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| 94451 | स्वयम्भूत | वि. | आफैँ भएको; आफ्नै इच्छाले अवतीर्ण वा उत्पन्न; स्वयम्भू। | |
| 94452 | स्वयम्भू लिङ्ग | ना. | षट्चक्रको चिन्तन गर्दा सर्वप्रथम कल्पना गरिने शिवलिङ्गका आकारको वस्तु; मूलाधार स्थानमा कल्पना गरिने लिङ्गाकार वस्तु। | |
| 94453 | स्वयंसिद्ध | वि. | १. कुनै तर्क वा प्रमाणविना नै आफैँ सिद्ध वा ठिक भएको। | |
| 94454 | स्वयंसिद्ध | वि. | २. अरूको सहयोग नभएरै पनि सफलता पाएको। | |
| 94455 | स्वयंसिद्धि | ना. | सिद्ध वा प्रमाणित गरिरहन नपर्ने सिद्धान्त; सर्वमान्य सिद्धान्त वा तत्त्व। | |
| 94456 | स्वयंसेवक | ना. | १. आफ्नै इच्छाले कुनै सेवाकार्यमा लाग्ने व्यक्ति। | |
| 94457 | स्वयंसेवक | ना. | २. कुनै लोकहितकारी सङ्गठन वा संस्थामा अवैतनिक रूपले काम गर्ने व्यक्ति। | |
| 94458 | स्वयंसेविका | ना. | स्वयंसेवकको स्त्रीरूप; स्त्रीस्वयंसेवक। | |
| 94459 | स्वर् | ना. | १. देवलोक; स्वर्ग। | |
| 94460 | स्वर् | ना. | २. परलोक ३. आकाश। | |
| 94461 | स्वर | ना. | १. प्राणीहरूका उच्चारण अवयवहरूबाट वा एक वस्तुको अर्को वस्तुमा आघात पर्दा निस्कने कोमलता, तीव्रता, आरोहअवरोह आदिले युक्त ध्वनि; आवाज; शब्द। | |
| 94462 | स्वर | ना. | २. ध्वनिका स्वरवर्णमध्ये पहिलोचाहिँ (अ, आ, इ, इ.)। | |
| 94463 | स्वर | ना. | ३. सङ्गीतमा निश्चित गरिएका सात ध्वनि वा सुर (षड्ज, ऋषभ, गान्धार, मध्यम, पञ्चम, धैवत र निषाद)। | |
| 94464 | स्वर | ना. | ४. वेदपाठका सन्दर्भमा उदात्त, अनुदात्त र स्वरित नामक तीन प्रकारका हुने शब्दको उतारचढाउ। | |
| 94465 | स्वर | ना. | ५. सास लिने बेला नाकबाट निस्कने वायुका कारणबाट उत्पन्न हुने शब्द। | |
| 94466 | स्वर | ना. | ६. आकाश। | |
| 94467 | स्वरग्राम | ना. | सङ्गीतमा 'सा' देखि 'नि' सम्मका सात स्वरहरूको समूह; स्वर-सप्तक। | |
| 94468 | स्वरचिम्टी | ना. | श्वासप्रश्वास खुल्दै बन्द हुँदै गर्ने र स्वर प्रस्फुटित गराउने, फोक्साका मुखमा रहेको ओठका आकारको चेप। | |
| 94469 | स्वरतन्त्री | ना. | कण्ठपेटारीभित्र रहेको स्वर वा आवाज निकाल्न सघाउ पुऱ्याउने सूत्रका आकारको अङ्ग; स्वरनली। | |
| 94470 | स्वरनली | ना. | स्वरतन्त्री। | |
| 94471 | स्वरपात | ना. | शब्दको उच्चारण गर्दा कुनै स्वर वा अक्षरमा पर्न जाने रोकावट; उच्चारण गर्दा शब्दको बिचमा पर्ने यति वा विराम। | |
| 94472 | स्वरप्रसारण | ना. | बोल्दा वा सस्वर पढ्दा आवाजको उतारचढाउ हुने प्रक्रिया। | |
| 94473 | स्वरभङ्ग | ना. | १. कुनै कारणले स्वर सुक्ने वा गला बस्ने काम। | |
| 94474 | स्वरभङ्ग | ना. | २. उच्चारणमा हुने बाधा वा अस्पष्टता। | |
