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| 32201 | ज्यौतिष | वि. | १. ज्योतिषशास्त्रसम्बन्धी; ज्योतिषको। |
| 32202 | ज्यौतिष | वि. | २. ज्योतिषी। |
| 32203 | ज्यौतिषिक | ना. | ज्योतिषी। |
| 32204 | ज्यौत्स्ना | वि. | ज्योत्स्नायुक्त; चन्द्रको किरण भएको; जुनेली। |
| 32205 | ज्यौत्स्नी | ना. | जुनेली रात। |
| 32206 | ज्वर | ना. | विभिन्न कारणद्वारा जम्मै जिउ तातेर भारी हुने, आङअठिङ्गर दुख्ने र खान त्यति रुचि नहुने एक रोग; जरो। |
| 32207 | ज्वरातिसार | ना. | ज्वरका साथै नपचेको पातलो दिसा बारबार हुने रोग; जरोसँगै लाग्ने पखाला। |
| 32208 | ज्वरांश | ना. | १. शरीरको तापमान केही बढ्ने र शरीर अलि अस्वस्थ हुने स्थिति; जरोको आभास। |
| 32209 | ज्वरांश | ना. | २. आंशिक जरो। |
| 32210 | ज्वरो | ना. | हे. ज्वर; जरो। |
| 32211 | ज्वरोत्पत्ति | ना. | जरो आउने क्रिया; जरोको उद्भव; जरोको आरम्भ वा उत्पत्ति। |
| 32212 | ज्वरोत्पादक | वि. | जरो निकाल्ने; जरो जन्माउने; जरो फुटाउने। |
| 32213 | ज्वलन | ना. | १. आगो, पिरो, अमिलो आदिले शरीरमा हुने पीडा; टट्टाइ। |
| 32214 | ज्वलन | ना. | २. अर्काको उन्नति र सफलता आदिलाई सहन गर्न नसकी मनमा हुने चिन्ता; डाह; ईर्ष्या; आरिस्याइँ। |
| 32215 | ज्वलन | ना. | ३. आगाको झिल्को; आगो। |
| 32216 | ज्वलनशील | वि. | आगो टिप्ने वा बल्ने तत्त्व भएको; बल्ने गुण भएको (पेट्रोल, स्पिरिट, ग्याँस इ.)। |
| 32217 | ज्वलन्त | वि. | १. जल्दोबल्दो; प्रकाशमान; देदीप्यमान। |
| 32218 | ज्वलन्त | वि. | २. सबैले देख्नबुझ्न सक्ने; अत्यन्त स्पष्ट। |
| 32219 | ज्वलित | वि. | १. ज्वाला भएको; बलेको। |
| 32220 | ज्वलित | वि. | २. प्रकाशयुक्त। |
| 32221 | ज्वाइँ | ना. | हे. जुवाइँ। |
| 32222 | ज्वाइँ नारान/नारायण/साहेब | ना. | जुवाइँलाई सम्बोधन गर्दा प्रयोग गरिने शब्द। |
| 32223 | ज्वान | वि. | हे. जवान। |
| 32224 | ज्वानु | ना. | सुपका पातसँग मिल्दाजुल्दा पात हुने, सेतो फूल फुल्ने, मसिना सुगन्धी गेडा फल्ने मसलाका रूपमा र औषधीका रूपमा समेत प्रयोग गरिने एक जातको सानो बोट; त्यसको दानु। |
| 32225 | ज्वाने | वि. | १. ज्वानोजस्तो। |
| 32226 | ज्वाने | वि. | २. सानो; जिरे। |
| 32227 | ज्वानेझार | ना. | प्रायः धानखेतमा पाइने, ज्वानाका जस्ता पात हुने एक जातको भुइँझार। |
| 32228 | ज्वार | ना. | जुनेलो। |
| 32229 | ज्वार | ना. | चन्द्रमाका किरणको जोरले समुद्रका पानीमा छाल उठ्ने क्रिया; चन्द्रमाका आकर्षणले समुद्रमा उठ्ने छाल। |
| 32230 | ज्वारभाटा | ना. | चन्द्रमाका किरणका प्रभावले समुद्रमा छालहरू उर्लने र सेलाउने प्रक्रिया; सामुद्रिक तरङ्गको उठ्ने र घट्ने क्रिया; समुद्री लहरको घटबढ। |
| 32231 | ज्वारभाटो | ना. | बलोलाई दुईतिरबाट कस्ने चोया र त्यसमा बाँधिने मुख्य भाटो; चोया र भाटो। |
| 32232 | ज्वारीकोट | ना. | कमरसम्म आउने, घाँटी टम्म हुने, बाउला नभएको एक किसिमको कोट; जवाहरी कोट। |
| 32233 | ज्वाला | ना. | १. बलेको आगाबाट उठ्ने लप्को; आगाको राँको; मुस्लो। |
| 32234 | ज्वाला | ना. | २. जल्ने वा पोल्ने क्रिया; ताप; जलन; डाह। |
| 32235 | ज्वाला | ना. | ३. जिउभित्रको पीडा; सोला। |
| 32236 | ज्वालामुखी | ना. | भूगर्भसम्बन्धी प्रक्रियाद्वारा कहिलेकाहीँ भित्रको अग्नि क्रियाशील भई राँकोसहित धुवाँ, तातो खरानी पग्लेका धातु आदि ओकल्ने प्रक्रिया वा त्यस्तो अवस्था। |
| 32237 | ज्वालामुखी पर्वत / पहाड | ना. | ज्वालामुखीले निर्माण गरेको पहाड; ज्वालामुखी पर्वत। |
| 32238 | झ | देवनागरी वर्णमालाको व्यञ्जन वर्णमध्ये नवौं वर्ण; तालव्य (वर्त्स्य ); स्पर्शसङ्घर्षी, सघोष, महाप्राण व्यञ्जन वर्ण; चवर्गको चौथो अक्षर; लेख्य रूपमा सो व्यञ्जन वर्णको प्रतिनिधित्व गर्ने लिपिचिह्न; खुटी झायो। | |
| 32239 | झँकाइ | ना. | झाँक्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया |
| 32240 | झँक्रिनी /झँक्रेनी | ना. | १. झाँक्रीकी पत्नी; झाँक्री स्त्री। |
| 32241 | झँक्रिनी /झँक्रेनी | ना. | २. तन्त्रमन्त्रद्वारा शरीरमा वायु चढाएर झारफुक गर्ने स्त्री; झाँक्रीविद्या जान्ने स्त्री। |
| 32242 | झँगला | ना. | १. भैझन्झटको काम; झन्झट। |
| 32243 | झँगला | ना. | २. कुनै फाइदा वा लाभ नहुने झ्याउलो काम। |
| 32244 | झँगल्याइ | ना. | झँगल्याउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 32245 | झँगल्याइनु | झँगल्याउने काम गरिनु। | |
| 32246 | झँगल्याउनु | स.क्रि. | झँगला पार्नु; झ्याउलो थोपर्नु। |
| 32247 | झँटाइ | ना. | झाँट्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 32248 | झँटाइनु | क्रि | झाँट्न लाइन टाइमा पारिनु। |
| 32249 | झँटाउनु | प्रे.क्रि. | झाँट्न लाउनु; फैंटाइमा पार्नु। |
| 32250 | झक | ना. | एक सुरको मानसिक वेग; एक प्रकारको सनक; धुन (जस्तो- झक मार्नु)। |