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| 49501 | पट्याकपुटुक | ना. | ३. हाँडीमा भुटिँदै गरेका मकै आदि फूल उठ्दै गर्ने गरी। |
| 49502 | पट्याकपुटुक | ना. | ४. आगामा सेकाइएका दुधे मकै आदि शब्द निस्कने गरी पड्किँदै गरेर। |
| 49503 | पट्याकपुटुक्क | क्रि.वि. | पट्याकपुटुक हुँदै। |
| 49504 | पट्याक्क | क्रि.वि. | १. कडा र सानो काठ भाँच्ता एकाएक शब्द आउने किसिमले। |
| 49505 | पट्याक्क | क्रि.वि. | २. पड्का आदि पड्कँदा एक्कासि शब्द निस्कने गरी। |
| 49506 | पट्याक्क | क्रि.वि. | ३. औँला पड्काउँदा एक्कासि शब्द गर्ने किसिमसँग। |
| 49507 | पट्याङ | ना. | हे. पट्याक। |
| 49508 | पट्याङपुटुङ | ना. / क्रि.वि. | पट्याकपुटुक। |
| 49509 | पट्याङ्ग / पट्याङ्ङ | क्रि.वि. | पट्याङको ठुलो आवाज आउने गरी; पट्याक्क। |
| 49510 | पट्यार | ना. | १. कुनै काम गर्दा अनुभव हुने उराठ स्थिति। |
| 49511 | पट्यार | ना. | २. सधैँ एकै ठाउँमा बसिरहँदा अनुभव हुने दिग्दारी। |
| 49512 | पट्यार | ना. | ३. पर्खँदा, कुर्दा वा पालो बस्दा लाग्ने अल्छी वा उँघाइ। |
| 49513 | पठन | ना. | १. पढ्ने काम; अध्ययन। |
| 49514 | पठन | ना. | २. उल्लेख। |
| 49515 | पठनपाठन | ना. | पढ्ने र पढाउने काम; अध्ययन-अध्यापन; लेखपढ। |
| 49516 | पठनशील | वि. | खुब पढ्ने; अध्ययनशील। |
| 49517 | पठनीय | वि. | पढ्न योग्य; पाठ गर्न लायक; अध्ययनीय; पाठ्य। |
| 49518 | पठाइ | ना. | पठाउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 49519 | पठाइनु | क.क्रि | १. पठाउन लाइनु। |
| 49520 | पठाइनु | क.क्रि | २. पठाउने काम होइनु। |
| 49521 | पठाइनु | क.क्रि | ३. पुऱ्याउन लाइनु। |
| 49522 | पठाउनु | स.क्रि. / प्रे.क्रि. | १. कुनै ठाउँमा जान प्रेरणा दिनु; कतै पुग्न आज्ञा दिनु। |
| 49523 | पठाउनु | स.क्रि. / प्रे.क्रि. | २. कसैलाई कुनै ठाउँमा कुनै वस्तु पुऱ्याउन लगाउनु। |
| 49524 | पठाउनु | स.क्रि. / प्रे.क्रि. | ३. बिदा गर्नु; अन्माउनु। |
| 49525 | पठाउनु | स.क्रि. / प्रे.क्रि. | ४. लुर्काउनु। |
| 49526 | पठाउनु | स.क्रि. / प्रे.क्रि. | ५. प्रेषित गर्नु। |
| 49527 | पठार | ना. | समतल जमिनमा रहेका साना पर्वतशिखरहरूको बराबर उचाइमा रहेको हिमाल आदिका बिचमा परेको विस्तृत मैदान। |
| 49528 | पठित | वि. | १. पढे-लेखेको; साक्षर। |
| 49529 | पठित | वि. | २. विद्या हासिल गरेको; शिक्षित। |
| 49530 | पठुवा | वि. | खेतमा रहलपहल हरिया बोट सोहोरेर लगाइएको कुनिउँमा गुम्स्याएर तयार भएको हकुवा धान। |
| 49531 | पठेग्री/पठेग्रो/ पठ्याङ्ग्री/पठ्याङ्ग्रो | ना. | दुध छाडिसकेको र चर्ने अवस्थामा पुग्न लागेको, भेडा-बाख्राको पाठो। |
| 49532 | पड्नु | अ.क्रि. | १. उपयोगमा नआई रहिरहनु; मिल्किएजस्तो भइरहनु। |
| 49533 | पड्नु | अ.क्रि. | २. ढल्कनु; पल्टिनु। |
| 49534 | पडताल | ना. | कुनै काम-कुरामा रहेका खोट वा त्रुटिहरूको निरीक्षण वा जाँचबुझ गर्ने काम। |
| 49535 | पडनी | ना. | १. सुक्खा खेतमा पनि हुने एक प्रकारको चाँडै पाक्ने अग्निया धान। |
| 49536 | पडनी | ना. | २. एक प्रकारको अघैया धान; घैया। |
| 49537 | पडाइ | ना. | पड्ने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 49538 | पडाइनु | क.क्रि | पड्ने तुल्याइनु। |
| 49539 | पडाउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | पड्ने तुल्याउनु। |
| 49540 | पडिनु | अ.क्रि. | उपयोगमा नआई त्यसै रहिरहनु; मिल्किनु। |
| 49541 | पडुवा | वि. | उपयोगमा नआई त्यसै रहिरहेको; मिल्किए बराबर भएको। |
| 49542 | पड्कनु | अ.क्रि. | हे. पट्कनु। |
| 49543 | पड्का | ना. | पट्का। |
| 49544 | पड्काइ | ना. | पड्कने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 49545 | पड्काइनु | क.क्रि. | पट्काइनु। |
| 49546 | पड्काउनु | स.क्रि. | पट्काउनु। |
| 49547 | पड्कार्नु | स.क्रि. | हे. पट्कार्नु। |
| 49548 | पड्कारो /पड्कालो | वि. | पट्कारो। |
| 49549 | पड्किनु | अ.क्रि. | हे. पट्किनु। |
| 49550 | पड्के | वि. / ना. | १. हे. पट्के। |