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| 54151 | पुंस्त्व | ना. | ३. पुरुषको गुण, स्वभाव वा विशेषता। |
| 54152 | पुईँ/पुइँक् | ना. | अपानवायु चल्दाको मसिनो ध्वनि। |
| 54153 | पुइँक्क | क्रि.वि. | अपानवायु चल्दा तिखो मसिनो आवाज आउने गरी। |
| 54154 | पुइँक्याइ | ना. | पुइँक्याउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 54155 | पुइँक्याइनु | क.क्रि. | पुइँक्याउने काम गरिनु। |
| 54156 | पुइँक्याउनु | स.क्रि. | पुइँक्क आवाज आउने गरी अपानवायु छोड्नु। |
| 54157 | पुकपाक | क्रि.वि. | १. पिटपाट गरेर; कुटकाट गरेर। ना. |
| 54158 | पुकपाक | क्रि.वि. | २. पिटपाट; कुटकाट। |
| 54159 | पुकपुक | क्रि.वि. | १. कसैलाई मुड्की वा सानो डल्लाले हलुका किसिमले बारबार हान्ने गरी। ना. |
| 54160 | पुकपुक | क्रि.वि. | २. त्यस्तो किसिमको हनाइ। |
| 54161 | पुकपुकती/पुकपुकी | क्रि.वि. | अझै पुकपुक हुने गरी। |
| 54162 | पुकपुक्याइ | ना. | पुकपुक्याउने किसिम वा क्रिया; पुकपुक गराइ। |
| 54163 | पुकपुक्याइनु | क.क्रि. | पुकपुक हिर्काइनु। |
| 54164 | पुकपुक्याउनु | स.क्रि. | पुकपुक आवाज आउने गरी कसैलाई हिर्काउनु; पाटपिट पार्नु; पिट्नु। |
| 54165 | पुकपुक्याहट | ना. | पुकपुक्याइ। |
| 54166 | पुकार्नु | स.क्रि. | १. कसैलाई नाउँ काढेर वा सम्बोधन गरेर टाढाबाट बोलाउनु; हाँक पार्नु। |
| 54167 | पुकार्नु | स.क्रि. | २. कुनै आपत्विपत् आइपर्दा सुरक्षा वा सहायताका लागि कसैलाई बोलाउनु; गुहार्नु। |
| 54168 | पुकार्नु | स.क्रि. | ३. बिन्तीभाउ गर्नु; प्रार्थना गर्नु। |
| 54169 | पुकार्नु | स.क्रि. | ४. फिराद गर्नु। |
| 54170 | पुकार/पुकारा | ना. | १. कसैको नाउँ लिएर नाउँ लिएको व्यक्तिले सुन्ने गरी टाढाबाट बोलाउने काम। |
| 54171 | पुकार/पुकारा | ना. | २. आपत्विपत् आइपर्दा सुरक्षा वा सहायताका लागि कसैलाई गुहार्ने काम। |
| 54172 | पुकार/पुकारा | ना. | ३. बिन्तीभाउ; प्रार्थना; अनुनयविनय। |
| 54173 | पुकार/पुकारा | ना. | ४. फिराद; उजुर। |
| 54174 | पुकाराइ | ना. | पुकार्ने क्रियाप्रक्रिया; पुकारा गराइ। |
| 54175 | पुकारिनु | क.क्रि. | १. बोलाइनु; डाकिनु। |
| 54176 | पुकारिनु | क.क्रि. | २. पुकारा गरिनु। |
| 54177 | पुकुपुकु | क्रि.वि. | पुकपुक; पुकपुकती; पुकपुकी। |
| 54178 | पुक्क | क्रि.वि. | १. कसैलाई मुड्की वा सानो डल्ला आदिले हान्दा एकै चोटि हलुका किसिमले लाग्ने गरी। |
| 54179 | पुक्क | क्रि.वि. | २. फुल्ने वा सुन्निने किसिमले। (उदा.- हावा भरिएपछि भकुन्डो पुक्क फुल्छ।)। वि. |
| 54180 | पुक्क | क्रि.वि. | ३. फुलेको; सुन्निएको। |
| 54181 | पुक्क | क्रि.वि. | ४. मोटाएको; मोटो। (उदा.- उसका पुक्क गाला देखेर सबै मोहित हुन्छन्)। |
| 54182 | पुक्कपुक्क | क्रि.वि. | १. एकपछि फेरि अर्कोपल्ट पुक्क प्रहार गरेर। |
| 54183 | पुक्कपुक्क | क्रि.वि. | २. पुक्क फुलिरहेर। |
| 54184 | पुक्किनु | क.क्रि. | १. मुड्की वा सानो डल्ला आदिले हलुका चालमा पिटिनु; पुक्क पिटाइ खाइनु। अ.क्रि. |
| 54185 | पुक्किनु | क.क्रि. | २. पुक्क मोटाउनु। |
| 54186 | पुक्क्याइ | ना. | पुक्क्याउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 54187 | पुक्क्याइनु | क.क्रि. | १. पुक्क हानिनु। |
| 54188 | पुक्क्याइनु | क.क्रि. | २. पुकुपुकु खाइनु; खप्प्याइनु। |
| 54189 | पुक्क्याउनु | स.क्रि. | १. पुक्क हान्नु; पुकपुक्याउनु। |
| 54190 | पुक्क्याउनु | स.क्रि. | २. पुकुपुकु खानु; खप्प्याउनु। |
| 54191 | पुक्क्याहट | ना. | पुक्क्याइ। |
| 54192 | पुक्खल/पुक्खलो | वि. | १. मिठोसँग बोल्ने वा कुरा गर्न जान्ने; कुरा गर्न सिपालु; मिजासिलो। |
| 54193 | पुक्खल/पुक्खलो | वि. | २. बाठो; चतुर। |
| 54194 | पुग्नु | अ.क्रि. | १. एक ठाउँबाट प्रस्थान गरी अर्को ठाउँमा प्रस्तुत हुनु; कुनै ठाउँबाट हिँडी लक्षित स्थानमा उपस्थित हुनु। |
| 54195 | पुग्नु | अ.क्रि. | २. पठाइएको ठाउँमा पठाइएको कुरा दाखिल हुनु; पहुँचनु। |
| 54196 | पुग्नु | अ.क्रि. | ३. कुनै कामका निम्ति मालमत्ता वा वस्तुको परिमाण पर्याप्त हुनु। |
| 54197 | पुग्नु | अ.क्रि. | ४. एक अवस्थाबाट अर्को अवस्थामा परिवर्तित हुनु। |
| 54198 | पुग्नु | अ.क्रि. | ५. इच्छा गरेको कुरा पूर्ण हुनु; चिताएको कुरा प्राप्त हुनु। |
| 54199 | पुग्नु | अ.क्रि. | ६. कसैको दाँजो वा बराबरमा आउनु; कसैको बराबर बन्नु। |
| 54200 | पुग्नु | अ.क्रि. | ७. सम्पन्न हुनु। |