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| 11751 | औषधाश्रित | वि. | १. सधैँ औषधी गरिरहनुपर्ने । |
| 11752 | औषधाश्रित | वि. | २. औषधीका भरमा बाँचेको । |
| 11753 | औषधि / औषधी | ना. | १. रोग निको पार्ने वा शरीर तन्दुरुस्त पार्ने वस्तु; ओखती। |
| 11754 | औषधि / औषधी | ना. | २. उपाय; प्रयत्न। |
| 11755 | औषधि / औषधी विज्ञान | ना. | औषधीको निर्माण, प्रयोग, प्रतिक्रिया आदिका सम्बन्धमा विस्तृत चर्चा भएको शास्त्र; औषधीसम्बन्धी विषयको जानकारी गराउने शास्त्र; खाने र लाउने औषधीसँग सम्बन्धित विज्ञान। |
| 11756 | औषधि / औषधीवेत्ता | ना. | औषधीविज्ञानको विशेषज्ञ (फिजिसियन)। |
| 11757 | औषधोपचार | ना. | औषधी सेवन गरिने उपचार। |
| 11758 | औषधोपचार सापटी | ना. | कुनै संस्था वा कार्यालयले आफ्ना कर्मचारीहरूलाई कुनै रोग लागेको उपचार गराउन दिने सहायता वा सापटी | |
| 11759 | औष्म्य | ना. | १. ग्रीष्म ऋतुसम्बन्धी; गर्मीसम्बन्धी; ऊष्मसम्बन्धी। ना. |
| 11760 | औष्म्य | ना. | २. उष्णता। |
| 11761 | औसत | ना. | १. सालाखाला; सरदर । वि. |
| 11762 | औसत | ना. | २. बिचको; साधारण । |
| 11763 | औसत तलब | ना. | कुनै संस्था वा कार्यालयका कर्मचारीहरूले सरदर वा सालाखाला रूपमा पाउने तलब | |
| 11764 | औसत ताप | ना. | अधिकतम र न्यूनतम तापको सरदर वा सालाखाला ताप। |
| 11765 | औसत वर्षा | ना. | अधिकतम र न्यूनतम वर्षाको सरदर वा सालाखाला वर्षा । |
| 11766 | औसर | ना. | १. अवसर; मौका; याम; ताक। |
| 11767 | औसर | ना. | २. अपराध; बिराम; गल्ती; भुल। |
| 11768 | औसरवादी | वि. | अवसरवादी; ताकछोपुवा । |
| 11769 | औसरिया | वि. | १. विद्रोही । |
| 11770 | औसरिया | वि. | २. अवसरवादी । |
| 11771 | औसानी | ना. | १. वैदिक संस्कृतिअनुसार भोजन गर्नभन्दा पहिले देवता वा पितृका निम्ति दिइने पाँच चिम्टी अन्न; बलि। |
| 11772 | औसानी | ना. | २. भात खानुभन्दा पहिले हातमा पानी लिएर आफ्नो अगाडिको भोजनको वरिपरि घुमाउने क्रिया; अप्सानी । |
| 11773 | औसानी | ना. | ३. गर्भवती आइमाईलाई खानेकुरा खाँदा लाग्ने वाकवाकी; गन्हाउने । |
| 11774 | औस्या | वि. | नमिल्दो स्वभावको; ओखरपाङ्ग्रे। |
| 11775 | क | १. देवनागरी वर्णमालाको व्यञ्जनवर्णमध्ये पहिलो वर्ण; कण्ठस्थानबाट उच्चारण हुने, स्पर्शी, अल्पप्राण तथा अघोष ध्वनि; लेख्य रूपमा सो व्यञ्जनवर्णको प्रतिनिधित्व गर्ने लिपिचिह्न; कपुरी क। | |
| 11776 | क | २. कुनै वस्तु, विषय वा कुराको वर्गीकरण वा मूल्याङ्कन गर्दा पहिलो वा उम्दा श्रेणीलाई छुट्ट्याई चिनाउन प्रयोग गरिने श्रेणीबोधक अक्षरसङ्केत; लेखाइका क्रममा विषयको वर्गीकरण वा विभाजन उपविभाजनका निम्ति व्यञ्जनवर्णको प्रयोग गरिँदा दिइने क्रमबोधक पहिलो चिह्न। | |
| 11777 | कँचिया | वि. | १. काँचोपन बाँकी रहेको; नपाकेको। |
| 11778 | कँचिया | वि. | २. राम्ररी नसुकेको (रुख, दाउरा आदि)। |
| 11779 | कँठिनी | वि . | १. काँठमा बस्ने; काँठमा घर हुने वा रहने (स्त्री)। ना. |
| 11780 | कँठिनी | वि . | २. काँठे आइमाई; काँठे पुरुषकी पत्नी। |
| 11781 | कँडारो | ना. | कामी र सर्किनीबाट जन्मेको सन्तान; कामीको तथाकथित तल्लो कोटि। स्त्री. कँडार्नी। |
| 11782 | कँडाली | ना. | प्रायः पूजासामान, फलफूल, तरकारी र अरू सामान आदि हालिने, उझिन्डो भएको चोयाको वा धातुको भाँडो। |
| 11783 | कँडेकेशरी | ना. | गुलाफको जस्तै पात हुने जङ्गली काँडे फूलको बोट। |
| 11784 | कँडेचमेली | ना. | बोटमा काँडा भएको, कनिकाजस्ता पात हुने, चमेलीको जस्तै बास्ना आउने र सेतो रङ्गको फूल फुल्ने एक जातको चमेली फूल वा त्यसको बोट। |
| 11785 | कँडेल | ना. | १. विभिन्न रङ्गका फूल फुल्ने, एक बित्तासम्मको लामो र करिब एक अङ्गुल चौडा पात हुने बिखालु बोट; करवीर। |
| 11786 | कँडेल | ना. | २. नेपालीहरूको एउटा थर। |
| 11787 | कँधेउली | ना. | दुवैपट्टि भारी झुन्ड्याएर काँधमा बोक्ने काठ वा बाँस आदिको घोचो; नोल। |
| 11788 | कँधेरी | ना. | काँधमा भिर्ने वस्त्र; काँधे। |
| 11789 | कँधेली | ना. | कँधेरी; कँधेउली। |
| 11790 | कँध्याइ | ना. | काँधिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 11791 | कँध्याइनु | क. क्रि. | १. काँधिने पारिनु; काँधिन लाइनु। |
| 11792 | कँध्याइनु | क. क्रि. | २. मोटाइनु। |
| 11793 | कँध्याउनु | प्रे. क्रि. | १. काँधिने पार्नु। |
| 11794 | कँध्याउनु | प्रे. क्रि. | २. मोटो बनाइनु। |
| 11795 | कँध्याहा | वि. | १. झैझगडा आदिमा एक पक्षलाई बहकाएर अर्को पक्षका विरुद्ध उचाल्ने; बोकाहा। |
| 11796 | कँध्याहा | वि. | २. काँधे; कँधेउरी। |
| 11797 | कँपाइ | ना. | काँप्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया; कम्पन। |
| 11798 | कँपाइनु | क. क्रि. | काँप्न लगाइनु; काँप्ने पारिनु; कम्प गराइनु। |
| 11799 | कँपाउनु | प्रे. क्रि. | काँप्ने वा थरथराउने पार्नु; कम्प गराउनु; कमाउनु। |
| 11800 | कँवर | ना. | १. कनफट्टा जोगीको कर्म नचलेको अर्थात् कान नचिरेको सन्तति। |