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| 68301 | भुक्तिनु | अ.क्रि. | ३. चुक्तिनु ; फर्छिन्। | |
| 68302 | भुक्तिवाद | ना. | भरतको रससूत्रका व्याख्याताहरूमध्ये भट्टनायकले प्रतिपादन गरेको, सहृदयबाट रसको उपभोग हुन्छ भन्ने काव्यसिद्धान्त; रसनिष्पत्तिसम्बन्धी एक सिद्धान्। | |
| 68303 | भुक्त्याइ | ना. | १. भुक्तिने भाव क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 68304 | भुक्त्याइ | ना. | [भुक्त्याउ+आइ] २. भुक्त्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 68305 | भुक्त्याइनु | क.क्रि. | १. समाप्त पारिनु; बिताइनु। | |
| 68306 | भुक्त्याइनु | क.क्रि. | २. मारिनु। | |
| 68307 | भुक्त्याउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | १. समाप्त पार्नु; बिताउनु। | |
| 68308 | भुक्त्याउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | २. मार्नु। | |
| 68309 | भुक्लुक्क | क्रि.वि. | १. उक्सिने; सुन्निने वा फुल्ने गरी; भुक्क। | |
| 68310 | भुक्लुक्क | क्रि.वि. | २. एक्कासि लड्ने वा मर्ने चालले। | |
| 68311 | भुङ्ग्रालो | ना. | १. ठुलो उपद्रव; विप्लव; उत्पा। | |
| 68312 | भुङ्ग्रालो | ना. | २. दैवी आपत्; दुर्घटना। | |
| 68313 | भुङ्ग्रालो | ना. | ३. भतभती पोल्ने तातो; आगाको भुङ्ग्रो। | |
| 68314 | भुङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | १. भुङ्ग्रेभुङ्ग्रो हुनु; भुङ्ग्रो बन्नु। | |
| 68315 | भुङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | २. भुङ्ग्रालोमा पर्नु; दुःख वा सन्तापमा होमिनु। | |
| 68316 | भुङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | ३. रिनले खँगारिन्। | |
| 68317 | भुङ्ग्रे | वि. | १. भुङ्ग्रोमा हालेर पकाएको; भुङ्ग्रोमा पाकेको (रोटी तरुल आदि)। | |
| 68318 | भुङ्ग्रे | वि. | २. भुङ्ग्रोसम्बन्धी; भुङ्ग्रोको। | |
| 68319 | भुङ्ग्रे | वि. | ३. ज्यादै तातो; रापिलो। | |
| 68320 | भुङ्ग्रे ज्वरो | ना. | सारा शरीर भुङ्ग्रो जस्तै तातेर आउने ज्वरो; कामज्वरो। | |
| 68321 | भुङ्ग्रो | ना. | दाउरा बलिसकेपछिको आगाको ढकढकाउँदो अवस्था; झरिलो आगो; आगाको फिलिङ्गाको थुप्रो। | |
| 68322 | भुङ्ग्य्राइ | ना. | भुङ्ग्रिने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 68323 | भुङ्ग्य्राइनु | क.क्रि. | भुङ्ग्रामा पारिनु। | |
| 68324 | भुङ्ग्य्राउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | भुङ्ग्रामा पार्नु; सङ्कटमा झेल्नु। | |
| 68325 | भुच्चुक | वि. | १. साह्रै बेकुफ; हुस्सु। | |
| 68326 | भुच्चुक | वि. | २. अर्धसिल्ली; अधबेस्रो। | |
| 68327 | भुच्चुक | वि. | ३. अशिष्ट; बेसोमतिलो; असभ्य। | |
| 68328 | भुज्नु | स.क्रि. | १. भोग गर्नु; अनुभव गर्नु; भुक्तिनु। | |
| 68329 | भुज्नु | स.क्रि. | २. सुख-दुःख बेहोर्नु। | |
| 68330 | भुज्नु | स.क्रि. | ३. सोचविचार गरेर काम गर्नु वा जान्नु। | |
| 68331 | भुज्नु | स.क्रि. | ४. कुनै वस्तु हाँडी, कराही आदिमा लावा उठ्ने गरी भुट्नु। | |
| 68332 | भुज | ना. | १. हस्त; हात; बाहुली। | |
| 68333 | भुज | ना. | २. हाँगो; शाखा। | |
| 68334 | भुज | ना. | ३. रेखागणितमा कोण बनाउनका लागि खिचिने सोझो रेखा। | |
| 68335 | भुज | ना. | ४. हात्तीको सुँड। | |
| 68336 | भुजङ्ग | ना. | १. सर्प; साँप। | |
| 68337 | भुजङ्ग | ना. | २. नाठो; जार। | |
| 68338 | भुजङ्गप्रयात | ना. | छन्दशास्त्रअनुसार चारवटा 'य' - गणका प्रत्येक चरण हुने एक वार्णिक छन्द। | |
| 68339 | भुजङ्गी | ना. | पोथी सर्प; सर्पिणी। | |
| 68340 | भुजदण्ड | ना. | राजाले औपचारिक रूपमा हातमा लिने दण्ड; राजदण्ड। | |
| 68341 | भुजपाश | ना. | अङ्कमाल; अँगालो। | |
| 68342 | भुजबन्ध | ना. | १. भुजाले अँगाल्ने काम; अङ्कमाल; अँगालो। | |
| 68343 | भुजबन्ध | ना. | २. बाहुमा पहिरिने एक गहना; बाजुबन्द; अङ्गद। | |
| 68344 | भुजबल | ना. | भुज वा शरीरमा हुने बल; शारीरिक शक्ति। | |
| 68345 | भुजा १ | ना. | १. बाहुली; हात; हस्। | |
| 68346 | भुजा १ | ना. | २. रेखागणितमा कोण बनाउन खिचिने सरल रेखा। | |
| 68347 | भुजा २ | ना. | १. अनदी, चिनियाँ आदि धानको चामल भुटेको खट्टे। | |
| 68348 | भुजा २ | ना. | २. खाजामा खाइने त्यस्तो खट्टे वा सिरौँला आदि खानेकुरो। | |
| 68349 | भुजा २ | ना. | ३. भात (प्रायः दरबारिया बोलीमा)। | |
| 68350 | भुजान्तर | ना. | १. दुई भुजाका बिचको स्थान। |