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| 51801 | पद्मजा | ना. | लक्ष्मी (देवी)। | |
| 51802 | पद्मतन्तु | ना. | कमलका नालभित्रको मसिनो धागो, मृणाल। | |
| 51803 | पद्मनाभ | ना. | नाभिबाट कमल उम्रिएका विष्णु। | |
| 51804 | पद्मनाभ | ना. | २. शत्रुले प्रहार गरेको अस्त्र रोक्ने मन्त्र। | |
| 51805 | पद्मनिधि | ना. | कुबेरका नौवटा खानीमध्ये एक, पद्म। | |
| 51806 | पद्मनेत्र | वि. | कमलका फूलका पत्ती जस्तै आँखा हुने, कमलपत्राक्ष। | |
| 51807 | पद्मपाणि | वि. | कमल हातमा लिने। | |
| 51808 | पद्मपाणि | वि. | ना. २. विष्णु। | |
| 51809 | पद्मपाणि | वि. | ३. ब्रह्मा। | |
| 51810 | पद्मपाणि | वि. | ४. गौतम बुद्धको एक विशेष किसिमको मूर्ति। | |
| 51811 | पद्मपाणि | वि. | ५. लोकेश्वर, बोधिसत्त्व आदिको विशेष मुद्रा। | |
| 51812 | पद्मपाणि | वि. | ६. अभिताभ बुद्धका छोरा एक बोधिसत्त्व; पञ्च बोधिसत्त्व मध्ये एक। | |
| 51813 | पद्मपुराण | ना. | अठार महापुराणमध्ये एक। | |
| 51814 | पद्मबन्ध | ना. | कमलका फूलको आकार पारी अक्षरहरू लेखिएको एक चित्रकाव्य। | |
| 51815 | पद्मबन्धु | ना. | कमलका मित्र समान भएका सूर्य। | |
| 51816 | पद्मबन्धु | ना. | २. कमलसँग ज्यादै हितैषिता राख्ने भमरो। | |
| 51817 | पद्मबीज | ना. | कमलको गट्टा, कमलको बीज। | |
| 51818 | पद्मराग | ना. | एक किसिमको बहुमूल्य रातो मणि, माणिक। | |
| 51819 | पद्मरेखा | ना. | सामुद्रिक शास्त्रअनुसार हत्केलामा हुने कमलका आकारको सौभाग्यसूचक रेखा। | |
| 51820 | पद्मलोचन | ना. | कमलका दलका आकारजस्ता आँखा हुने, पद्मनेत्र (विष्णु)। | |
| 51821 | पद्मवीज | ना. | हे. पद्मबीज। | |
| 51822 | पद्मसम्भव | ना. | अतिसानामक बौद्ध भिक्षुभन्दा पहिले भारतबाट नेपाल भई तिब्बत गएर बौद्धधर्मको उपदेश गर्ने एक प्रसिद्ध भिक्षु। | |
| 51823 | पद्मसम्भव | ना. | २. ब्रह्मा। | |
| 51824 | पद्मा | ना. | लक्ष्मी। | |
| 51825 | पद्मा | ना. | २. मनसादेवीको एक नाम। | |
| 51826 | पद्मा | ना. | ३. ल्वाङ। | |
| 51827 | पद्मा | ना. | ४. सयपत्री। | |
| 51828 | पद्माकर | ना. | कमल फुल्ने पोखरी वा तलाउ, कमलपोखरी। | |
| 51829 | पद्माकर | ना. | २. कमलको समूह। | |
| 51830 | पद्माक्ष | ना. | . कमलगट्टा, कमलबीज। | |
| 51831 | पद्माक्ष | ना. | २. विष्णु। | |
| 51832 | पद्माक्ष | ना. | ३. सूर्य। | |
| 51833 | पद्माक्ष | ना. | वि. ४. कमलका दलको बान्कीका आँखा हुने, कमलनेत्र। | |
| 51834 | पद्मासन | ना. | दुवै पैताला तिघ्रामाथि पर्ने गरी पलेंटी मारेको आसन, एक प्रकारको योगासन। | |
| 51835 | पद्मासन | ना. | २. ब्रह्मा। | |
| 51836 | पद्मिनी | ना. | कमलिनी। | |
| 51837 | पद्मिनी | ना. | २. कमल फुलेको पोखरी वा तलाउ। | |
| 51838 | पद्मिनी | ना. | ३. लक्ष्मी। | |
| 51839 | पद्मिनी | ना. | ४. कामशास्त्रअनुसार चार कोटिकी स्त्री; अति कोमलाङ्गी, सुशीला, रूपवती र पतिव्रता स्त्री। | |
| 51840 | पद्य | ना. | पद अर्थात् नियत मात्रा, गण आदिका नियमअनुसार प्रस्तुत हुने साहित्यिक रचना, छन्दोमय रचना। | |
| 51841 | पद्य | ना. | २. विभिन्न प्रवाह वा चरणमा विभाजित उपर्युक्त किसिमको गेयात्मक कृति काव्य। | |
| 51842 | पद्य | ना. | वि. ३. पदसम्बन्धी, शब्दसम्बन्धी। | |
| 51843 | पद्यमय | वि. | पद्यमा लेखिएको, छन्दोबद्ध। | |
| 51844 | पद्यात्मक | वि. | पद्यमा लेखिएको पद्यप्रधान भएको पद्यमय। | |
| 51845 | पद्यता | ना. | पद्यात्मक हुनाको भाव, क्रिया वा स्थिति। | |
| 51846 | पधार्नु | अ.क्रि. | पाउ लाग्नु, आगमन हुनु, पदार्पण गर्नु, पाल्नु। | |
| 51847 | पधाराइ | ना. | पाउलगाइ, पदार्पण। | |
| 51848 | पधाराइनु | क.क्रि. | पाउ लाग्ने तुल्याइनु। | |
| 51849 | पधाराउनु | प्रे. क्रि. | पाउ लाग्ने तुल्याउनु। | |
| 51850 | पधाऱ्याइ | ना. | पधारिने क्रिया वा प्रक्रिया। |