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| 16101 | कुशल | वि. | ४. सन्चो; आराम। |
| 16102 | कुशल | वि. | ५. शुभ; मङ्गल; भलो। |
| 16103 | कुशलक्षेम | ना. | कुशल, सम्पन्न तथा स्वस्थ स्थिति; सन्चोसुबिस्ता। |
| 16104 | कुशलता | ना. | कुशल हुनुको भाव वा अवस्था। |
| 16105 | कुशाग्र | वि. | कुशको टुप्पोजस्तो तिखो; अति तीक्ष्ण; साह्रै चनाखो। |
| 16106 | कुशलबुद्धि | वि. | अत्यन्त तीक्ष्ण बुद्धि भएको; बुद्धिमान्। |
| 16107 | कुशासन | ना. | १. पूजापाठ तथा शुभ कार्यहरू गर्दा बस्नका निम्ति बनाइएको कुशको आसन। |
| 16108 | कुशासन | ना. | २. खराब किसिमले चलाइएको वा देशमा अव्यवस्था फैलिने शासन; दुःशासन। |
| 16109 | कुशिक | ना. | १. विश्वामित्र ऋषिका बाजेको नाम। |
| 16110 | कुशिक | ना. | २. त्यसै नाममा चलेको एक प्राचीन आर्यवंश वा उक्त वंशको व्यक्ति। |
| 16111 | कुशे | वि. | हे. कुसे। |
| 16112 | कुशे औँसी | ना. | हे. कुसे औँसी। |
| 16113 | कुशेश्वर | ना. | नेपालको जनकपुर अञ्चलमा पर्ने दुम्जामा स्थित प्रसिद्ध एक शिवलिङ्ग। |
| 16114 | कुष्ठ | ना. | शरीरमा रक्तविकारबाट उत्पन्न हुने तथा छाला, नसा आदि गल्दै र सड्दै जाने एक कडा रोग; महारोग; कोर। |
| 16115 | कुष्ठी | वि. | कुष्ठरोग लागेको; महारोगी; कोरी। |
| 16116 | कुष्माण्ड | ना. | १. छिप्पिँदा फुस्रो पात हुने, तरकारी वा अचार खाइने एक लहरे फल; कुभिन्डो। |
| 16117 | कुष्माण्ड | ना. | २. शिवको एक गण। |
| 16118 | कुष्माण्ड नवमी | ना. | कात्तिक शुक्ल नवमी; त्रेतायुगादि नवमी; कुभिन्डो दान गर्ने महत्त्व बताइएको उक्त तिथिको दिन। |
| 16119 | कुसङ्ग | ना. | खराब वा नजाती मानिसहरूसँगको बसउठ; नराम्रो सङ्गत। |
| 16120 | कुसङ्गत | ना. | कुसङ्ग। |
| 16121 | कुसङ्गति | ना. | नराम्रो सङ्गति; नजाती मानिससितको बसाउठी। |
| 16122 | कुसन | ना. | बस्नका निम्ति ओछ्याइने मोटो गद्दा। |
| 16123 | कुसनदार | वि. | त्यस्तो गद्दा भएको; कुसनका ढाँचाको। |
| 16124 | कुसमय | ना. | १. उपयुक्त नभएको, स्थिति बिग्रेको वा नराम्रो समय; कुबेला। |
| 16125 | कुसमय | ना. | २. अनुकूल नभएको समय; बेमौका। |
| 16126 | कुसमय | ना. | ३. कुनै शुभ कार्यका निम्ति निषेध गरिएको समय; कुसाइत। |
| 16127 | कुसमय | ना. | ४. दुःखकष्टको बेला। |
| 16128 | कुसरक्पा | ना. | १. च्याब्रुङ नाचमा गाइने मङ्गलाचरण र त्यस्तो गीतसहितको नाच। |
| 16129 | कुसरक्पा | ना. | २. वीर रसयुक्त गीत। |
| 16130 | कुसाइत | ना. | लच्छिन नभएको वा नराम्रो साइत; कुसमय। |
| 16131 | कुसाउरो | ना. | मास, मस्याङ, भटमास आदि चुटेर गेडा छुट्ट्याई बचेका खोस्टे कोसा, पात, झिक्रा आदि वस्तु; कुसौरो। |
| 16132 | कुसाकठी | ना. | चिउरा कुट्ता घान लाउने काठ, बाँस आदिको दाबिलो जस्तै साधन। |
| 16133 | कुसाख | वि. | १. असल साख नभएको। |
| 16134 | कुसाख | वि. | २. बिरानो, नातासाइनु राम्रो नपर्ने। (उदा.- सुग्रीव् हो कति साख् म हूँ कति कुसाख हा दैव क्या मन् दियौ ! - भानुभक्त)। |
| 16135 | कुसुन्डो | ना. | १. काठमाडौँको पश्चिम-दक्षिणको जङ्गली भेगमा बस्ने अचेल खिइँदै गएको घुमन्ता एक जाति। वि. |
| 16136 | कुसुन्डो | ना. | २. असभ्य। |
| 16137 | कुसुन्डो | ना. | ३. धुस्रोफुस्रो र नाङ्गो-भुतुङ्गो। स्त्री. कुसुन्डी। |
| 16138 | कुसुम | ना. | १. फूल; पुष्प। |
| 16139 | कुसुम | ना. | २. रजस्वला हुँदा निस्कने स्त्रीको रज। |
| 16140 | कुसुम | ना. | ३. ससानो वाक्यमा लेखिएको गद्य। |
| 16141 | कुसुम | ना. | ४. पहेँलो फूल फुल्ने र बीजबाट तेल निस्कने एक बोट। |
| 16142 | कुसुमकलिका | ना. | फूलको कोपिला। |
| 16143 | कुसुमफल | ना. | लाम्चा पात हुने, सेता मसिना फूल फुल्ने, पहेँला गोल फल फल्ने एक बोट वा त्यसैको फल; साराम्ल। |
| 16144 | कुसुमबाण | ना. | १. सम्भोगको तीव्र इच्छाले हुने उत्पीडन। |
| 16145 | कुसुमबाण | ना. | २. कामदेव; कुसुमशर। |
| 16146 | कुसुमवाटी | ना. | एक प्रकारको वनस्पतिविशेष। |
| 16147 | कुसुमशर | ना. | कामदेव; कुसुमबाण। |
| 16148 | कुसुमस्तवक | ना. | फूलको गुच्छा। |
| 16149 | कुसुमाकर | ना. | १. वसन्त ऋतु (उदा.- कुसुमाकरको आँचल पक्री, मलाई कति खोज्दी हुन् प्रकृति। कुसुमाकर सिद्धिचरण)। |
| 16150 | कुसुमाकर | ना. | २. फूलबारी; बगैँचा। |