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| 28351 | चोक्रे | वि. | धेरै दुध नदिने, चोक्रिलो परेको, चोक्रयाइलो। | |
| 28352 | चोक्र्याइलो | वि. | चोक्रो होलाजस्तो ; चोक्रिलो। | |
| 28353 | चोखा | ना. | १. कसैले मिठो चोखो खाएको देखेर लोभिई अर्को व्यक्तिले लाएको कुदृष्टि, चोखे, नजर। | |
| 28354 | चोखा | ना. | २. उक्त कुदृष्टिबाट हुन जाने तथाकथित बिगार। | |
| 28355 | चोखा | ना. | १. उसिनेको आलुमा अमिलो, पिरो आदि हालेर साँधिएको वस्तु अचार, चटनी, चाट। | |
| 28356 | चोखा | ना. | २. चोखेन। | |
| 28357 | चोखिनु | अ.क्रि. | १ चोखो हुनु, अशुद्ध अवस्थाबाट पवित्र हुनु। | |
| 28358 | चोखिनु | अ.क्रि. | २. पर सरेकी आइमाईले चारौं दिनमा नुहाइधुवाइ गरेर शुद्ध हुनु। | |
| 28359 | चोखिनु | अ.क्रि. | ३. जुठो, फोहर केही नरहनु। | |
| 28360 | चोखिनु | अ.क्रि. | ४. राम्रोसँग माझिनु वा पखालिनु। | |
| 28361 | चोखी | ना. | १. चोखोको स्त्री रूप। | |
| 28362 | चोखी | ना. | वि. २. आफ्नो धर्ममा रहेकी, परपुरुषको संसर्गमा नआएकी, सत्यबाट नडगेकी पवित्र (नारी)। | |
| 28363 | चोखीनिती / निधी | ना. | शास्त्रका नियमअनुरूप चल्न वा सफा, शुद्ध रहनाका निम्ति गरिने शारीरिक एवं मानसिक आचरण; लसपस वा बिटुलो नभएको स्थिति। | |
| 28364 | चोखीमाटी | ना. | विवाह, व्रतबन्ध आदिमा यज्ञको वेदी बनाउनका निम्ति कन्याहरूद्वारा खनिने, चोखो ठाउँको माटो। | |
| 28365 | चोखे | ना. | हे. चोखा। | |
| 28366 | चोखेन | ना. | १. पानीमा पकाएको खाने कुरो सामान्य अवस्थामा अशुद्ध हुँदैन भनी भात, पुवा आदिमा हालिने घिउ, चोखो पार्ने घिउ, तेल आदि वस्तु चोख्यान। | |
| 28367 | चोखेन | ना. | २. स्त्रीहरूले रजस्वला भएको चौथो दिनमा चोखिँदा नुहाएको कपालमा हाल्ने तेल। | |
| 28368 | चोखो | वि. | १. कुनै किसिमको अशुद्ध पदार्थ नपरेको, पवित्र। | |
| 28369 | चोखो | वि. | २. कसैले जुठो नहालेको, बिटुलो नपारेको। | |
| 28370 | चोखो | वि. | ३. अरू थोक नमिसिएको, कसर नभएको। | |
| 28371 | चोखो | वि. | ४. निरपराधी निर्दोष। | |
| 28372 | चोखो | वि. | ना. ५. घिउतेल; चोखेन। | |
| 28373 | चोखोचाँडो | वि. | १. वास्तविकता लुकाएर साखिलो हुन खोज्ने। | |
| 28374 | चोखोचाँडो | वि. | २. चोखो पनि र चाँडो पनि हुने स्वभावको। | |
| 28375 | चोखोचोखो | वि.बो. | अशुद्ध ठाउँलाई गउँत आदि छर्केर चोख्याउँदा अथवा छिटो हालेर कुनै व्यक्तिलाई चोख्याउने सामाजिक प्रथाको अनुसरण गर्दा उच्चारण गरिने शब्द, विष्णु विष्णु। | |
| 28376 | चोख्याइ | ना. | चोख्याउने वा चोखो पार्ने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 28377 | चोख्याइनु | क.क्रि. | चोखो पारिनु। | |
| 28378 | चोख्याउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | १ चोखो हुने पार्नु, पवित्र तुल्याउनु। | |
| 28379 | चोख्याउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | २. गाईभैंसी ब्याएका सात वा एघार दिनका दिन दुध, दही आदि देवपितृलाई चढाउनका निम्ति चलोस् भनी धूपधुवार आदि गरी चोखो वा पवित्र पार्नु। | |
| 28380 | चोख्याउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | ३. जुठो, सुत्केरो परेको घर वा घरका मानिसलाई धार्मिक विधिअनुसार पवित्र तुल्याउनु। | |
| 28381 | चोख्यान | ना. | हे. चोखेन। | |
| 28382 | चोख्याहा | वि. | १. चोखो पार्ने, शुद्ध तुल्याउने। | |
| 28383 | चोख्याहा | वि. | २. चोखा लाग्ने वा लगाउने। | |
| 28384 | चोचेमोचे | वि. | साखिलो हुनका लागि अर्कासँग चोचोमोचो मिलाउने, ज्यादै नजिकको भएर चिप्ल्याइँ घस्ने (व्यक्ति)। | |
| 28385 | चोचो | ना. | १. चुच्चो। | |
| 28386 | चोचो | ना. | २. मुख। | |
| 28387 | चोचो | ना. | ३. चिप्ल्याइँ; चाप्लुसी। | |
| 28388 | चोचोमोचो | ना. | १. चिप्ला कुरा गरेर अर्कालाई खुसी पारी आफू साखिलो बन्ने काम। | |
| 28389 | चोचोमोचो | ना. | २. मित्र चित्त नबुझे तापनि बाहिर-बाहिर अर्काले गरेका कुरामा सही थाप्ने काम। | |
| 28390 | चोचोमोचो | ना. | ३. मुखले केही मधुर बोलेर गरिने प्रशंसा। | |
| 28391 | चोचोमोचो | ना. | ४. मुख र मन। | |
| 28392 | चोट | ना. यो. | १ पटक, बाजि, पल्ट चोटि। | |
| 28393 | चोट | ना. यो. | ना. २. प्रहार, मार, आघात, पिटाइ। | |
| 28394 | चोट | ना. यो. | ३. घाउ, ख। | |
| 28395 | चोट | ना. यो. | क्रि.वि. ४ पटक; बाजि। | |
| 28396 | चोटपटक | ना. | लडेर, ठोकिएर वा काटेर हुने, शरीरका कुनै अङ्गमा लागेको घाउ, घाउखत; नीलडाम। | |
| 28397 | चोटा | ना. | चोटो। | |
| 28398 | चोटाकोठा | ना. | चोटा र कोठा ; चोटोकोठो। | |
| 28399 | चोटि | क्रि.वि. | खेप; पल्ट, पटक; बाजि, पालि ताल। | |
| 28400 | चोटि | क्रि.वि. | (एक चोटि, दुई चोटि, कति चोटि इ.)। |