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| 50651 | पर्खिनु | अ.क्रि. | पर्खिने हुनु, पखनु। | |
| 50652 | पगडी | ना. | पस्मिना वा छालाको भुत्ले टोपी (हाल मृत अर्थ )। | |
| 50653 | पगडी | ना. | २. पगरी। | |
| 50654 | पगरी | ना. | टोपीका सट्टामा शिरमा फनफनी बेरेर लगाइने कपडा फेटा। | |
| 50655 | पगरी | ना. | २. विवाहमा दुलाहाले तथा पुराण भन्दा पण्डितले शिरमा बाँध्ने फेटा। | |
| 50656 | पगरी | ना. | ३. सरकारी कर्मचारीहरूले लगाउने चाँदतोडासहितको एक प्रकारको टोपी। | |
| 50657 | पगरी | ना. | ४. सरकारी मान। | |
| 50658 | पगरी | ना. | ५. कसैले पुरुषार्थ देखाएबापत आक्षेप गरेर भनिने शब्द (उदा.- खुबै ठुलो काम गरिस्, पगरी गुताइमागिनस् त !)। | |
| 50659 | पगरी | ना. | भ्याल्सीलाई अड्याउन वा ठिकसँग मिलाउन तलतिर ठोकिने पाड्को। | |
| 50660 | पगला | वि. | बौलाहा वा बहुला। | |
| 50661 | पगली | वि. | पग्लाही वा बौलाही। | |
| 50662 | पगार्नु | स.क्रि | हे. पघार्नु। | |
| 50663 | पगार | ना. | चुलामाथिको विशेष किसिमले बनाइएको भित्तो। | |
| 50664 | पगार् | ना. | उखु पेल्दा निस्केको छोक्रा। | |
| 50665 | पगार् | ना. | २. उखुको सुकेको पा। | |
| 50666 | पगार, | ना. | हे. पघार। | |
| 50667 | पगाराइ | ना. | पग्रिने वा पगार्ने क्रियाप्रक्रिया। | |
| 50668 | पगाराइनु | क.क्रि. | पग्रिने पार्न लगाइनु पगारिने 'तुल्याइनु। | |
| 50669 | पगाराउनु | प्रे. क्रि. | पग्रिने पार्न लाउनु। | |
| 50670 | पगाराउनु | प्रे. क्रि. | पगारिनु - क.क्रि. पग्रिने पारिनु। | |
| 50671 | पगारो | ना. | पधारो। | |
| 50672 | पगाल्नु | स.क्रि | डल्लो वा घनत्वयुक्त वस्तुलाई आगोको सहायताबाट तरल रूपको बनाउनु, पानीजस्तो पार्नु गाल्नु। | |
| 50673 | पगाल्नु | स.क्रि | २. अर्काको मनमा दया उत्पन्न गराउनु। | |
| 50674 | पगाल्नु | स.क्रि | ३. मनलाई आफूतिर खिच्ने पार्नु, पगार्नु। | |
| 50675 | पगालाइ | ना. | पगाल्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 50676 | पगालिनु | क.क्रि. | पग्लने पारिनु। | |
| 50677 | पगाहा | ना. | निश्चित ठाउँमा वरिपरि घुमेर चर्न हुने गरी गाईबस्तुलाई बाँध्ने लामो डोरी, पगहा, पघा। | |
| 50678 | पगितो | वि. / क्रि.वि. | प्रकृत प्रशस्त; ज्यास्ती पबितो; पबित्तो; पघितो। | |
| 50679 | पग्रनु | अ.क्रि. | फाँचाबाट थुनमा दुध आउने हुनु, थुनबाट दुध रसाउनु थुनबाट प्रशस्त मात्रामा दुध निस्कनु। | |
| 50680 | पग्रनु | अ.क्रि. | २. कोही निठुरी व्यक्ति दयावान् बन्नु वा लोभी व्यक्ति दानी हुनु। | |
| 50681 | पग्राइ | ना. | पग्रने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 50682 | पग्राइनु | क.क्रि. | पग्रने पारिनु। | |
| 50683 | पग्राउनु | स.क्रि. / प्रे. क्रि. | पग्रने पार्नु। | |
| 50684 | पग्रिनु | अ.क्रि. | पग्रने होइन। | |
| 50685 | पग्रिनु | अ.क्रि. | २. पग्रनु। | |
| 50686 | पग्रिनु | अ.क्रि. | ३. पग्लिनु। | |
| 50687 | पग्याइ | ना. | पग्रिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 50688 | पग्याहट | ना. | पगऱ्याइ। | |
| 50689 | पग्लँदो | वि . | पग्लन लागेको पग्लिँदो। | |
| 50690 | पग्लनु | अ.क्रि. | बाक्लो वा खँदिलो पदार्थ तरल रूपमा आउनु, द्रवित हुनु, गल्नु। | |
| 50691 | पग्लनु | अ.क्रि. | २. केही दयावान् वा दानी बन्नु। | |
| 50692 | पग्लाइँदो | वि . | . स्वाद नभएको, बेस्वादिलो। | |
| 50693 | पग्लाइ | ना. | पग्लने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 50694 | पग्लाइनु | क.क्रि | पगालिनु। | |
| 50695 | पग्लाउनु | अ.क्रि. | बहुला बन्नु, पागल बन्नु। | |
| 50696 | पग्लाउनु | अ.क्रि. | स.क्रि. / प्रे.क्रि. [पग्ल + आउ + नु] २. पग्लिने पार्नु वा पार्न लगाउनु। | |
| 50697 | पग्लाहा | वि . | पागल भएको, हावा खुस्केको, छटाएको। | |
| 50698 | पग्लिँदो | वि . | पग्लिन लागेको; पग्लँदो। | |
| 50699 | पग्लिँदो | वि . | २. पित्तल, तामा आदिका भाँडामा राखिएको दही, मही आदि ज्यादै अमिलो भएर बिग्रँदो तमतमंदो। | |
| 50700 | पग्लिनु | अ.क्रि. | पग्लनु। |