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| 83401 | शिखण्डी | ना. | ५. पौरुष वा बलको अभाव भएको व्यक्ति वा त्यस्तो व्यक्तिलाई उभ्याएर आफ्नो काम पट्याउने मानिस। | |
| 83402 | शिखर | ना. | १. पर्वतको सबभन्दा माथिल्लो भाग; चुचुरो; टाकुरो। | |
| 83403 | शिखर | ना. | २. घर, मन्दिर आदिको उपल्लो चुच्चो भाग; गजुर। | |
| 83404 | शिखर नारायण | ना. | उपत्यकाका चार नारायणमध्ये काठमाडौँदेखि दक्षिणमा पर्ने फर्पिङ भन्ने ठाउँमा रहेका एक नारायण। | |
| 83405 | शिखर सम्मेलन | ना. | कुनै निश्चित उद्देश्य लिई राष्ट्राध्यक्षहरूका बिचमा हुने सम्मेलन वा सद्भावनापूर्ण भेला। | |
| 83406 | शिखरिणी | ना. | १. प्रत्येक चरण यगण, मगण, नगण, सगण, भगण र लघु र गुरुसमेत सत्र अक्षरले बन्ने, छ र बाह्र अक्षरमा विश्राम हुने एक वार्णिक छन्द। | |
| 83407 | शिखरिणी | ना. | २. छातीदेखि नाभिसम्म गएको रोमपङ्क्ति। | |
| 83408 | शिखरिणी | ना. | ३. श्रेष्ठ वा उत्तम नारी; शालीन स्त्री। | |
| 83409 | शिखरी | वि. | १. शिखर भएको वा शिखर हुने; टाकुरे। ना. | |
| 83410 | शिखरी | वि. | २. पहाडी किल्ला; पर्वत। | |
| 83411 | शिखा | ना. | १. चूडाकर्म गर्दा शिरको माझमा राखिने कपालको गाँठो; टुपी। | |
| 83412 | शिखा | ना. | २. मुजुर, डाँफे आदिको सिउर। | |
| 83413 | शिखा | ना. | ३. आगो, बत्ती आदिको ज्वाला। | |
| 83414 | शिखा | ना. | ४. तिखो टुप्पो। | |
| 83415 | शिखाधर | वि. | शिखा धारण गर्ने; शिखावान्। | |
| 83416 | शिखावान् | वि. | १. शिखा भएको; शिखाधर; शिखी। ना. | |
| 83417 | शिखावान् | वि. | २. अग्नि। | |
| 83418 | शिखावान् | वि. | ३. बत्ती। | |
| 83419 | शिखावान् | वि. | ४. चिता। | |
| 83420 | शिखासूत्र | ना. | द्विजजातिको मुख्य धार्मिक चिह्न भएको शिखा र जनै। | |
| 83421 | शिखी | वि. | १. शिखा भएको; शिखाधर। | |
| 83422 | शिखी | वि. | २. चुच्चो परेको; तिखाउरे। ना. | |
| 83423 | शिखी | वि. | ३. द्विजाति। | |
| 83424 | शिखी | वि. | ४. मुजुर, डाँफे आदि सिउर हुने पक्षी। | |
| 83425 | शिखी | वि. | ५. अग्नि; बत्ती। | |
| 83426 | शिखी | वि. | ६. बाण। | |
| 83427 | शिखीबुद्ध | ना. | काठमाडौँ उपत्यकाको फूलचोकी पहाडमा तपस्या गर्ने, पुराणप्रसिद्ध एक बुद्धको नाम। | |
| 83428 | शिङ्घाण | ना. | सिँघान। | |
| 83429 | शिञ्जा | ना. | १. गहनाहरू बजेको आवाज; झन्कार; सिन्जा। | |
| 83430 | शिञ्जा | ना. | २. धनुको डोरी; ताँदो। | |
| 83431 | शिञ्जिनी | ना. | १. ताँदो; परिन्जो। | |
| 83432 | शिञ्जिनी | ना. | २. गोडामा पहिरिने गहना (पाउजेब, नूपुर आदि)। | |
| 83433 | शिञ्जिनी | ना. | ३. बज्ने माला। | |
| 83434 | शिति | वि. | १. श्वेत; सेतो। | |
| 83435 | शिति | वि. | २. कालो। | |
| 83436 | शितिकण्ठ | ना. | नीलकण्ठ; महादेव। | |
| 83437 | शिथिल | वि. | १. राम्ररी नकसिएको; खुकुलो (गाँठो, कुरो आदि)। | |
| 83438 | शिथिल | वि. | २. कामले साह्रै थाकेको वा गलेको; लस्त। | |
| 83439 | शिथिल | वि. | ३. आज्ञा वा नियमविधानको राम्रो पालना नभएको। | |
| 83440 | शिथिल | वि. | ४. दह्रो नभएको; दुर्बल। | |
| 83441 | शिथिल | वि. | ५. छरितोसँग काम गर्न नसक्ने; जुम्सो। | |
| 83442 | शिथिलता | ना. | १. शिथिल हुने चाल वा स्थिति। | |
| 83443 | शिथिलता | ना. | २. वाक्यरचनामा शब्दयोजना नमिल्दा पर्ने, काव्यको एक दोष। | |
| 83444 | शिम्बी | ना. | १. सिमी, केराउ, बोडी आदिको कोसो। | |
| 83445 | शिम्बी | ना. | २. सिमी। | |
| 83446 | शिर | ना. | १. शरीर आदिको उपल्लो भाग; टाउको; माथ; मस्तक। | |
| 83447 | शिर | ना. | २. प्रायः खोलाको उद्गमस्थल। | |
| 83448 | शिर | ना. | ३. कुनै वस्तु वा ठाउँविशेषको टुप्पो। | |
| 83449 | शिरद्वार | ना. | घोडाका टाउकामा कसिने छालाको उपकरण। | |
| 83450 | शिरनामा | ना. | १. चिठीपत्र, लिखत आदिको सुरमा लेखिने प्रशस्ति वा शिरमा लेखिने बेहोरा। |