क्रि | २. माड पसाउने पारिनु। | |
| 53716 | पसाइनु | क.क्रि | अ. क्र. ३. घोगो, बालो आदि पसाउने होइन। | |
| 53717 | पसाउनु | प्रे.क्रि. | भित्र पठाउनु पस्ने वा छिर्ने पार्नु। | |
| 53718 | पसाउनु | प्रे.क्रि. | २. सम्मिलित गराउनु सामेल गराउनु। | |
| 53719 | पसाउनु | अ.क्रि. | अन्नका बोटमा बाला, , घोगा आदि निस्कनु। | |
| 53720 | पसाउनु | अ.क्रि. | २. केराका बोटबाट केराको घरी निस्कनु। | |
| 53721 | पसाउनु | अ.क्रि. | ३. अन्नमा बाला लाग्नु। | |
| 53722 | पसाउनु | स.क्रि. | कुनै वस्तु दुलामा छिराउनु। | |
| 53723 | पसाउनु | स.क्रि. | २. भा काइनु। | |
| 53724 | पसाडिनु | अ.क्रि. | हे. पसाङ्गिनु। | |
| 53725 | पसाङ्गिनु | अ.क्रि. | काँचा काठका फलेक सुकेर बाङ्गिनु वा खुम्चनु त्रिपट हुनु। | |
| 53726 | पसाङ्गिनु | अ.क्रि. | २. काठहरू सुकेर बाङ्गोटिङ्गो हुनु वा साँगुरिनु। | |
| 53727 | पसाङ्ग्याइ | ना. | पसाङ्गिने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53728 | पसाङ्ग्याहट | ना. | पसाङ्गिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया, पसाङ्ग्याइ। | |
| 53729 | पसाङ्ग्याहा | वि. | पसाङ्गिने खालको। | |
| 53730 | पसाङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | काठहरू घाम, हावा आदि सुकेर खुम्चिनु, साँघुरिनु, बाङ्गिनु, टेढिनु, त्रिपट हुनु। | |
| 53731 | पसाङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | २. घाउ- खटिराबाट पानी, पिप आदि निस्कन बन्द हुनु, मसाङ्ग्रिनु। | |
| 53732 | पसाङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | ३. सेप्रो हुनु, चाउरिनु। | |
| 53733 | पसाङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | ४. पसाङ्गिनु। | |
| 53734 | पसाङ्ग्य्राइ | ना. | पसाङ्ग्रिने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53735 | पसाङ्ग्ग्राइनु | क.क्रि | पसाङ्ग्रिने पारिनु। | |
| 53736 | पसाङ्ग्याउनु | प्रे.क्रि. | पसाङ्ग्रिन लाउनु। | |
| 53737 | पसाङ्ग्ग्राहट | ना. | पसाङ्ग्रिने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53738 | पसानी/पसाने | ना. | जमिनबाट पानी रसाउने क्रिया; पानी उम्रने क्रिया। | |
| 53739 | पसानी/पसाने | ना. | २. गर्मी वा अरू कुनै कारणले रसाएर बाहिर पसिना झैँ निस्केको द्रव पदार्। | |
| 53740 | पसार्नु | स.क्रि. | लामो पारेर फैलाउनु वा फिँजाउनु, लमतन्न पार्नु, तन्काउनु। | |
| 53741 | पसार्नु | स.क्रि. | २ तेर्छौ पार्नु, तेर्स्याउनु। | |
| 53742 | पसार्नु | स.क्रि. | ३. सुताउनु लडाउनु। | |
| 53743 | पसार्नु | स.क्रि. | ४. ढाल्नु। | |
| 53744 | पसाराइ | ना. | पसार्ने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53745 | पसारिनु | अ.क्रि. | सुत्नु, लेट्नु, लमतन्न भएर तेर्सिनु। | |
| 53746 | पसारिनु | अ.क्रि. | क.क्रि. २. पसार्ने काम गरिनु। | |
| 53747 | पसारो | ना. | जताततै छरिने वा अलपत्र भएर फिँजिने - फैलने काम, छिरलो; छरस्ट, छरपस्ट। | |
| 53748 | पसारो | ना. | वि. २. बिटुङ्गोसित रहेको, पाँजिएको (मालताल, मानिस आदि)। | |
| 53749 | पसाऱ्याइ | ना. | पसारिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 53750 | पसाऱ्याहट | ना. | पसाऱ्याइ। |