| 94475 | स्वरभङ्ग | ना. | ३. साहित्यमा हर्ष, भय, क्रोध, मद आदिले घाँटी रोकिएर एक थोक भन्नुपर्नेमा मुखबाट अर्कै थोक निस्कने प्रक्रिया। | |
| 94476 | स्वर मधुरिमा | ना. | स्वरको मिठास; गलाको माधुर्य। | |
| 94477 | स्वरयन्त्र | ना. | स्वरको उच्चारणमा सहायता पुऱ्याउने वा प्रयत्न गर्ने घाँटीभित्रको एक अवयव; कण्ठनली। | |
| 94478 | स्वरलहरी | ना. | १. सङ्गीतमा तीव्र उतारचढाउ आदि स्वरहरूको लहर वा तरङ्ग। | |
| 94479 | स्वरलहरी | ना. | २. सङ्गीतमा केही समयसम्म एकै रूपमा हुने झङ्कार वा आलाप। | |
| 94480 | स्वरलिपि | ना. | गीत, लय, राग, तान आदिमा आउने सबै स्वरको सङ्केत गर्ने चिह्नसहितको क्रमबद्ध लेख (नोटेसन)। | |
| 94481 | स्वरवास | ना. | १. आयुर्वेदअनुसार बिरुवा वा बुटीका पात, जरो, बोक्रो, फल र फूलसमेत मिलाएर कुटी निचोरेर निकालिएको झोल। | |
| 94482 | स्वरवास | ना. | २. कुनै चिजको आफ्नै प्राकृतिक रस। | |
| 94483 | स्वरसङ्गति | ना. | सँगै रहेका विषम स्वरमध्ये अगिल्लो र पछिल्लो स्वर समानरूपका बन्ने गरी हुने मेल (जस्तै- ढिकुटी = ढुकुटी, जान्छ = आन्छ आदि)। | |
| 94484 | स्वरसङ्गीत | ना. | सुन्दा मधुर लाग्ने र मुखैले गाएर मात्र पनि मिठो हुने गी। | |
| 94485 | स्वरसन्धान | ना. | ध्वनिनियमअनुसार स्वर मिलाउने वा स्वरलाई सङ्गतिपूर्ण बनाउने काम। | |
| 94486 | स्वरसप्तक | ना. | सङ्गीतका सात स्वरहरूको समुदाय, सा, रे, ग, म, प, ध, नि सात स्वरहरूको सप्तक। | |
| 94487 | स्वरागम | ना. | शब्दका आदि, मध्य र अन्त्य कुनै ठाउँमा स्वर थपिई ध्वनिपरिवर्तन हुने प्रक्रिया (जस्तै- कर्म=करम, बक्स- बाक्स आदि)। | |
| 94488 | स्वराघात | ना. | ध्वनिको उच्चारण हुँदा स्वरमा बढी आघात हुने प्रक्रिया; बोल्दा वा सस्वर पढ्दा स्वरवर्णमा पर्ने जोड वा बल। | |
| 94489 | स्वराज्य | ना. | १. विदेशी शासकको दबाउ वा पन्जाबाट छुटेर आफ्नै देशका जनतामा आएको र चलेको कुनै देशको शासनसत्ता; त्यस्तो शासनसत्ता प्राप्त गरेको स्वाधीन देश। | |
| 94490 | स्वराज्य | ना. | २. आफ्नो देश; आफ्नो राज्य। | |
| 94491 | स्वरान्तर | ना. | दुई स्वरका उच्चारणका बिचको अन्तर वा विश्राम। | |
| 94492 | स्वरित | ना. | १. स्वर भएको वा निस्केको; स्वरयुक्त (अक्षर वा वर्ण)। | |
| 94493 | स्वरित | ना. | २. टड्कालो, राम्रो र मिठो स्वर भएको। | |
| 94494 | स्वरूप | ना. | १. जुनसुकै विषय वा वस्तुको आकार, आकृति। | |
| 94495 | स्वरूप | ना. | २. अनुहार, मुख। | |
| 94496 | स्वरूप | ना. | ३. वस्तुमा रहने आफ्नो स्वभाव। | |
| 94497 | स्वरूप | ना. | वि. ४. साह्रै राम्रो; अति सुन्दर। | |
| 94498 | स्वरूप | ना. | ५ समान; तुल्य। | |
| 94499 | स्वरूप | ना. | क्रि.वि. ६. किसिमले; तवरसँग; रूपमा। | |
| 94500 | स्वरूपवान् | वि. | सुन्दर रूप भएको; खुब राम्रो। |