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| 20751 | गहते डाँडो/पाखो | ना. | गहत मात्र उब्जने जग्गा-जमिन; रुखो पाखो। |
| 20752 | गहन | वि. | १. गहिराइ छिटै थाहा नपाइने; गहिरो; गम्भीर। |
| 20753 | गहन | वि. | २. बाक्लो; सघन। |
| 20754 | गहन | वि. | ३. पुग्न नसकिने; दुर्गम; अगम्य। |
| 20755 | गहन | वि. | ४. मुस्किलसँग मात्र बुझिने; दुर्बोध्य; क्लिष्ट। |
| 20756 | गहन | वि. | ५. आदि र अन्तको पहिचान गर्न कठिन; रहस्यमय। |
| 20757 | गहनता | ना. | १. गहन हुनाको भाव वा अवस्था; गहिराइ; गम्भीरता। |
| 20758 | गहनता | ना. | २. दुर्गमता। |
| 20759 | गहना | ना. | १. सुन-चाँदी आदिबाट बनाइने सिँगारपटारका साधन; शरीर वा व्यक्तित्वको बाह्य शोभा बढाउनका लागि शरीरका नाक, कान, घाँटी आदि विभिन्न भागमा लगाइने वा पहिरिने तिनै वस्तु; अलङ्कार। |
| 20760 | गहना | ना. | २. शोभा दिने र बाह्य इज्जत बढाउने किसिमका कुरा वा गुण। (उदा.- चरित्र नै मान्छेको सबभन्दा ठुलो गहना हो। |
| 20761 | गहनागुरिया | ना. | गहनाहरूको समुदाय; गरगहना। |
| 20762 | गहनापात | ना. | गहनाहरूको समुदाय; गरगहना। |
| 20763 | गहरी | ना. | गहिरो परेका ठाउँतिर बग्दै वा घिस्रिँदै जाने गरी खेल्ने केटाकेटीहरूको एक खेल। |
| 20764 | गहिराइ | ना. | १. गहिरो हुनाको भाव वा अवस्था; गहिरोपन; गाम्भीर्य; गम्भीरता। |
| 20765 | गहिराइ | ना. | २. उत्खनन आदि गर्ने क्रममा सङ्केत गरिएकोभन्दा तलको ठाउँ। |
| 20766 | गहिरिनु | अ.क्रि. | १. गहिरो हुनु। |
| 20767 | गहिरिनु | अ.क्रि. | २. भित्री तहसम्म पुग्नु। |
| 20768 | गहिरी | वि. | १. अलि-अलि गहिरो; थोरै गहिरो। |
| 20769 | गहिरी | वि. | २. आँत-भेउ पाउन नसकिने (स्त्री)। |
| 20770 | गहिरी | वि. | ३. गहिरो परेको जमिन; गलखेत; डोलखेत। |
| 20771 | गहिरो | वि. | १. वरिपरि अग्लो भई माझको भाग भासिएको वा गाडिएको; सतहभन्दा तलको। |
| 20772 | गहिरो | वि. | २. भित्रसम्म पुगेको (गहिरो घाउ, गहिरो चोट, गहिरो भनाइ इ.)। |
| 20773 | गहिरो | वि. | ३. सजिलैसँग बुझ्न नसकिने; भित्री अर्थ भएको। |
| 20774 | गहिरो | वि. | ४. आँत - भेउ पाउन गाह्रो वा पार लाउन नसकिने। |
| 20775 | गहिऱ्याइ | ना. | गहिऱ्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 20776 | गहिऱ्याइनु | क.क्रि. | गहिरो पारिनु, गहिऱ्याउन लाइनु। |
| 20777 | गहिऱ्याउनु | प्रे.क्रि. | गहिरो पार्नु; गहिरिने तुल्याउनु। |
