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| 44901 | द्रुत | वि. | ३. भागेको; भागेर बचेको। | |
| 44902 | द्रुत | वि. | ४. साधारणका अपेक्षा छिटो भएको (सङ्गीतको स्वर, लय इ.)। | |
| 44903 | द्रुतगति | ना. | चाँडो हिँडाइ; शीघ्र गमन; तीव्र गति। | |
| 44904 | द्रुतगामी | वि. | चाँडोचाँडो हिड्ने; शीघ्रगामी। | |
| 44905 | द्रुततर | वि. | चाँडोभन्दा चाँडो ; शीघ्रातिशीघ्र। | |
| 44906 | द्रुततम | वि. | सबैभन्दा चाँडो, सबैको भन्दा छिटो छिटो। | |
| 44907 | द्रुतविलम्बित | ना. | प्रत्येक चरणमा क्रमशः नगण, भगण, भगण र रगण भएको एक वार्णिक छन्द। | |
| 44908 | द्रुपद | ना. | महाभारत कालका पाञ्चाल राज्यका राजा र द्रौपदीका पिता। | |
| 44909 | द्रुम | ना. | १.रुख; वृक्ष; बोट। | |
| 44910 | द्रुम | ना. | २. पारिजा। | |
| 44911 | द्रुम | ना. | ३. कुबेर। | |
| 44912 | द्रुम | ना. | ४. रुक्मिणीका गर्भमा उत्पन्न, कृष्णका एक पुत्र। | |
| 44913 | द्रुमसेन | ना. | धृष्टद्युम्नका हातबाट मारिने महाभारतका एक योद्धा। | |
| 44914 | द्रुमिला | ना. | प्रत्येक चरणमा बत्तिस - बत्तिस मात्रा हुने एक मात्रिक छन्द। | |
| 44915 | द्रोण | ना. | १.वैदिक कालमा सोमरस राख्नका निम्ति बनाइएको काठको भाँडो। | |
| 44916 | द्रोण | ना. | २. पानी आदि हाल्ने काठको भाँडो। | |
| 44917 | द्रोण | ना. | ३. चार आढक वा सोह्र सेर ( कसैको मतमा ३२ सेर) बराबरको एक प्राचीन तौल। | |
| 44918 | द्रोण | ना. | ४. पातको दुनु। | |
| 44919 | द्रोण | ना. | ५. द्रोणाचल पर्व। | |
| 44920 | द्रोण | ना. | ६. द्रोणाचार्य। | |
| 44921 | द्रोणकलश | ना. | वैदिक युगमा सोमरस राखिने काठको भाँडो। | |
| 44922 | द्रोणकाक | ना. | सम्पूर्ण शरीर कालो हुने एक जातको ठुलो काग;डुमकाग; ढोले काग; देशी काग। | |
| 44923 | द्रोणगिरि | ना. | द्रोण नाउँ भएको एक पर्व। | |
| 44924 | द्रोणपुष्प | ना. | प्रत्येक हाँगाका टुप्पामा डल्लो पुष्पकोश हुने र त्यसका बिचमा दुई पात रहने, सेता र साना आकारका फल फल्ने, पाखातिर हुने एक प्रकारको बुटी; गुम्बा। | |
| 44925 | द्रोणपुष्पी | ना. | एक पुष्पकोशमाथि अर्को पुष्पकोश लाग्ने 'देवद्रोणी' र पुष्पकोशमाथि अर्को पुष्पकोश नभई एउटै मात्र पुष्पकोश हुने 'द्रोणपुष्पी' गरी दुई जातका द्रोण पुष्पमध्येको दोस्रो द्रोणपुष्प। | |
| 44926 | द्रोणस | ना. | पुराणमा वर्णित एक दानवको नाम। | |
| 44927 | द्रोणाचल | ना. | रामायणका अनुसार क्षीरोद सागरका किनारमा रहेको र लक्ष्मणका निम्ति हनुमान्ले सञ्जीवनी बुटी ल्याएको एक प्रसिद्ध पर्व। | |
| 44928 | द्रोणाचार्य | ना. | महाभारतप्रसिद्ध पाण्डव र कौरवहरूका गुरु विद्वान् ब्राह्मण तथा एक वीर योद्धा; अश्वत्थामाका बाबु, भारद्वा ऋषिका पुत्र तथा परशुरामका शिष्य। | |
| 44929 | द्रोणी | ना. | १.नदीबाट वारपार गर्नाका निम्ति बनाइएको काठको नाउ; नौका; डुङ्गा। | |
| 44930 | द्रोणी | ना. | २. काठको सुराही। | |
| 44931 | द्रोणी | ना. | ३. सानो दुनु। | |
| 44932 | द्रोणी | ना. | ४. दुई पहाडका बिचको साँघुरो जग्गा; घाँटी। | |
| 44933 | द्रोणी | ना. | ५. द्रोणाचार्यकी पत्नी; कृपी। | |
| 44934 | द्रोणी | ना. | ६. एक सय अट्ठाइस सेर बराबरको एक प्राचीन तौल। | |
| 44935 | द्रोह | ना. | १.अर्काको कुभलो चिताउने काम; द्वेष। | |
| 44936 | द्रोह | ना. | २. प्रतिहिंसाको भावना; शत्रु साध्ने मनोवृत्ति। | |
| 44937 | द्रोह | ना. | ३. वैरभाव; दुस्मनी। | |
| 44938 | द्रोही | वि. | १.द्रोह गर्ने; अर्काको कुभलो चिताउने। | |
| 44939 | द्रोही | वि. | २. प्रतिहिंसाको भावना राख्ने; वैरभाव बढाउने। | |
| 44940 | द्रोही | वि. | ना. ३. विद्रोही। | |
| 44941 | द्रौणिक | ना. | एक द्रोण बराबरको बिउ लाग्ने खे। | |
| 44942 | द्रौपदी | ना. | अर्जुनले मत्स्यभेद गरी स्वयंवर गरिएकी पाञ्चाल देशका राजा द्रुपदकी कन्या। | |
| 44943 | द्वन्द्व | ना. | १.कुनै दुई वस्तुको जोडा; युग्म; युगल। | |
| 44944 | द्वन्द्व | ना. | २. लोग्नेस्वास्नी; जोईपोइ; दम्पति। | |
| 44945 | द्वन्द्व | ना. | ३. परस्पर दुई विरोधी तत्त्वको जोडा। | |
| 44946 | द्वन्द्व | ना. | ४. दुई व्यक्तिका बिचको झगडा; द्वन्द्वयुद्ध; मल्लयुद्ध; कुस्ताकुस्ती। | |
| 44947 | द्वन्द्व | ना. | ५. कलह; सङ्घर्ष; उत्पा। | |
| 44948 | द्वन्द्व | ना. | ६. व्याकरणमा उभयपद प्रधान हुने समासको नाम (जस्तै- आमाबाबु। | |
| 44949 | द्वन्द्व | ना. | ७. अल्को; झन्झट। | |
| 44950 | द्वन्द्व | ना. | ८. कष्ट; दुःख। |