|
|
|
|
|
|---|---|---|---|
| 42851 | दोमट | ना. | अलिअलि बालुवा मिसिएको माटो; बलौटे जमिन। |
| 42852 | दोमन | ना. | १. यसो गरूँ कि उसो गरूँको स्थिति; दोधार। |
| 42853 | दोमन | ना. | २. सन्देह; धुकचुक। |
| 42854 | दोमने | वि. | दुई मन हुने; कुनै कुराको निधो गर्न नसक्ने। |
| 42855 | दोमासे | वि. | १. दुई भिन्नाभिन्नै पदार्थ मिसाउँदा तयार भएको। |
| 42856 | दोमासे | वि. | २. दुवैतिर लाग्ने, मिल्ने वा हुने। |
| 42857 | दोमासे | वि. | ३. दोभासे। |
| 42858 | दोमासे | वि. | १. दुईदुई महिनामा निस्कने वा हुने (पत्रिका, उब्जाउ आदि )। |
| 42859 | दोमासे | वि. | २. दुवै महिनामा पर्ने। |
| 42860 | दोयम | वि. | दोस्रो कोटिको; मझौला खालको; अब्बलभन्दा मुनिको र सिमभन्दा माथिको (जग्गा-जमिन)। |
| 42861 | दोरङ्गा / दोरङ्गी | वि. | दुई रङ भएक; दुई रङ मिलेको; दुईरङ्गी। |
| 42862 | दोरानाच | ना. | तामाङ जातिको मृत्युसंस्कारका समयमा नाचिने नाच। |
| 42863 | दोलक | ना. | तुन्द्रुङ्ङ झुन्डिएर हल्लिरहने वस्तु; घडीको लङ्गुर। |
| 42864 | दोलख | ना. | वर्णका शिरमाथि लगाइने दुई लख वा मात्रा ( ै); ऐकार। |
| 42865 | दोलखकन्ना | वि. | वर्णका मास्तिर दुई लख र पछाडि कान्दानी भएको मात्रा (ाै ); औकार। |
| 42866 | दोलखा | ना. | १. नेपालको मध्यमाञ्चल विकासक्षेत्रमा पर्ने जनकपुर अञ्चलको उत्तरी भागमा रहेको एक जिल्ला। वि. |
| 42867 | दोलखा | ना. | २. दुई लाख सङ्ख्या भएको। |
| 42868 | दोलन | ना. | १. तुन्द्रुङ्ङ झुन्डिएको वस्तु हल्लने क्रिया; दोलकको हल्लाइ। |
| 42869 | दोलन | ना. | २. एक निर्दिष्ट बिन्दुबाट अर्को निर्दिष्ट बिन्दुमा पुगेर फेरि पहिलेकै स्थानमा आइपुग्दाको दुरी। |
| 42870 | दोला | ना. | १. डोली वा पाल्की। |
| 42871 | दोला | ना. | २. पिङ। |
| 42872 | दोला | ना. | ३. झोलुङ्गो। |
| 42873 | दोला | ना. | ४. घटबढ भइरहने स्थिति। |
| 42874 | दोलाईं | ना. | दुईसरो कपडाका बिचमा रुवा हाली तगेर बनाइएको सिरकभन्दा पातलो ओढ्ने वस्तु। |
| 42875 | दोलाजी | ना. | हे. डोलाजी। |
| 42876 | दोलायन्त्र | ना. | हीराभस्म बनाउँदा विशेष प्रक्रियाका साथ कोदाको रस राखिएको भाँडामा हीरालाई अग्निपाक गर्न प्रयोग गरिने एक यन्त्र। |
| 42877 | दोलायमान | वि. | १. हल्लिरहेको ; झुलेको। |
| 42878 | दोलायमान | वि. | २. अस्थिर; चञ्चल। |
| 42879 | दोलायमान | वि. | ३. दोमने; दोधारे। |
| 42880 | दोलायित | वि. | हल्लाइएको; झुलाइएको (वस्तु)। |
| 42881 | दोलिका | ना. | १. डोली। |
| 42882 | दोलिका | ना. | २. पिङ। |
| 42883 | दोलित | वि. | हल्लिएको वा हल्लाइएको; झुलेको। |
| 42884 | दोली | ना. | डोली। |
| 42885 | दोष | ना. | १. कुनै कुरा, व्यक्ति वा वस्तुमा रहेको त्रुटि, कमी, बाधा आदि अवगुण; खराबी, दुर्गुण। |
| 42886 | दोष | ना. | २. नैतिक वा कानुनी दृष्टिले अपराध मानिने कुनै अभियोग, कलङ्क वा लाञ्छना। |
| 42887 | दोष | ना. | ३. अपराध; कसुर। |
| 42888 | दोष | ना. | ४. फत्तुर; खोट; अत्तो। |
| 42889 | दोष | ना. | ५. कलङ्क; दाग। |
| 42890 | दोष | ना. | ६. भुल; अशुद्धि। |
| 42891 | दोष | ना. | ७. मिसावट; कसर। |
| 42892 | दोष | ना. | ८. आयुर्वेदका अनुसार शरीरमा वात, पित्त र कफबाट हुने प्रकोप। |
| 42893 | दोष | ना. | ५. सोझै वा अर्थलाई दूषित गराएर काव्यको गुण वा रसको आस्वादनमा हानि गराउने कुरा; रसको अपकर्षक तत्त्व (काव्यदोष; अर्थदोष, रसदोष आदि)। |
| 42894 | दोषग्राही | वि. | १. अर्काको दोषमा ध्यान दिने। |
| 42895 | दोषग्राही | वि. | २. दुर्जन; दुष्ट। |
| 42896 | दोषज्ञ | वि. | १. वस्तु वा व्यक्तिमा रहेका दोषको पारख गर्ने वा सत्असत्लाई विवेकपूर्ण ढङ्गले विश्लेषण गर्न सक्ने; विद्वान्; मनीषी। ना. |
| 42897 | दोषज्ञ | वि. | २. त्यस्तो कुशल व्यक्ति; पण्डित। |
| 42898 | दोषत्रय | ना. | वात, पित्त र कफबाट उत्पन्न हुने तीन प्रकारको दोष वा खराबी। |
| 42899 | दोषदर्शी | वि. | अरूमा रहेका दोषहरू मात्रै खोज्ने; छिद्रान्वेषी। |
| 42900 | दोषदृष्टि | ना. | १. अरूमा रहेका दोष मात्र देख्ने क्रिया; छिद्रान्वेषण। वि. |