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| 10651 | ऊर्ध्वगामी | वि. | २. मुक्त; निर्वाणप्राप्त । | |
| 10652 | ऊर्ध्वदेह | ना. | मरेपछि प्राप्त हुने शरीर; प्रेतशरीर । | |
| 10653 | ऊर्ध्वपातन | ना. | तरल पदार्थलाई बाफ बनाई मास्तिर हुत्त्याउने वा फ्याँक्ने क्रिया । | |
| 10654 | ऊर्ध्वपुण्ड्र | ना. | वैष्णव सम्प्रदायका अनुयायीहरूले लगाउने टिको; ठाडो टिको। | |
| 10655 | ऊर्ध्वबाहु | ना. | १. एउटा हात देवताका नाउँमा माथि उठाइराख्ने तपस्वी | वि. | |
| 10656 | ऊर्ध्वबाहु | ना. | २. माथितिर हात उठाएको । | |
| 10657 | ऊर्ध्वमुख | वि. | १. मास्तिर मुख फर्केको। ना. | |
| 10658 | ऊर्ध्वमुख | वि. | २. आगो । | |
| 10659 | ऊर्ध्वमूल | वि. | १. माथितिर जरा हुने ( वेदवृक्ष) । ना. | |
| 10660 | ऊर्ध्वमूल | वि. | २. संसार; जगत्। | |
| 10661 | ऊर्ध्वरेखा | ना. | हात वा पैतालाको बिचमा हुने भाग्यसूचक ठाडो रेखा; भाग्यरेखा । | |
| 10662 | ऊर्ध्वरेता | वि. | वीर्यस्खलन नभई ऊर्ध्वगामी भएको (पूर्ण ब्रह्मचारी) । | |
| 10663 | ऊर्ध्वलोक | ना. | हे. स्वर्ग । | |
| 10664 | ऊर्ध्ववायु | ना. | डकार । | |
| 10665 | ऊर्ध्वश्वास | ना. | मर्ने बेलामा वेगसँग बढेको सास; आखिरी अवस्थाको सास। | |
| 10666 | ऊर्मि | ना. | १. नदी, समुद्र आदिमा हावा आदिले ल्याउने छाल; लहर; तरङ्ग । | |
| 10667 | ऊर्मि | ना. | २. दुःख; पीडा । | |
| 10668 | ऊर्मिल | वि. | लहर उठेको; छाल उठेको; तरङ्गित। | |
| 10669 | ऊषर | ना. | हे. ऊसर । | |
| 10670 | ऊषा | ना. | हे. उषा । | |
| 10671 | ऊष्म | ना. | १. तातोपना; गर्मी; उष्णता । वि. | |
| 10672 | ऊष्म | ना. | २. गरम; तातो; उष्ण (वस्तु आदि) । | |
| 10673 | ऊष्मवर्ण | ना. | उच्चारण गर्दा बढ्ता श्वास खर्च गर्नुपर्ने श, ष, स, ह- यी चार वर्ण । | |
| 10674 | ऊष्मा | ना. | १. ज्यादै गर्मी हुने समय; ग्रीष्म ऋतु; गर्मीको याम। | |
| 10675 | ऊष्मा | ना. | २. तातोपना; ताप; गर्मी । | |
| 10676 | ऊष्मा | ना. | ३. तातो पानीबाट धुवाँका रूपमा निस्कने जलकणको समूह; बाफ; भाप । | |
| 10677 | ऊष्मीभवन | ना. | कुनै ध्वनि ऊष्मध्वनिमा परिवर्तित हुने प्रक्रिया । | |
| 10678 | ऊष्मीभूत | वि. | पृष्ठध्वनिमा घर्षण उत्पन्न भएर सास छिर्न पाउँदा उच्चरित हुने (व्यञ्जन); घृष्ट; सङ्घर्षी (व्यञ्जन)। | |
| 10679 | ऊसर | ना. | हे. उसर । | |
| 10680 | ऊह | ना. | १. कुनै वस्तु वा विषयका सम्बन्धमा गरिने तर्क; विचार । | |
| 10681 | ऊह | ना. | २. अनुमान; अन्दाज । | |
| 10682 | ऊहापोह | ना. | मनमा उठ्ने अनेक प्रकारका तर्कवितर्क वा सोचविचार । | |
| 10683 | ॠ | देवनागरी वर्णमालाको स्वरवर्णमध्ये सातौँ स्वरवर्ण; परम्परागत रूपमा मूर्द्धास्थानबाट उच्चारण हुने, ह्रस्व स्वरवर्ण मानिएको र नेपाली भाषामा 'रि' का रूपमा उच्चारण गरिने वर्ण; लेख्य रूपमा सो स्वरवर्णको प्रतिनिधित्व गर्ने लिपिचिह्न । | ||
| 10684 | ॠक् | ना. | १. पद्यमा लेखिएको वेदमन्त्र; ॠचा । | |
| 10685 | ॠक् | ना. | २. चार वेदमध्ये पहिलो वेद; ॠग्वेद । | |
| 10686 | ॠकार | ना. | १. 'ॠ ' अक्षर। | |
| 10687 | ॠकार | ना. | २. व्यञ्जनवर्णमा ॠस्वर जोड्दा दिइने चिह्न (ृ) । | |
| 10688 | ॠक्ष | ना. | १. नक्षत्र; तारा। | |
| 10689 | ॠक्ष | ना. | २. भालु। | |
| 10690 | ॠक्षपति | १. चन्द्रमा । | ||
| 10691 | ॠक्षपति | २. रामको सेनापतिका रूपमा काम गर्ने रामायणप्रसिद्ध भालु; जाम्बवान् । | ||
| 10692 | ॠग्वेद | ना. | चार वेदमध्ये पहिलो वेद; वेदको पद्यसंहिता । | |
| 10693 | ॠग्वेदी | वि. | १. ॠग्वेदको ज्ञाता । | |
| 10694 | ॠग्वेदी | वि. | २. ॠग्वेद पाठ गर्ने वा ॠग्वेदको अनुयायी । | |
| 10695 | ॠग्वेदी | वि. | ३. ॠग्वेदका मन्त्रहरूद्वारा संस्कार गरिने (ब्राह्मण) । | |
| 10696 | ॠचा | ना. | पद्यमा लेखिएको वैदिक मन्त्र; वेदको पद्यसंहिता; कण्डिका । | |
| 10697 | ॠजु | वि. | १. बाङ्गो वा टेढो नभएको; सोझो; सरल। | |
| 10698 | ॠजु | वि. | २. छल, प्रपञ्च नभएको; सिधासाधा; सज्जन । | |
| 10699 | ॠजु | वि. | ३. अनुकूल । | |
| 10700 | ॠजुता | ना. | १. ॠजु हुनाको भाव वा अवस्था; सोझोपना; सरलता; साधुता । |