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| 40801 | दाँतेघर | ना. | गिजा; दनासो। |
| 40802 | दाँतेफुली | ना. | दाँतमा प्वाल पारेर वा त्यसै जडेर लगाइने फुली; दाँतका बिचमा प्वाल पारी जडिने सुन, चाँदी आदिका साना टीका। |
| 40803 | दाँतेबह | ना. | साह्रै चर्को पिर। |
| 40804 | दाँदे | ना. | १. रोपाइँ गर्नुभन्दा पहिले गरामा हिलो माटो सम्याउन गोरुका पछाडि हलो जस्तै गरी लगाइने काठको चेप्टो, लामो उपकरण वा साधन। |
| 40805 | दाँदे | ना. | २. धानका बिउको माटो पन्छाउने डल्याँठोजस्तो काँटादार साधन। |
| 40806 | दाँवल | ना. | बराबर उमेरका व्यक्ति; दौँतर; जोडा; दाम। |
| 40807 | दाँवली | ना. | डोरीबाट तयार गरिएको, चरा समातिने काममा प्रयोग गरिने पासो। |
| 40808 | दाइँ | ना. | १. खलामा मियोका वरिपरि गोरु घुमाई धान आदि अनाजका बोटहरू कुल्चाई रहलपहल अनाज झार्ने काम। |
| 40809 | दाइँ | ना. | २. कुल्चिमिल्ची; माडमुड। |
| 40810 | दाइँ | ना. | ३. बेअदबीसँग गरेको काम-कारबाई। |
| 40811 | दाइँ | ना. | ४. ढलीमली गर्ने काम; मनपर्दो चाल। |
| 40812 | दाइँ गीत | ना. | दाइँ गर्दा सह ल्याउनका लागि गाइने प्रसिद्ध ऋतुकालीन लोकगीत। |
| 40813 | दाइ | ना. | १. दाजुभाइमा आफूभन्दा जेठो व्यक्ति; दाजु। |
| 40814 | दाइ | ना. | २. जेठो उमेरको अडकलमा भनिने कुनै पुरुष व्यक्ति। |
| 40815 | दाइ | ना. | दाउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 40816 | दाइजो | ना. | विवाहमा दुलहीका बाबु, आमाहरूले दुलहीलाई दिएर पठाइने धनमाल (लुगा, गहना, गोडधुवा आदि)। |
| 40817 | दाइजो बिर्ता | ना. | राजा रजौटाहरूले आफ्ना छोरीबेटीलाई दाइजोका रूपमा दिएको बिर्ता। |
| 40818 | दाइनाइके | ना. | मुख्य नाइके; भाइनाइके भन्दा माथिको नाइके। |
| 40819 | दाइनु | क.क्रि. | दाउने काम गरिनु; गोरु नारिनु; हलो जोतिनु। |
| 40820 | दाउ | ना. | १. कुनै कामकुरो मिलाउन सजिलो पर्ने अवसर;मौका। |
| 40821 | दाउ | ना. | २. कौडाको खेलमा हुने तिया, चौका आदि दाउ। |
| 40822 | दाउ | ना. | ३. पासाका खेलमा हुने पोट बाह्र , कच्चे बाह्र , चरीपन्जा सत्र आदि दाउ। |
| 40823 | दाउ | ना. | ४. कुस्ती, पहलमानी आदि खेलमा एकले अर्कालाई पछार्ने युक्ति;पेच;छिर्के। |
| 40824 | दाउ | ना. | काठपात काट्ने खुर्पाजस्तो हतियार; बाम्फोक। |
| 40825 | दाउनु | स.क्रि. | १. गाईको बहर वा गोरु भैँसीका पाडो वा राँगो वा घोडाको बछेडो आदिलाई नारेर हलो, बग्गी, गाडा आदिलाई तान्दै चालमा हिँड्न वा कुद्न सिकाउनु। |
| 40826 | दाउनु | स.क्रि. | २. बहर वा गोरुलाई हलो तान्न सधाउनु; हलो जोताउनु; नार्नु। |
| 40827 | दाउनु | स.क्रि. | ३. बहर, बोका आदिलाई खसी पार्नु; सुमर्नु ;ठोक्नु। |
| 40828 | दाउनु | स.क्रि. | ४. सिकाउनु सधाउनु; अभ्यास गराउनु; बानी पार्नु। |
| 40829 | दाउन | ना. | अनर्सा, सेल, पन्जाबी रोटी, फिनी, झर आदि पकाउँदा राम्ररी फुराउन र कमलो पार्नका लागि फाएको पिठोमा मिसाइने घिउ, नौनी, तर, गुलियो आदि वस्तु। |
| 40830 | दाउनी | ना. | दाइँ। |
| 40831 | दाउपेच | ना. | १. अरूलाई हराउने वा गिराउने जुक्ति; छलबल। |
| 40832 | दाउपेच | ना. | २. छलकपट; चालबाजी; जालझेल। |
| 40833 | दाउरा | ना. | १. बाल्नका लागि प्रयोग गरिने रुखका सुकेका हाँगाबिँगा; बाल्न योग्य काठ; इन्धन। |
| 40834 | दाउरा | ना. | २. समिधा (यज्ञ यागादिमा बालिने आँप, डुम्री, पलाँस आदि)। |
| 40835 | दाउरे | ना. | १. दाउरा बेचेर जीविका चलाउने व्यक्ति। वि. |
| 40836 | दाउरे | ना. | २. दाउरा खेप्ने; दाउरा बेच्ने। |
| 40837 | दाउरे | ना. | ३. पातलो र अग्लो; ख्याउटे; सिकुटे। |
| 40838 | दाउरो | ना. | १. दाउरा। वि. |
| 40839 | दाउरो | ना. | २. किर्लिक्क परेको;सिट्ठो;सिकुटे। |
| 40840 | दाक्षायणी | ना. | १. दक्षप्रजापतिकी छोरी; सतीदेवी।२. नवदुर्गामध्ये एक। |
| 40841 | दाक्षिणात्य | वि. | १. दक्षिण दिशाको; दक्खिनतिरको;दक्खिनपट्टि पर्ने। |
| 40842 | दाक्षिणात्य | वि. | २. विन्ध्याचलभन्दा दक्षिणतिरको। |
| 40843 | दाक्षिण्य | ना. | १. सिपालु हुनाको भाव वा क्रिया; निपुणता;कौशल। |
| 40844 | दाक्षिण्य | ना. | २. दान दिन सक्ने भाव; उदारता; औदार्य। |
| 40845 | दाक्षिण्य | ना. | ३. दाहिने भएको अवस्था; अनुकूलता। |
| 40846 | दाक्षिण्य | ना. | ४. सरलता। |
| 40847 | दाक्षिण्य | ना. | ५. चेष्टा र वचनले अर्काको मनको पछि लाग्ने भन्ने भएको, नाटकको एक प्रकारको लक्षण। वि. |
| 40848 | दाक्षिण्य | ना. | ६. दक्षिणसँग सम्बन्धित; दक्षिणको। |
| 40849 | दाख | ना. | १. जडेलाको जस्तै पात र लहरो हुने थाँक्रामा झुप्पाझुप्पा परेर फल्ने र पाक्ता रातो, वा पहेँल्चो हुने गुलियो स्वादको फल; अङ्गुर। |
| 40850 | दाख | ना. | २. मुनक्का। |