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| 82051 | वृत्ति | ना. | २. जीवनको भरणपोषणको साधन; जीविका। |
| 82052 | वृत्ति | ना. | ३. जीवननिर्वाहका निम्ति कसैलाई दिइने धन; भत्ता। |
| 82053 | वृत्ति | ना. | ४. जेहेन्दार, गरीब विद्यार्थीहरूलाई अध्ययनकालमा सहायतास्वरूप दिइने रकम। |
| 82054 | वृत्ति | ना. | ५. कुनै काम गरेबापत पाइने धन; पारिश्रमिक; ज्याला; मजदुरी। |
| 82055 | वृत्ति | ना. | ६. चालचलन; आचरण। |
| 82056 | वृत्ति | ना. | ७. कुनै पद, वाक्य वा ग्रन्थको अर्थ स्पष्ट हुने गरी गरिएको व्याख्या; टीका। |
| 82057 | वृत्ति | ना. | ८. व्याकरण, दर्शन आदि सूत्ररूपमा रहेका अर्थगर्भित छोटो वाक्यको अर्थ खुलस्त पार्ने वाक्य। |
| 82058 | वृत्ति | ना. | ५. सोझै र घुमाउरो किसिमले अर्थ बुझाउने शब्दको शक्ति (अभिधा, लक्षणा र व्यञ्जना)। १०. रससुहाउँदो रूपमा वर्णको योजना तथा अर्थको गुम्फन गरेर काव्यको रचना गरिने शैली (कैशिकी, भारती, सात्वती र आरभटी)। |
| 82059 | वृत्ति | ना. | ११. परुषा, कोमला र उपनागरिका- यी तीन वर्णगत वृत्ति। |
| 82060 | वृत्तकर | ना. | जीविकाका लागि अँगालिएको पेसामा लाग्ने कर। |
| 82061 | वृत्तदाता | वि. | जीविकाका निम्ति सरसुविधा र साधनको प्रबन्ध मिलाइदिने (व्यक्ति)। |
| 82062 | वृत्यनुप्रास | ना. | साहित्यिक रचनामा अनेक व्यञ्जनको भिन्न क्रमले एकपल्ट र उही क्रमले एक वा अनेकपल्ट स्वरूपसाम्य हुने शब्दालङ्कार; अनुप्रासको एक भेद। |
| 82063 | वृत्रासुर | ना. | इन्द्रलाई मार्न भनी जन्माइएको तर मन्त्रोच्चरण गर्दा स्वराघातको गडबडीले विपरीतार्थ हुन गई इन्द्रद्वारा मारिएको पुराणप्रसिद्ध एक असुर। |
| 82064 | वृथा | अव्य. | व्यर्थ; सित्तैँ। |
| 82065 | वृथाभिमान | ना. | आफ्नो बर्कत, बुताभन्दा बाहिरको कुरा गर्न सक्छु भन्ने धाक; नचाहिँदो फाइँफुट्टी; व्यर्थको घमन्ड। |
| 82066 | वृथाभिमानी | वि. | व्यर्थको अभिमान गर्ने; वृथाभिमान गर्ने। |
| 82067 | वृद्ध | वि. | १. धेरै उमेर भएको; बुढो। |
| 82068 | वृद्ध | वि. | २. विद्या, अनुभव आदिले परिपक्व। |
| 82069 | वृद्ध | वि. | ३. धेरै पहिलेको; पुरानो। |
| 82070 | वृद्ध | वि. | ४. वृद्धि भएको; बढेको। |
| 82071 | वृद्ध | वि. | ५. जम्मा भएको; थुप्रिएको । ना. |
| 82072 | वृद्ध | वि. | ६. उमेरले बुढो भएको मानिस। |
| 82073 | वृद्ध | वि. | ७. विद्या, अनुभव आदिले परिपक्व भएको मानिस; बुढोपाको व्यक्ति। |
| 82074 | वृद्ध | वि. | ८. छरछिमेकको प्रतिष्ठित पाको पुरुष; मान्यजन। |
| 82075 | वृद्धकाल | ना. | बुढेसकाल; बुढ्यौली अवस्था। |
| 82076 | वृद्धता/त्व | ना. | वृद्ध हुनाको भाव वा अवस्था; बुढ्याइँ। |
| 82077 | वृद्धभाव | ना. | वृद्धता; बुढ्यौली। |
| 82078 | वृद्धि | ना. | १. बढ्ने काम; बढ्ती। |
| 82079 | वृद्धि | ना. | २. बढोत्तरी; उन्नति। |
| 82080 | वृद्धि | ना. | ३. कुनै वस्तुको दरभाउ आदि बढ्ने काम। |
| 82081 | वृद्धि | ना. | ४. कुनै व्यक्तिको दर्जा, तलब आदि बढ्ने काम। |
| 82082 | वृद्धि | ना. | ५. ब्याज। |
| 82083 | वृद्धि | ना. | ६. लाभ; नाफा। |
| 82084 | वृद्धि | ना. | ७. सन्तान जन्मने वा सन्तति बढ्ने काम। |
| 82085 | वृद्धि | ना. | ८. सन्तान जन्मँदा लाग्ने आशोच; सुत्केरो। |
| 82086 | वृद्धिसन्धि | व्याकरणमा अवर्ण अर्थात् अ, आदेखि पछि एच् अर्थात् ए, ओ, ऐ र औमा कुनै एकका स्थानमा ऐ वा औ हुने एक सन्धि। | |
| 82087 | वृद्धिकर | वि. | १. वृद्धि गर्ने; बढाउने; उन्नति गर्ने। ना. |
| 82088 | वृद्धिकर | वि. | २. आम्दानीमा लगाइने वा बढाइने कर। |
| 82089 | वृद्धिकाल | ना. | कुनै कुरा वृद्धि भएको समय। |
| 82090 | वृद्धिदर | ना. | कुनै वस्तुको मूल्य वा कसैको तलब आदिको वृद्धिको क्रम। |
| 82091 | वृद्धिश्राद्ध | ना. | विवाह, व्रतबन्ध आदि माङ्गलिक कार्य र अन्य धार्मिक अनुष्ठान गर्दा पूर्वाङ्गमा गरिने श्राद्ध; नान्दीमुखी श्राद्ध; आभ्युदयिक श्राद्ध। |
| 82092 | वृन्त | ना. | फलफूल, पात आदिको डाँठ; सागपात आदिको पातका फेदपट्टिको मोटो भाग; भेट्नु। |
| 82093 | वृन्द | ना. | १. समूह; जमात (जस्तै- सज्जनवृन्द, महिलावृन्द आदि)। |
| 82094 | वृन्द | ना. | २. झुप्पो; गुच्छो। |
| 82095 | वृन्दा | ना. | १. विष्णुद्वारा सतीत्व नष्ट गरिएकी एक पौराणिक स्त्री; जालन्धरकी पत्नी। |
| 82096 | वृन्दा | ना. | २. तुलसी। |
| 82097 | वृन्दाकर | ना. | १. देवता वा श्रेष्ठ व्यक्ति। |
| 82098 | वृन्दाकर | ना. | २. समूह। |
| 82099 | वृन्दारण्य | ना. | वृन्दावन। |
| 82100 | वृन्दावन | ना. | १. मथुराको उत्तरतिर रहेको एक वन; कृष्णको क्रीडास्थल मानिएको हिन्दुहरूको प्रसिद्ध एक तीर्थस्थल। |