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| 77151 | लाचारी | ना. | लाचार हुनाको भाव; विवशता। |
| 77152 | लाछ्नु | स.क्रि. | बोक्रा लछार्नु; तोड्नु; चुँड्नु। |
| 77153 | लाछलुछ | ना. | १. लाछ्ने र लुछ्ने काम; लुछाचुँडी; लुछलाछ। |
| 77154 | लाछलुछ | ना. | २. खोसाखोस; लुटलाट। |
| 77155 | लाछा | ना. | १. आइमाईहरूले चुल्ठामा गाँसेर लगाउने रौँको लच्छा। |
| 77156 | लाछा | ना. | २. एक सेरको सनपाटको मुठो। |
| 77157 | लाछाडोरी | ना. | चुल्ठो समात्न र लामो पार्न आइमाईले लाउने तीन लुर्का भएको धागाको गुच्छो। |
| 77158 | लाछिनु | क.क्रि. | बोक्रा लछारिनु; लोडिनु; चुँडिनु। |
| 77159 | लाछी | वि. | १. साहस वा ह्याउ नभएको; निर्धो; काँथर; नामर्द। |
| 77160 | लाछी | वि. | २. धक वा लाजले अरूको अगाडि बोल्न नसक्ने। |
| 77161 | लाछी | वि. | ३. ना. भेट्नुसमेत टिपिएको भोर्लाका पातको मुठो। |
| 77162 | लाछी | वि. | ४. पहाडतिरका घरको सामुन्ने भागको बरन्डा। |
| 77163 | लाछी | वि. | ५. घरका पाखामा गाँसेको छानु। |
| 77164 | लाज | ना. | मान्य जनका सम्मुख पर्दा वा अनुचित कामकुरा, व्यवहार आदि भएको अनुभव गर्दा हुने धक वा सङ्कोच; लज्जा; सङ्कोच। |
| 77165 | लाजगाल | ना. | १. जसरीतसरी; जसोतसो। |
| 77166 | लाजगाल | ना. | २. इज्जत; प्रतिष्ठा; लोकलज्जा। |
| 77167 | लाजभाँड | ना. | सभा, समाज वा मान्य जनका सामुन्ने बोल्न नहुने कुरो; अश्लील वचन; लाज लाग्ने कुरो। |
| 77168 | लाजमर्दो | वि. | ज्यादै लाजलाग्दो; लाजले भुतुक्क पार्ने। |
| 77169 | लाजा | ना. | १. धान भुट्दा उठ्ने फूल; भुटेको धान; लावा। |
| 77170 | लाञ्छन | ना. | १. दाग; धब्बा; टाटो। |
| 77171 | लाञ्छन | ना. | २. कलङ्क; दोष; बात; आरोप। |
| 77172 | लाञ्छन | ना. | ३. चिह्न; निसान; निसानी। |
| 77173 | लाञ्छना | ना. | १. कलङ्क; अभियोग; दोष; लाञ्छन। |
| 77174 | लाञ्छना | ना. | २. अपवाद; निन्दा। |
| 77175 | लाञ्छित | वि. | लाञ्छना लगाइएको; दोषी तुल्याइएको; कलङ्कित। |
| 77176 | लाटलुट१ | ना. | जुठो चिज छरिएर बिटुलिने काम; लसपस; छातछूत। |
| 77177 | लाटलुट२ | ना. | जबर्जस्ती खोस्ने र लुट्ने काम; खोसमोस; लुटपिट। |
| 77178 | लाटा | ना. | १. मकै पाक्ने बेलामा बोटमा बस्ने पहेँलो किरो; मकैकिरो। |
| 77179 | लाटा | ना. | २. बालकहरूको खेलमा प्रयोग हुने एक शब्द। वि. |
| 77180 | लाटा | ना. | ३. लाटो; लट्ठक। |
| 77181 | लाटागाँडा | वि. | लठेप्रो; लाटो; ग्वाँजे; लाटोगाँडो। |
| 77182 | लाटानुप्रास | ना. | अनुप्रास शब्दालङ्कारको एक भेद; समानार्थक शब्दको आवृत्ति हुने तर अन्वय गर्दा भेद प्रतीत हुने एक शब्दालङ्कार। |
| 77183 | लाटिनु | अ.क्रि. | १. लाटो हुनु; लठ्याङ्ग्रिनु। |
| 77184 | लाटिनु | अ.क्रि. | २. रोगले मुख बिग्रेर जिभ्राले स्वाद थाहा नपाउने हुनु। |
| 77185 | लाटिनु | अ.क्रि. | ३. शरीरका अङ्गमा अचेतन वा जडता पैदा हुनु; बोधो हुनु। |
| 77186 | लाटी१ | ना. | काव्यशास्त्रअनुसार वैदर्भी र पाञ्चाली रीतिका बिचको एक रीति। |
| 77187 | लाटी२ | वि. | १. बोल्न नसक्ने; मुखबाट शब्द उच्चारण गर्न नसक्ने (स्त्री)। |
| 77188 | लाटी२ | वि. | २. लठ्यौरी। |
| 77189 | लाटी२ | वि. | ३. सोझो नियतकी; सुधी। |
| 77190 | लाटी२ | वि. | ४. मूर्ख; बद्धिहीन (स्त्री)। |
| 77191 | लाटीकाठ | ना. | लाम्चो आकारको पात हुने एक जातको रुख। |
| 77192 | लाटीको साल | ना. | अलपत्रे चाला। |
| 77193 | लाटी बुड्यानी | ना. | १. धामीविद्याअनुसार बुड्यानीका तीन बहिनीमध्ये एउटी; पूतना। |
| 77194 | लाटी बुड्यानी | ना. | २. रोगको एक भेद; मधौरुलाई विचेत पार्ने व्यथा। |
| 77195 | लाटो | वि. | १. बोल्न नजान्ने; बेला पुगेर पनि बोली नफुटेको; अबोला। |
| 77196 | लाटो | वि. | २. लठ्यौरो; ग्वाँगे; लठेप्रो। |
| 77197 | लाटो | वि. | ३. मूर्ख; जड। |
| 77198 | लाटो | वि. | ४. सुधो; साधु। |
| 77199 | लाटो | वि. | ५. निमुखा। |
| 77200 | लाटो | वि. | ६. नुन, पिरो, चिनी आदि नपुगेको; चखिलो नभएको; बेस्वादिलो (तरकारी, अचार आदि)। |