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| 17401 | क्षितिपति | ना. | राजा। |
| 17402 | क्षितिमण्डल | ना. | भूमण्डल; पृथ्वी। |
| 17403 | क्षिप्र | क्रि.वि. | तुरुन्त; तत्काल; शीघ्र; चाँडै। |
| 17404 | क्षिप्रकारी | वि. | चाँडचाँडै काम गर्ने; छिटो काम पूरा गर्ने। |
| 17405 | क्षीण | वि. | १. खिएको, घट्तै गएको वा अवस्था बिग्रेको। |
| 17406 | क्षीण | वि. | २. दुब्लो; पातलो; निर्धो। |
| 17407 | क्षीणकाय | वि. | दुब्लो वा पातलो शरीरको। |
| 17408 | क्षीणता | ना. | क्षीण हुनाको अवस्था वा भाव; दुर्बलता; निर्धोपन। |
| 17409 | क्षीर | ना. | १. दुध। |
| 17410 | क्षीर | ना. | २. खिर। |
| 17411 | क्षीर | ना. | ३. जल; पानी। |
| 17412 | क्षीर | ना. | ४. रुखको दुधजस्तो सेतो चोब। |
| 17413 | क्षीरधि | ना. | दुधजस्तो फिँज उठ्ने पानी भएको समुद्र। |
| 17414 | क्षीरसागर | ना. | दुधको समुद्र वा दुग्ध- समुद्र पनि भनिने, सात समुद्रमध्ये एक। |
| 17415 | क्षुण्ण | वि. | १. टुक्रा पारिएको वा टुक्रयाइएको। |
| 17416 | क्षुण्ण | वि. | २. टुटफुट भएको वा बिग्रेको; खण्डित। |
| 17417 | क्षुण्ण | वि. | ३. खुँदिएको। |
| 17418 | क्षुण्ण | वि. | ४. राम्ररी विचार गरिएको। |
| 17419 | क्षुद्र | वि. | १. नीच वा अधम प्रवृत्तिको; तुच्छ विचारको; जाबो। |
| 17420 | क्षुद्र | वि. | २. अल्प; सानो। |
| 17421 | क्षुद्र | वि. | ३. दरिद्र; निर्धन। |
| 17422 | क्षुद्र | वि. | ४. कृपण; कन्जुस। |
| 17423 | क्षुद्रघण्टिका | ना. | आभूषणका रूपमा पहिरिने ससाना घण्टी; चाँप; घुँगरु। |
| 17424 | क्षुद्रता | ना. | क्षुद्र हुनाको भाव वा अवस्था; नीच व्यक्तिमा रहने अवगुण; नीचता; तुच्छता। |
| 17425 | क्षुद्रधान्य | ना. | कोदो; कुअन्न। |
| 17426 | क्षुधा | ना. | १. खाने इच्छा; भोक; छुद्दे। |
| 17427 | क्षुधा | ना. | २. कुनै कुरा पाउने चाहना; तृष्णा। |
| 17428 | क्षुधातुर | वि. | साह्रै भोकाएको; भोकले आत्तिएको वा छटपटाएको। |
| 17429 | क्षुधित | वि. | साह्रै भोकाएको; भोको। |
| 17430 | क्षुब्ध | वि. | १. कुनै कारण वा कुराले रिसाएको; क्षोभ भएको; क्रुद्ध। |
| 17431 | क्षुब्ध | वि. | २. अधीर; चञ्चल। |
| 17432 | क्षुब्ध | वि. | ३. विह्वल; व्याकुल; दिग्दार। |
| 17433 | क्षुर | ना. | १. कपाल काट्ने हतियार; छुरा। |
| 17434 | क्षुर | ना. | २. पशुको खुर। |
| 17435 | क्षेत्र | ना. | १. बाली रोपिने जग्गाजमिन; खेत; भूमि; फाँट-मैदान। |
| 17436 | क्षेत्र | ना. | २. उत्पत्तिस्थान। |
| 17437 | क्षेत्र | ना. | ३. पुण्यतीर्थ; धाम (कुरुक्षेत्र, वराहक्षेत्र, मुक्तिक्षेत्र इ.); पाँच ज्ञानेन्द्रिय, पाँच कर्मेन्द्रिय आदिले युक्त शरीर। |
| 17438 | क्षेत्र | ना. | ४. वीर्यको स्थापना गरी सन्तान उत्पन्न गर्ने रूपमा पत्नी वा स्त्री; कोख। |
| 17439 | क्षेत्र | ना. | ५. राजनीतिक, सामाजिक, साहित्यिक, भौगोलिक आदि विचारले वा त्यस्तो कुनै कामविशेषका निम्ति निर्धारित स्थल। |
| 17440 | क्षेत्र | ना. | ६. पुरातात्त्विक वस्तु प्राप्त गर्ने उद्देश्यले उत्खनन वा अन्वेषण गरिने ठाउँ। |
| 17441 | क्षेत्र | ना. | ७. नेपालका पाँच खण्डमा विभाजित विकासक्षेत्र (पूर्वाञ्चल विकासक्षेत्र, मध्यमाञ्चल विकासक्षेत्र, पश्चिमाञ्चल विकासक्षेत्र, मध्य पश्चिमाञ्चल विकासक्षेत्र र सुदूर पश्चिमाञ्चल विकासक्षेत्र)। |
| 17442 | क्षेत्रज्ञ | ना. | १. क्षेत्र वा शरीरको अधिष्ठाता; जीवात्मा; परमात्मा। |
| 17443 | क्षेत्रज्ञ | ना. | २. किसान; खेतीवाल। |
| 17444 | क्षेत्रज्ञ | ना. | ३. शरीरशास्त्रका विज्ञाता। |
| 17445 | क्षेत्रपति | ना. | जमिनको मालिक; जग्गाधनी। |
| 17446 | क्षेत्रपाल | ना. | १. खेतमा लगाएको बाली कुर्ने व्यक्ति। |
| 17447 | क्षेत्रपाल | ना. | २. स्थानाधिपति देवता (पश्चिम दिशाका भैरव द्वारपाल); भूमे। |
| 17448 | क्षेत्रफल | ना. | कुनै जमिनको लमाइ र चौडाइको गुणाबाट निक्लने वर्गात्मक अङ्क वा परिमाण। |
| 17449 | क्षेत्रमिति | ना. | रेखाहरूको लमाइ, धरातलको क्षेत्रफल र ठोस वस्तुको घनफल निकाल्ने नियमविवरण भएको गणितको एक शाखा। |
| 17450 | क्षेत्रसन्न्यास | ना. | कुनै क्षेत्रको सीमा काटेर बाहिरफेर नजाने व्रत वा सङ्कल्प। |