|
|
|
|
|
|---|---|---|---|
| 34851 | ठमठमाहट | ना. | ठमठमाउने काम वा अवस्था। |
| 34852 | ठमठमिनु | अ.क्रि. | ठमठम गर्ने होइनु। |
| 34853 | ठमठमी | क्रि.वि. | ठमठमती। |
| 34854 | ठमठम्याइ | ना. | ठमठमिने स्थिति, काम वा किसिम। |
| 34855 | ठमाइ | ना. | ठमाउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया; ठम्याइ। |
| 34856 | ठमाइनु | क.क्रि. | ठम्याइनु; निधो गरिनु। |
| 34857 | ठमाउनु | स.क्रि. | १. कसैलाई चिन्नु। |
| 34858 | ठमाउनु | स.क्रि. | २. ठिकसँग विचार गर्नु; निधो गर्नु। |
| 34859 | ठमिनु | अ.क्रि. | १. निधो हुनु; थाहा हुनु। |
| 34860 | ठमिनु | अ.क्रि. | २. चिनारी हुनु; चिनिनु। |
| 34861 | ठम्याइ | ना. | ठमिने वा ठम्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 34862 | ठम्याइनु | क.क्रि. | ठहर गरिनु; निधो गरिनु। |
| 34863 | ठम्याउनु | स.क्रि. | १. कुनै कुरा वा वस्तु यही हो भनी थाहा पाउनु; निधो गर्नु। |
| 34864 | ठम्याउनु | स.क्रि. | २. चिन्नु; पहिचान्नु। |
| 34865 | ठम्याउनु | स.क्रि. | ३. कुनै कामकुरामा ठिकसँग विचार गर्नु; ठमाउनु। |
| 34866 | ठर्रा | ना. | स्वदेशमा उत्पादन हुने, कडा खालको घरेलु रक्सी। |
| 34867 | ठर्रिनु | अ.क्रि. | ठर्रो हुनु; जर्रिनु; दह्रिनु। |
| 34868 | ठर्रो | वि. | १. रुखो स्वभावको; जखरिएको। |
| 34869 | ठर्रो | वि. | २. जर्रो; दह्रो। |
| 34870 | ठर्र्याइ | ना. | १. ठर्रिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 34871 | ठर्र्याइ | ना. | २. ठर्ऱ्याउने काम वा किसिम। |
| 34872 | ठर्र्याइनु | क.क्रि. | ठर्रो पारिनु; ठर्रो तुल्याइनु। |
| 34873 | ठर्र्याउनु | स.क्रि. | ठर्रो पार्नु; दह्रो तुल्याउनु; जर्खर्र्याउनु। |
| 34874 | ठसक्क | क्रि.वि. | रिसाएर वा गुत्थिएर; ठस्स; ठुस्स। |
| 34875 | ठसठस | क्रि.वि. | १. कुनै वस्तु सडेर वा गलेर गनाउने किसिमले; डुङडुङ। |
| 34876 | ठसठस | क्रि.वि. | २. दिसा गर्दा, जिउ दुख्दा आदि अवस्थामा कनेर। |
| 34877 | ठसठस | क्रि.वि. | ३. कसैसँग कुनै कुरामा चित्त नबुझेर रिसाए झैँ गरी। |
| 34878 | ठसठस | क्रि.वि. | ४. कसैलाई टोकस्ने किसिमले; घोचपेच हानेर। |
| 34879 | ठसठसी/ ठसठस्ती | क्रि.वि. | अझै छिटो ठसठस हुने गरी। |
| 34880 | ठसठसे | वि. | ठसठस गर्ने बानी भएको; कन्ने स्वभावको। |
| 34881 | ठसमस्स | क्रि.वि. | सन्चसित पलेँटी कसेर बस्ने गरी; ढसमस्स। |
| 34882 | ठसाइ | ना. | ठास्ने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 34883 | ठसाइनु | क.क्रि. | ठास्न लाइनु। |
| 34884 | ठसाउनु | प्रे.क्रि. | १. अटाईनअटाई हाल्न लगाउनु; कोचाउनु। |
| 34885 | ठसाउनु | प्रे.क्रि. | २. मैथुन गराउनु। |
| 34886 | ठसाठस | क्रि.वि. | अटेसमटेस पारेर भरिने वा खाँदिने गरी; खाँदाखाँद; टनाटन। |
| 34887 | ठस्कनु | अ.क्रि. | १. कसैप्रति चित्त नबुझ्नाले वा मन नपर्ने कारण पर्दा प्रतिकारस्वरूप रिसको भाव देखाउनु; ठुस्स पर्नु; ठस्कोस्को गर्न। |
| 34888 | ठस्कनु | अ.क्रि. | २. झर्को मानेर बोल्न; झर्कन्। |
| 34889 | ठस्काइ | ना. | ठस्कने वा ठस्काउने क्रिया-प्रक्रिया। |
| 34890 | ठस्काइनु | क.क्रि. | ठस्कने तुल्याइनु; बेखुस पारिनु। |
| 34891 | ठस्काउनु | प्रे. क्रि. | १. ठस्कने पार्नु; बेखुस पार्नु; ठुस्याउनु। स.क्रि. |
| 34892 | ठस्काउनु | प्रे. क्रि. | २. अपानवायु छोड्नु। |
| 34893 | ठस्किनु | अ.क्रि. | ठुस्स परिनु; ठस्कनु। |
| 34894 | ठस्के | वि. | ठुस्स पर्ने स्वभावको; ठस्कने। |
| 34895 | ठस्को | ना. | कुनै कारणमा कसैसित रिसाउँदा वा झोक पोख्ताको मनोभाव; बेखुसी। |
| 34896 | ठस्कोमस्को | ना. | रिसाउँदा वा भोक पोख्ता देखाइने हाउभाउ अथवा चालढाल; ठस्याकठुसुक; झर्कोफर्को। |
| 34897 | ठस्क्याइ | ना. | ठस्किने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 34898 | ठस्क्याइनु | क.क्रि. | ठस्किने पारिनु; ठस्स्याइनु। |
| 34899 | ठस्क्याउनु | प्रे. क्रि. | ठस्किने पार्नु; ठस्स्याउनु। |
| 34900 | ठस्याकठुसुक | क्रि.वि. | मन नपरेका मानिससित कुरा गर्दा रिस दबाएर वा केही वास्ता नराखी ; मन नपर्दानपर्दै पनि अलिअलि बोलेर; आकलझुकल मात्र कुरा गरी। |