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| 73701 | रती | ना. | हे. रत्ती। |
| 73702 | रती पनि | क्रि.वि. | थोरै पनि। |
| 73703 | रतीभर | क्रि.वि. | अलिकति मात्रामा पनि; थोरै पनि; किञ्चित् पनि। |
| 73704 | रतुली | वि. | रातो रङको; रातो वर्णको (बाख्रो )। |
| 73705 | रतुवा१ | वि. | १. रातो वर्णको; रातो खालको। ना. |
| 73706 | रतुवा१ | वि. | २. रातो वर्णको मात्र हुने मृगको एक जात; रातो मृग। |
| 73707 | रतुवा१ | वि. | ३. सात माई नदीमध्येकी एक माईनदी; रतुवामाई। |
| 73708 | रतुवा२ | वि. | रतिएको; पूरै लहसिएको; सधिएको; आत्मीय भएको। |
| 73709 | रतेउली/रतेली | ना. | १. बिहाका दिन दुलाहा अन्भाइसकेपछि दुलाहाका घरमा आइमाईहरू भेला भएर रातभर गरिने, स्त्रीपुरुषका बिचको प्रेमालापमा आधारित नाचगान, अभिनय आदिको रमाइलो; रत्यौली। |
| 73710 | रतेउली/रतेली | ना. | २. दुलही भित्र्याउने दिन दुलाहातर्फबाट खुवाइने भोज; रतेली भोज। |
| 73711 | रतेउली/रतेली भोज | ना. | बिहेका दिन दुलाहाका घरमा रात बिताउनेको सम्मानमा सबैलाई खुवाइने भोज। |
| 73712 | रतौँधी | ना. | रात परेपछि आँखा नदेख्ने रोग; रतन्धो। |
| 73713 | रत्तिनु | अ.क्रि. | १. आकर्षित हुनु; लहसिनु; रतिनु। |
| 73714 | रत्तिनु | अ.क्रि. | २. प्रेममा फस्नु; अनुरक्त हुनु। |
| 73715 | रत्तिनु | अ.क्रि. | ३. कसैका वशमा बस्न रमाउनु; सधिनु। |
| 73716 | रत्तिनु | अ.क्रि. | ४. आत्मीय हुनु। |
| 73717 | रत्ती | ना. | १. लाल; रती; रातीगेडी; लालगेडी। क्रि.वि. |
| 73718 | रत्ती | ना. | २. अलिकति; अत्यन्त थोरै। (उदा.- अँ मैले भनेको रत्ती मान्दैन)। |
| 73719 | रत्न | ना. | १. गहना, आभूषण, श्रीपेचजस्ता अलङ्कारमा जडिने बहुमूल्य पत्थर; हीरा, पन्ना, माणिक, आदिको पत्थर; मोती, माणिक्य, वैदूर्य, गोमेद, हीरा, मुगा, पद्मराग, पन्ना र नीलमणिसमेतका प्रसिद्ध नवरत्न; जवाहिरात। वि. |
| 73720 | रत्न | ना. | २. सर्वोत्तम; सर्वश्रेष्ठ; उत्कृष्ट। |
| 73721 | रत्नकान्ति | ना. | रत्नको शोभा; रत्नको छवि। |
| 73722 | रत्नगर्भ | वि. | रत्नको जस्तो शोभा वा कान्ति भएको। |
| 73723 | रत्नगर्भा | ना. | पृथ्वी, धरती। |
| 73724 | रत्नगन्धी | ना. | शिरीषका जस्ता ससाना पात हुने, रहरलाग्दा राता रङका फूल लाग्ने, कोसाका भित्र फल फल्ने एक वृक्षविशेष; पात र बोक्राबाट पेटको रोग र फूलबाट दम, ब्रोङ्काइटिस र औलो ज्वराको आयुर्वेदिक औषधी बन्ने सोही वृक्ष; कृष्णाचुर। |
| 73725 | रत्नपाणि | ना. | बौद्धधर्मअनुसार रत्नसम्भवका छोरा; पाँच बोधिसत्त्वमध्ये एक। |
| 73726 | रत्नसम्भव | ना. | पञ्च ध्यानी बुद्धमध्येका एक; बौद्धिक स्तूपचैत्य आदिका दक्षिणपट्टि राखिने देवता; रत्नपाणिका पिता। |
| 73727 | रत्नाउलो | ना. | चार हजार फिटभन्दा अग्लो ठाउँका चिस्यान र मलिला ठाउँमा उम्रने, पानका आकारका हल्का हरियो रङका पात हुने, रातो डाँठ हुने, घाँसका रूपमा प्रयोग गर्दा गाईबस्तुको दुध पघ्रने भुईँघाँस। |
| 73728 | रत्नाकर | ना. | १. विभिन्न बहुमूल्य रत्नको खानी मानिने ठाउँ। |
| 73729 | रत्नाकर | ना. | २. समुद्र; सागर। |
| 73730 | रत्नाकर | ना. | ३. खानी। |
| 73731 | रत्नाकर | ना. | ४. पुराणका अनुसार बाल्मीकि ॠषिको ॠषि हुनुभन्दा पहिलेको नाम। |
| 73732 | रत्नावली | ना. | १. बहुमूल्य रत्नहरू जडिएको माला; रत्नको हार। |
| 73733 | रत्नावली | ना. | २. अलङ्कारशास्त्रअनुसार कुनै प्रसङ्गमा प्रकृतिको क्रमिक विषयको उल्लेख हुँदा पर्ने अलङ्कार; अर्थालङ्कारको एक भेद। |
| 73734 | रत्नि | ना. | वास्तु तथा मूर्तिकलामा एक्काइस अमल बराबरको नापो बुझाउन प्रयोग हुने शब्द। |
| 73735 | रत्नौलो | ना. | रत्नाउलो। |
| 73736 | रत्याइ | ना. | १. रतिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। [रत्याउ+आइ] |
| 73737 | रत्याइ | ना. | २. रत्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 73738 | रत्याइनु | क.क्रि. | रतिने तुल्याउनु। |
| 73739 | रत्याउनु | स.क्रि. / प्रे.क्रि. | रतिने तुल्याइनु; अनुरक्त पार्नु; लहस्याउनु। |
| 73740 | रत्याहट | ना. | रत्याइ। |
| 73741 | रत्याहा | वि. | १. रत्याउने। |
| 73742 | रत्याहा | वि. | २. रतिने। |
| 73743 | रत्यौली | ना. | रतेउली; रतेली। |
| 73744 | रथ | ना. | १. प्राचीन कालमा घोडाले तानेर हिँडाउने चारपाङ्ग्रे सवारीसाधन वा वाहन। |
| 73745 | रथ | ना. | २. अचेल देउ-देउताको यात्रामा प्रयोग गरिने, मान्छेबाट तानिने त्यस्तै साधन। |
| 73746 | रथ | ना. | ३. झाँकी आदिमा हिँडाउनका लागि सिँगारेर घर वा मन्दिरजस्तो रूपमा परिणत गरिएको मोटर, ट्रक आदि। |
| 73747 | रथ | ना. | ४. अचेलका आधुनिक वाहनमध्ये गोरुगाडा, बग्गी, टाँगा आदि। |
| 73748 | रथ | ना. | ५. शरीर; देह। |
| 73749 | रथ | ना. | ६. गोडा; खुट्टा। |
| 73750 | रथधूली | ना. | १. रथ, टाँगा, एक्का आदिका पाङ्ग्राले उडाएको धुलाको कण। |