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| 36701 | तकुवा | वि. | तगेको; तगुवा (दोलाईं, खास्टो, टोपी आदि)। |
| 36702 | तक्मा | ना. | सेवा, वीरता, विद्वत्ता आदिका क्षेत्रमा कुनै उल्लेखनीय काम गर्ने व्यक्तिलाई कदर वा प्रशंसा दर्साउन सरकार वा संस्थाबाट दिइने कुनै चिह्न अङ्कित मुद्राजस्तो आभूषण; पदक। |
| 36703 | तक्षक | ना. | १. रातो; पहेँलो र कालो रङ पेटारे परेर मिलेको, झन्डै एक मिटर लमाइ हुने, देख्ता साह्रै राम्रो तर ज्यादै विषालु सर्प; आठ नागमध्ये एक। |
| 36704 | तक्षक | ना. | २. सिकर्मी। |
| 36705 | तक्षण | ना. | ताछ्ने वा खुर्कने काम। |
| 36706 | तक्षणी | ना. | काठ ताछ्ने फलामे ज्यावल; बसिला। |
| 36707 | तक्षा | ना. | काठको काम गर्ने कालिगड; सिकर्मी। |
| 36708 | तखत १ | ना. | सजिलो व्यवस्था मिलेको ठाउँ; अनुकूल स्थान; पायक; पाही। |
| 36709 | तखत २ | ना. | १. राजाको गद्दी; राजसिंहासन। |
| 36710 | तखत २ | ना. | २. राज्य (दिव्योपदेश)। |
| 36711 | तखता / तख्ता | ना. | १. फल्याक; फलेक। |
| 36712 | तखता / तख्ता | ना. | २. केही सामान राख्नका लागि भित्तामा फल्याक ठोकेर बनाइएको एक प्रकारको दराज। |
| 36713 | तखता / तख्ता | ना. | ३. फूल रोपिएको पाटादार ड्याङ। |
| 36714 | तग्नु १ | अ.क्रि. | १. बुढ्याइँ, कडा बिमारी आदिका अवस्थामा पनि बाँच्न सक्नु; शरीरमा टिक्ने वा अड्ने शक्ति हुनु। |
| 36715 | तग्नु १ | अ.क्रि. | २. अरूका भनाइ, बुहार्तन आदि खपेर बस्नु; कष्ट, कहर सहनु । |
| 36716 | तग्नु २ | स.क्रि. | तग हालेर वा अस्तरसमेत गरी सिउनु; दुई तह कपडाका बिचमा रुवा हाली सो रुवालाई समेत खुटी बुट्टा पारी (कपडा, दोलाईं, सिरक, खास्टो आदि) सिउनु। |
| 36717 | तग | ना. | दुई तह कपडाको माझमा रुवो वा अस्तर हालेर कोठा कोठा पारी सिइने खास्टो, सिरक, दोलाईं आदि लुगाको सिलाइ। |
| 36718 | तगडा | वि. | १. मनग्य तागत भएको; बलियो; दह्रो। |
| 36719 | तगडा | वि. | २. रोग नभएको वा राम्ररी तङ्ग्रिएको; तन्दुरुस्त; ताजा। |
| 36720 | तगण | ना. | छन्दशास्त्रका नियमअनुसार दुई गुरु र एक लघु हुने गण (SSI)। |
| 36721 | तगदिर | ना. | हे. तकदिर। |
| 36722 | तगर | ना. | अम्बाका जस्ता ससाना पात हुने, हल्का बास्ना आउने, सेतो गोलाकार फूल फुल्ने पितृकार्यका लागि आवश्यक ठानिने फूल। |
| 36723 | तगाइ | ना. | १. तग्ने काम वा किसिम; एक प्रकारको सिलाइ। |
| 36724 | तगाइ | ना. | २. तग्ने ( अड्ने) काम वा किसिम; टिकाइ। |
| 36725 | तगाइनु | क.क्रि. | १. टिकाइनु। |
| 36726 | तगाइनु | क.क्रि. | २. तग हालेर सिउन लाइनु। |
| 36727 | तगाउनु | प्रे. क्रि. | १. तग्न लाउनु; तग हालेर सिउन लाउनु। |
| 36728 | तगाउनु | प्रे. क्रि. | २. टिकाउनु। |
| 36729 | तगारी | ना. | तगाराको लघु रूप; सानो तगारो। |
| 36730 | तगारो | ना. | १. घर वा खेतीमा बस्तुभाउ नपसून् भनी मुख्य गौँडा वा आवतजावत गर्ने ठाउँमा पर्खाल, खाँबो आदिमा प्वाल पारी हालिएको काठ वा बाँसको तेर्सो बार। |
| 36731 | तगारो | ना. | २. गौँडा। |
| 36732 | तगुवा | वि. | तग हालेर सिइएको; तगेर सिइएको (दोलाईं, खास्टो, भादगाउँले टोपी आदि); रुईदारी। |
| 36733 | तङ १ | ना. | १. कुनै वस्तुको खात; तङ्ङी; चाङ। |
| 36734 | तङ २ | क्रि.वि. | १. दिक्क; हैरान। वि. |
| 36735 | तङ २ | क्रि.वि. | २. साँघुरो। ना. |
| 36736 | तङ २ | क्रि.वि. | ३. घोडामा काठी कस्ने पेटी। |
| 36737 | तङ्गिन १ | ना. | कुनै वस्तुको ठुलो खात; चाड; तङ्ङी; तङ्गिन। |
| 36738 | तङ्गिन | वि. | साह्रै गरिब; तन्नम; कङ्गाल; तङ्गिन । |
| 36739 | तङ्गी | ना. | खात; चाङ; तङ। |
| 36740 | तङ्ग्रनु | अ.क्रि. | बिरामीलाई रोगले छाडेर सन्चो हुनु वा बल लाग्न थाल्नु; बिरामी निको भएर उठ्नु; तङ्ङ्रनु। |
| 36741 | तङ्ग्राइ | ना. | तङ्ग्रने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 36742 | तङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | १. तङ्ग्रने काम गरिनु। |
| 36743 | तङ्ग्रिनु | अ.क्रि. | २. बिरामी, सुत्केरी आदि अलिअलि हिँड्न सक्ने हुनु। |
| 36744 | तङ्ङिन | ना. | हे. तङगिन १। |
| 36745 | तङ्ङिन | वि. | हे. तङगिन २। |
| 36746 | तङ्ङ्रनु | अ.क्रि. | हे. तङ्ग्रनु। |
| 36747 | तछाइ | ना. | ताछ्ने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 36748 | तछाइनु | क.क्रि. | ताछ्न लाइनु। |
| 36749 | तछाउनु | प्रे. क्रि. | ताछ्न लाउनु। |
| 36750 | तछान / तछानी | ना. | जङ्गलका रुखहरूको कटानीपछि ताछतुछ पार्ने काम। |