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|---|---|---|---|---|
| 52201 | परवाद | ना. | पहिलेदेखि चलेर आएको हल्ला; जनश्रुति, किंवदन्ती। | |
| 52202 | परवाद | ना. | २. अपवाद, निन्दा। | |
| 52203 | परवाह | ना. | हे. पर्बाह। | |
| 52204 | परशुराम | ना. | बन्चरो; कुठार। | |
| 52205 | परसर्ग | ना. | विष्णुका दश अवतारमध्ये छैटौं अवतार मानिने एक ऋषि भृगुवंशी जमदग्नि ऋषिका छोरा। | |
| 52206 | परस्त्री | ना. | फूलका गुभामा पराग टाँसिएको सूत्र। | |
| 52207 | परस्त्रीगमन | ना. | परागकणहरू रहने पुरुषेन्द्रियको एक छेउको भाग। | |
| 52208 | परस्थानीय | वि. | परतिर रहने; पल्लापट्टि रहने; पछाडि रहने। | |
| 52209 | परस्थानीय | वि. | २. अर्काका स्थानको अर्काको ठाउँसम्बन्धी। | |
| 52210 | परस्थानीय प्रजाति | ना. | परस्थानमा रहने प्राणी वा वनस्पतिको सानो उपजाति। | |
| 52211 | परस्पर | क्रि.वि. | आफू–आफूमा; एक-अर्काका साथ; आपस- आपसमा। | |
| 52212 | परस्पर | क्रि.वि. | ना. २. आफूआफू, आफन्त, आपस। | |
| 52213 | परस्परता | ना. | दुई बिन्दु वा वस्तुका मिल्दाजुल्दा लक्षण वा विशेषता। | |
| 52214 | परस्परता | ना. | २. मेल मिलाप। | |
| 52215 | परस्परोपमा | ना. | अर्को उपमा नराखी उपमेयलाई नै उपमानको रूपमा देखाउँदा हुने उपमा अलङ्कारको एक भेद, उपमेयोपमा। | |
| 52216 | परस्व | ना. | अर्काको सम्पत्ति, अरूको धन, परद्रव्य। | |
| 52217 | परहित | ना. | अर्काको भलाइ, पराईको कल्याण। | |
| 52218 | परहितैषी | वि. | परहित गर्ने, अरूको भलाइ चाहने। | |
| 52219 | परहेज | ना. | बिरामीले हानिकारक वस्तु नखाने वा मुख बार्ने काम; पथपरहेजमा रहने काम, कुपथ्य सेवन नगर्ने काम, खानेकुराको बारना। | |
| 52220 | परहेजी | वि. | परहेजमा रहने, स्वास्थ्यका लागि अहित हुने कुराबाट जो मुख बार्ने। | |
| 52221 | परा | उप. | शब्दका अगाडि रहेर अर्को, टाढा, अगिल्तिर, ठुलो आदि अर्थ प्रकट गर्ने उपसर्ग (जस्तै- पराक्रम, पराकाष्ठा, पराजय, परामर्श इ.)। | |
| 52222 | परा | उप. | ना. २. चार प्रकारका वाणीमध्ये मूलाधारमा रहेको नादरूपी पहिलो वाणी। | |
| 52223 | परा | उप. | ३. ब्रह्मविद्या। | |
| 52224 | परा | उप. | ४. गङ्गा। | |
| 52225 | पराइ | ना. | पर्ने क्रिया वा प्रक्रिया। | |
| 52226 | पराइनु | क.क्रि. | पर्न लगाइनु पर्ने पारिनु। | |
| 52227 | पराई | वि. | आफूदेखि बाहेकको अर्को, बिरानो। | |
| 52228 | पराई | वि. | ना. २. आफन्तबाहेकको व्यक्ति; परचक्री। | |
| 52229 | पराउनु | प्रे.क्रि. | पर्न लाउनु पर्ने पार्नु। | |
| 52230 | पराउनु | प्रे.क्रि. | [पार् + आउनु] २ पार्न लाउनु पार्ने पार्नु। | |
| 52231 | पराकाष्ठा | ना. | निश्चित आयाम वा विषयको अन्तिम सीमा, चरमसीमा, आखिरी हद, पल्लो फाल। | |
| 52232 | पराक्रम | ना. | शक्ति सामर्थ्यका साथ गरिने वा हुने कुनै ठुलो काम; बहादुरी वीरता। | |
| 52233 | पराक्रम | ना. | २. उत्साह तथा उद्यमका रूपमा गरिने कुनै राम्रो र ठुलो काम, पौरख, पुरुषार्। | |
| 52234 | पराक्रम | ना. | ३ अगाडि बढेर कसैमाथि आक्रमण गर्ने काम, जाइकटक; चढाइ। | |
| 52235 | पराक्रमण | ना. | अर्कामाथि जाइलाग्ने काम। | |
| 52236 | पराक्रमण | ना. | २. अर्कामा निहित अधिकार बलपूर्वक आफूमा हस्तान्तरित गर्ने काम। | |
| 52237 | पराक्रमी | वि. | पराक्रम भएको, पुरुषार्थी, पौरखी। | |
| 52238 | पराक्रम्य | वि. | आक्रमण गर्न लायकको; पराक्रमण गर्न योग्य। | |
| 52239 | पराग | ना. | फूलभित्र हुने सुगन्धी धुलो, पुष्पराज। | |
| 52240 | पराग | ना. | २. नुहाउनुभन्दा पहिले घसिने सुगन्धी चूर्ण, बुकुवा। | |
| 52241 | पराग | ना. | ३. चन्दन,। | |
| 52242 | पराग कण | ना. | फूलहरूका परागकेलीमा उत्पन्न हुने एक किसिमको उर्वर प्रजननशील तत्त्व। | |
| 52243 | पराग केसर | ना. | फूलका गुभामा पराग टाँसिएको सूत्र। | |
| 52244 | पराग कोष | ना. | परागकणहरू रहने पुरुषेन्द्रियको एक छेउको भाग। | |
| 52245 | परागण | ना. | भमरा आदिले एक फूलको केसर लगेर अर्का फूलमा हालिदिने क्रिया; परागसेचन, भालेपोथी फूलहरूको प्रजनन व्यापार। | |
| 52246 | परागण कार्य | ना. | एक फूलमा रहेका शुक्रकीट अर्का फूलका डिम्ब पर्ने क्रिया। | |
| 52247 | परागत | वि. | परलोक भइसकेको, मरेको; मृ। | |
| 52248 | परागत | वि. | २. लपेटिएको; बेरिएको। | |
| 52249 | परागत | वि. | ३. फैलिएको पाँजिएको। | |
| 52250 | परागत | वि. | ४. पछिल्लो वर्णका प्रभावमा परेर अगिल्लो वर्ण पनि पछिल्लो वर्ण जस्तै भएको (जस्तै- भक्त > भत्त आदि)। |