| 20778 | गहुँ | ना. | एकापट्टिको भाग केही गहिरो परेको र बिचमा छेउ-पुछार चिरा परेको हुने, सुनौला रङका गेडा भएको, सप्तधान्यमध्येको एक प्रसिद्ध अन्न। |
| 20779 | गहुँगोरो | वि. | गहुँको जस्तो वर्ण भएको; हल्का वा केही खैरो भाव देखिने रङ वा वर्णको (मानिस, अनुहार )। |
| 20780 | गहुँत | ना. | सूतक, आशौच आदिका शुद्धिकार्यमा प्रयोग गरिने र पवित्र मानिने गाईको मूत; पञ्चगव्य (गाईको दुध, दही, घिउ, गउँत र गोबर) - मध्ये एक। |
| 20781 | गह्रुँगो | वि. | हे. गह्रुङ्गो / गह्रु ङ्ङो। |
| 20782 | गह्रुकाइ | ना. | गह्रुकाउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 20783 | गह्रुकाइनु | अ.क्रि. | गहुरको होइनु। |
| 20784 | गह्रुकाउनु | अ.क्रि. | काम गर्न अप्ठ्यारो मान्नु; अल्सी गर्नु; अल्साउनु। |
| 20785 | गह्रुको | वि. | भारी; गह्रौँ; गरुको। विप. हलुको। |
| 20786 | गह्रुङ्गो / गह्रुङ्ङो | वि. | बेसी वजन भएको; धेरै तौल भएको; उचाल्न गाह्रो पर्ने। विप. हलुङ्गो। |
| 20787 | गह्रौँ | वि. | १. गह्रुङ्गो। विप. हलौँ। |
| 20788 | गह्वर | ना. | १. बाहिरबाट केही थाहा नपाइने वा लुक्न-बस्न हुने गहिरो र अँध्यारो ठाउँ (ओढार, गुफा, सुरुङ, दुलो इ.)। |
| 20789 | गह्वर | ना. | २. झाडीले घेरिएको एकान्त स्थान; वन; लतागृह; कुञ्ज। वि. |
| 20790 | गह्वर | ना. | ३. जान गाह्रो पर्ने; दुर्गम; विषम। |
| 20791 | गह्वरी | ना. | गुफा; कन्दरा। |
| 20792 | गाँज्नु | स.क्रि. | १. छोप्नु; आफ्नो कब्जामा पार्नु। |
| 20793 | गाँज्नु | स.क्रि. | २. झम्टेर टिप्नु; च्याप्प पारेर अँठ्याउनु। |
| 20794 | गाँज्नु | स.क्रि. | ३. प्रभावमा पार्नु। |
| 20795 | गाँज | ना. | १. धान, कोदो, घाँस आदिको फेददेखि पलाएको एउटै बुटो; झाङिन सकेजति समूह। |
| 20796 | गाँज | ना. | २. अँगालाभरि वा मुठीभरि अटाएजति वस्तु। |
| 20797 | गाँज | ना. | ३. कागती र ज्यामिरको रस पकाएर चुक बनाउँदा उमालले किनारामा लगाउने फिँज। |
| 20798 | गाँजा | ना. | एउटै भेट्नुमा चार-पाँचवटा लामा-लामा पात लाग्ने, खैरो रङको झुरुप्प फूल फुल्ने, सिलामका जस्तै दाना फल्ने र मात लाग्ने एक झार; त्यसैको फल-पात सबै पिँधेर सर्बतमा हाली नशाका रूपमा प्रयोग गरिने, चरेस बनाउन छिप्प्याएर चोप भेला गरिने र सुर्ती वा कक्कडमा मिसाएर चिलिम, सुल्फा आदिबाट धुवाँ खाइने वस्तु; शिवबुटी; भाङ। |
| 20799 | गाँजिनु | अ.क्रि. | १. कुनै बोटबिरुवा हाँगाबिँगाले युक्त हुनु; झाङिनु; झाम्टिनु; मौलाउनु; फैलिनु। |
| 20800 | गाँजिनु | अ.क्रि. | २. धनसम्पत्ति, कुलकुटुम्ब आदिले परिपूर्ण हुँदै जानु; सम्पन्न हुनु। |