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| 16201 | कूजित | वि. | २. ध्वनिपूर्ण; गुँजेको। |
| 16202 | कूजित | वि. | ३. पक्षीहरूको मधुर स्वरले युक्त। ना. |
| 16203 | कूजित | वि. | ४. पक्षीहरूको बोली; कूज। |
| 16204 | कूट | ना. | १. रहस्यपूर्ण तथा अनेक अर्थ लाग्ने कविता वा रचना। |
| 16205 | कूट | ना. | २. पहेली; प्रहेलिका। ३ अप्ठेरो वा उत्तर दिन कठिन प्रश्न। |
| 16206 | कूट | ना. | ४. पर्वतको शिखर; टाकुरो। |
| 16207 | कूट | ना. | ५. मन्दिर, दरबार आदिका शिखरको गजुर। |
| 16208 | कूट | ना. | ६. थुप्रो; रास। |
| 16209 | कूट | ना. | ७. लिही। |
| 16210 | कूट | ना. | ८. माया; छल; कपट। वि. |
| 16211 | कूट | ना. | ९. दुर्गम वा दुर्बोध। १०. निश्चल; अडिलो। |
| 16212 | कूट | ना. | ११. झुटो बोल्ने; मिथ्यावादी। |
| 16213 | कूटकविता | ना. | व्यक्त गर्न खोजिएको अर्थलाई लुकाएर बुझ्न गाह्रो बनाइएको कविता; अड्को थाप्ने कविता; प्रहेलिका। |
| 16214 | कूटनीति | ना. | १. राष्ट्र राष्ट्रका बिचको राजनीतिक सम्बन्ध वा त्यस्तो सम्बन्ध दक्षतापूर्वक सञ्चालन गर्ने नीति। |
| 16215 | कूटनीति | ना. | २. व्यक्ति व्यक्ति वा राष्ट्र राष्ट्रका बिच पारस्परिक व्यवहारमा दाउपेच गर्ने नीति। |
| 16216 | कूटनीति | ना. | ३. रहस्य बुझ्न गाह्रो पर्ने र अरूलाई अलमल्याउने तथा आफू सधैँ ओबानु रहन सक्ने राजनीतिको बाठो चाल; गुप्त चाल। |
| 16217 | कूटनीति | ना. | ४. जसरी पनि आफ्नै अनुकूल अर्थ लाउन सकिने वचन वा शैली। |
| 16218 | कूटनीतिक | वि. | कूटनीतिसम्बन्धी; कूटनीति जान्ने; कूटनीतिज्ञ। |
| 16219 | कूटनीतिज्ञ | कूटनीति जान्ने; कूटनीतिक। | |
| 16220 | कूटपाश | ना. | पशुपक्षीहरूलाई अल्झाउने पासो; जाल। |
| 16221 | कूट प्रमाणपत्र | ना. | बनावटी प्रमाणपत्र; नक्कली प्रमाणपत्र। |
| 16222 | कूट प्रश्न | ना. | पहेली; प्रहेलिका। |
| 16223 | कूटमान | ना. | घटीबढी पारिएको र कपटी नापो वा तौल भएको मानु, पाथी, ढक आदि; खोटो मानु, पाथी वा ढक। |
| 16224 | कूटमुद्रा | ना. | प्रचलितबाहेक बाहिरबाट अवैध रूपमा निकालिएको मुद्रा; खोटो टक; नचल्ने सिक्का। |
| 16225 | कूटयुद्ध | ना. | १. शत्रुलाई झुक्कलमा पारी गरिने लडाइँ; छलकपटपूर्वकको युद्ध। |
| 16226 | कूटयुद्ध | ना. | २. नकली युद्ध; झुटो लडाइँ। |
| 16227 | कूटयोजना | ना. | नराम्रो विचारले वा छलकपटपूर्वक गरिने कुनै कामको योजना; षड्यन्त्र। |
| 16228 | कूटसाक्षी | जसले साक्षी राखेको छ उसैको नहुँदो ढङ्गले बकपत्र गर्ने साक्षी; झुटो साक्षी वा गवाह। | |
| 16229 | कूटस्थ | वि. | १. माथिल्लो। |
| 16230 | कूटस्थ | वि. | २. नटाँसिएको; निर्लिप्त। |
| 16231 | कूटस्थ | वि. | ३. अचल; गुप्त। |
| 16232 | कूत | ना. | हे. कुत। |
| 16233 | कूत तिरो | ना. | हे. कुत तिरो। |
| 16234 | कूप | ना. | १. कुवा; वापी। |
| 16235 | कूप | ना. | २. प्वाल; खाल्टो। |
| 16236 | कूपमण्डूक | ना. | १. कुवामा बसेको भ्यागुतोजस्तो सीमित घेराको कुरा मात्र देखेबुझेको र बाहिरका कुरा केही थाहा नपाउने व्यक्ति; कुवाको ब्याङ। वि. |
| 16237 | कूपमण्डूक | ना. | २. सीमित वा थोरै ज्ञान भएको। |
| 16238 | कूपयन्त्र | ना. | इनारबाट पानी झिक्ने यन्त्र; अरघट्टघटी। |
| 16239 | कूर्च | ना. | १. मयूरको प्वाँख वा पुच्छर। |
| 16240 | कूर्च | ना. | २. शिखा। |
| 16241 | कूर्च | ना. | ३. मुठो; मुठी |
| 16242 | कूर्च | ना. | ४. दुई आँखीभुइँका बिचको ठाउँ। |
| 16243 | कूर्च | ना. | ५. यज्ञका ससाना पात्रहरू राख्ने ठुलो भाँडो। |
| 16244 | कूपमर्कट | ना. | १. कूर्चमर्कटानुगणभित्र पर्ने एक प्रकारको सानो वानर। |
| 16245 | कूपमर्कट | ना. | २. कुचोजस्तो पुच्छर हुने सानो जातको वानर। |
| 16246 | कूप मर्कटानुगण | ना. | कूर्चमर्कट जस्तै एक प्रकारको सानो जातको वानर। |
| 16247 | कूर्म | ना. | कछुवा; विष्णुले कछुवा अवतार लिएको मानिने एक रूप। |
| 16248 | कूर्मपुराण | ना. | अठार पुराणमध्ये विष्णुले कछुवाको अवतार लिएको कथा र माहात्म्य वर्णन भएको एक पुराण। |
| 16249 | कूर्माञ्चली | वि. | अघिको एक राज्य कूर्माञ्चलको; कूर्माञ्चलसम्बन्धी। |
| 16250 | कूल | ना. | नदी वा पोखरीको किनार; तट; तीर। |