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| 18651 | क्षेपक | वि. | ना. ४. पुस्तक आदिमा ग्रन्थकारले लेखेबाहेक पछि अरूले थपेको वा मिलाएको अंश, थपुवा भाग; थपनी। | |
| 18652 | क्षेपण | ना. | १. कुनै वस्तु फ्याँक्ने वा मिल्काउने काम, हुत्त्याइ उल्झाइ (अस्तुक्षेपण) २. समय गुजार्ने काम, बेलाकटनी ( कालक्षेपण आदि)। | |
| 18653 | क्षेपणी | ना. | १. फ्याँकेर चलाइने अस्त्र। | |
| 18654 | क्षेपणी | ना. | २. डुङ्गा खियाइने दालोजस्तो लामो काठ वा डाँडा, बहना। | |
| 18655 | क्षेपणी | ना. | ३. माछा मार्ने जाल। | |
| 18656 | क्षेप्य | वि. | फ्याँक्न योग्य; मिल्काउन लायक। | |
| 18657 | क्षेप्यास्त्र | ना. | टाढैबाट हुत्त्याएर हिर्काइने वा प्रयोग गरिने विशेष अस्त्र वा हतियार, रकेट। | |
| 18658 | क्षेम | ना. | १. सन्चसुबिस्ता कुशलमङ्गल। | |
| 18659 | क्षेम | ना. | २. आनन्द, सुख। | |
| 18660 | क्षेम | ना. | ३. रक्षा, सुरक्षा। | |
| 18661 | क्षेम | ना. | ४. मुक्ति। | |
| 18662 | क्षेमकुशल | ना. | आनन्द र मङ्गल; निकानन्द; भलाकुसारी। | |
| 18663 | क्षोभ | ना. | १. कुनै आपत्तिजनक कुरो वा व्यवहार देखेर कसैप्रति मनमा उठ्ने व्याकुलतासहितको रिस वा क्रोध। | |
| 18664 | क्षोभ | ना. | २. मनको हलचल, खलबली, असन्तोष। | |
| 18665 | क्षोभ | ना. | ३. डर, भय, कँपकँपाइ। | |
| 18666 | क्षोभक | वि. | क्षोभ पैदा गराउने, क्षुब्ध पार्ने। | |
| 18667 | क्षोभमण्डल | ना. | पृथ्वीको धरातलदेखि ठिक माथिल्लो वायुमण्डलको तह। | |
| 18668 | क्षोभी | वि. | १. रिस र असन्तोष भएको, क्षुब्ध। | |
| 18669 | क्षोभी | वि. | २. व्याकुल, विहवल। | |
| 18670 | क्षौर | ना. | छुराले केश काट्ने वा कपाल खौरने काम, मुण्डन। | |
| 18671 | क्षौरकर्म | ना. | छुरा लाएर केश काट्ने विधि वा काम, मुण्डन गरिने कार्य। | |
| 18672 | ख | १. देवनागरी वर्णमालाको व्यञ्जनवर्णमध्ये दोस्रो वर्ण; कण्ठस्थानबाट उच्चारण हुने, स्पर्शी, अघोष, महाप्राण ध्वनि; कवर्गको दोस्रो वर्ण; लेख्य रूपमा सो व्यञ्जनवर्णको प्रतिनिधित्व गर्ने लिपिचिह्न; खरायो ख। | ||
| 18673 | ख | २. कुनै वस्तु, विषय वा कुराको वर्गीकरण या मूल्याङ्कन गर्दा दोस्रो वा मध्यम श्रेणीलाई छुट्याई चिनाउन प्रयोग गरिने श्रेणीबोधक अक्षरसङ्केत; लेखाइका क्रममा विषयको वर्गीकरण वा विभाजन उपविभाजनका निम्ति व्यञ्जनवर्णको प्रयोग गरिँदा दिइने क्रमबोधक दोस्रो चिह्न। | ||
| 18674 | ख | ना. | निश्चय पक्का ; निधो। | |
| 18675 | ख | ना. | (उदा.- पहिले आफू आफूमै ख भइसकेपछि मात्र यो काम गर्नु बेस हुन्छ)। | |
| 18676 | खँगार्नु | स.क्रि. | - १. पानी, घिउ, तेल आदि नहालीकनै खानेकुरो सुक्खा भुट्नु; सुक्खा नै पाक गर्नु, खडार्नु। | |
| 18677 | खँगार्नु | स.क्रि. | २. नचाहिँदो खर्च गरेर भएको जेया सिद्ध्याउनु, धनसम्पत्ति सिरीखुरी पार्नु। | |
| 18678 | खँगार्नु | स.क्रि. | ३. तल झार्नु; खसाल्नु; खुरमुऱ्याउनु। | |
| 18679 | खँगार्नु | स.क्रि. | ४. रोगले शरीर क्षीण पार्नु। | |
| 18680 | खँगार | ना | १. सम्पत्तिको दुरुपयोग गरी सिध्याएर भएको गरिबी; दरिद्रता। | |
| 18681 | खँगार | ना | २. रोग लागेर हुने कमजोरी; क्षीणता। | |
| 18682 | खँगार | ना | ३. खँगार्ने काम। | |
| 18683 | खँगाराइ | ना. | खँगार पार्ने वा खँगार्ने भाव क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 18684 | खँगारिनु | क.क्रि. | खँगार्ने काम गरिनु। | |
| 18685 | खँगालो | ना. | मालामा उनेर हार बनाई लगाइने एक प्रकारको चाँदीको गहना। | |
| 18686 | खँचाइ | ना. | खाँच्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 18687 | खँजाहा | ना. | खोरन्डो; लङ्गडो; खुनी। | |
| 18688 | खँजाहा | ना. | (उदा.- विजातीय शब्द ओसारी नेपाली भाषालाई खँजाहा पार्नु राम्रो होइन)। | |
| 18689 | खँडिया | ना. | टुटेफुटेका भाँडाकुँडा। | |
| 18690 | खँडियामडिया | ना. | टुटेफुटेका र अरू भाँडाकुँडा आदि। | |
| 18691 | खँडियो | ना. | मसिनु कनिका ; मियाँ। | |
| 18692 | खँडेउली | ना. | १. आधा टुक्रिएको वा काटिएको चामल; खसा कनिका। | |
| 18693 | खँडेउली | ना. | २. कनिकाको जाउलो। | |
| 18694 | खँड्गेली | ना. | ढोकाको अगाडिपट्टिको जमिन; अलिन्द। | |
| 18695 | खँड्यौली | ना. | १. आधा टुक्रिएको वा काटिएको चामल; खसा कनिका। | |
| 18696 | खँड्यौली | ना. | २. कनिकाको जाउलो। | |
| 18697 | खँदा | ना. | खाँद्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 18698 | खँदार्नु | स.क्रि. | तलतिर घिसार्नु वा झार्नु खँगार्नु। | |
| 18699 | खँदाराइ | ना. | खँदार्ने काम वा भाव। | |
| 18700 | खँदारिनु | क.क्रि. | खँदार्ने काम गरिनु। |