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| 75301 | रुहिनु | क.क्रि. | १. रुहुने काम गरिनु। |
| 75302 | रुहुनु | स.क्रि. | १. दुहे झैँ गरी गेडा मात्र आउने गरेर धान, गहुँ आदिका बाला तान्नु। |
| 75303 | रुहुनु | स.क्रि. | २. दाँतीमा धान, दुबो आदि हालेको काँगियोले लिखा झार्नु। |
| 75304 | रूक्ष | वि. | १. चिल्लो, पोसिलो वा मसिनु नभएको; रुखो; फुस्रो; खस्रो; सुक्खा। |
| 75305 | रूक्ष | वि. | २. बिझाउने; कर्कश; कठोर। |
| 75306 | रूख | ना. | हे. रुख। |
| 75307 | रूखासूखा | वि. | हे. रुखासुखा। |
| 75308 | रूखो | वि. | हे. रुखो। |
| 75309 | रूढ | वि. | १. उम्रेको वा टुसाएको। |
| 75310 | रूढ | वि. | २. चढेको; आरूढ। |
| 75311 | रूढ | वि. | ३. सबैले मानेको; प्रसिद्ध। |
| 75312 | रूढ | वि. | ४. व्यवहारमा चलेको; प्रचलित। |
| 75313 | रूढ | वि. | ५. वृद्धि भएको; बढेको। ना. |
| 75314 | रूढ | वि. | ६. प्रकृतिप्रत्ययको अर्थदेखि भिन्न अर्थ बुझाउने शब्द। |
| 75315 | रूढि | ना. | १. धेरै समयदेखि चलेको प्रथा; चलन। |
| 75316 | रूढि | ना. | २. उठान; उत्पत्ति; जन्म। |
| 75317 | रूढि | ना. | ३. प्रसिद्धि; फैलोट; वृद्धि। |
| 75318 | रूढि | ना. | ४. प्रचलित अर्थ। वि. |
| 75319 | रूढि | ना. | ५. पहिलेदेखि चलेको; परम्परादेखि मानिँदै आएको। |
| 75320 | रूढिबुढी | ना. | बुढापाकादेखि चलिआएको प्रथा; पहिलेदेखि मानिँदै आएको रीतिथिति; पुर्ख्यौली चाल। |
| 75321 | रूढिभाँडी | वि. | दिग्दारीलाग्दो; उराठिलो। |
| 75322 | रूढिलक्षणा | ना. | काव्यमा पाइने लक्षणा नामक शब्दशक्तिको एक भेद (यसमा व्यङ्ग्यार्थको अपेक्षाविना प्रचलनवश मुख्यार्थमा बाधा वाक्यप्रयोग हुन्छ, जस्तै- काममा कुशल।) |
| 75323 | रूढिवाद | ना. | पुर्ख्यौली चालचलन जस्ताको तस्तै मान्नुपर्छ भन्ने मत वा सिद्धान्त; परम्परावाद। |
| 75324 | रूढिवादी | वि. | रूढिवाद मान्ने वा मन पराउने। |
| 75325 | रूढिविकृति | ना. | परम्परादेखि चलेको विसङ्गतिजन्य स्थिति; पहिलेदेखिको बिग्रँदो चालचलन। |
| 75326 | रूढी | ना. | हे. रुढी। |
| 75327 | रूप | ना. | १. आँखाले थाहा पाइने कुनै व्यक्ति वा वस्तुको आकार र रङ वा वर्ण; अनुहार; चेहरा। |
| 75328 | रूप | ना. | २. आकृति; शरीर, देह। |
| 75329 | रूप | ना. | ३. पहिरन; भेष। |
| 75330 | रूप | ना. | ४. प्रतिमा; मूर्ति। |
| 75331 | रूप | ना. | ५. समानता; सादृश्य। |
| 75332 | रूप | ना. | ६. वाक्यमा प्रयुक्त रूपायित शब्द; फर्म। |
| 75333 | रूपक | ना. | १. साहित्यमा उपमान र उपमेयको अभिन्न सम्बन्ध देखाई वर्णन गर्दा पर्ने एक अर्थालङ्कार (उदा.- हाँस्तछे बालिका यौटी बालसूर्य भईकन।) |
| 75334 | रूपक | ना. | २. नाटक, प्रकरण, भाण, व्यायोग, समवकार, डिम, ईहामृग, अङ्क, वीथी र प्रहसन- यी दश भेद हुने अभिनेयकाव्य वा दृश्यकाव्य। |
| 75335 | रूपक कार्यक्रम | ना. | रेडियो (आकाशवाणी) द्वारा प्रसारित हुने नाटक, प्रहसन आदि कार्यक्रम। |
| 75336 | रूपकातिशयोक्ति | ना. | काव्यमा अतिशयोक्ति अलङ्कारको एक भेद। |
| 75337 | रूपतत्त्व | ना. | कुनै पनि भाषाका शब्दको बनोटमा पाइने पूर्वसर्ग, परसर्ग, मध्यसर्ग आदि। |
| 75338 | रूपभेद | ना. | शब्दको अर्थ वा स्वरूप आदिमा हुने आंशिक परिवर्तन। |
| 75339 | रूपमय | वि. | रूपले युक्त; अति सुन्दर; साऱ्है राम्रो। |
| 75340 | रूपराशि | ना. | सौन्दर्यको खानी; सुन्दरता। |
| 75341 | रूपरेखा | ना. | १. पछि हुने वा गरिने कामको मोटामोटी अनुमान; पूर्वयोजना। |
| 75342 | रूपरेखा | ना. | २. मूर्ति आदि तयार पार्न कोरिएको रेखा; मूर्तिको खाका। |
| 75343 | रूपरेखा | ना. | ३. मसौदा; खेस्रा। |
| 75344 | रूपवती | वि. | रूप भएकी; राम्री; सुन्दरी। |
| 75345 | रूपवान् | वि. | रूप भएको; सुन्दर; राम्रो। |
| 75346 | रूपसज्जा | ना. | रूप सजाउने काम; डिजाइन। |
| 75347 | रूपसाधन | ना. | १. व्याकरणअनुसार वचन, लिङ्ग आदिका भेदले शब्दका विभिन्न रूप बनाउने प्रक्रिया। |
| 75348 | रूपसाधन | ना. | २. प्रसाधन। |
| 75349 | रूपसी | वि. | हे. रुपसी। |
| 75350 | रूपहारा | वि. | हे. रुपहारा। |