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| 101 | अंसियारी | वि. | अंसियारसम्बन्धी; अंसियारको। |
| 102 | अंस्याहा | ना. | कुनै संस्थान, निगम, कम्पनी वा कारोबारको अधिकृत पुँजीमा निश्चित हिस्सा भएको व्यक्ति; उक्त हिस्साको नाताले हुन आउने हक र दायित्व भएको व्यक्ति। |
| 103 | अउ | निपा. | कसैलाई हातको हाउभाउसहित सम्बोधन गर्दा वा बोलाउँदा प्रयोग गरिने आह्वान सङ्केत; ए (उदा.- अउ, कान्छा ! कहिले आइस्?)। |
| 104 | अॠणी | वि. | ॠण नभएको; रिन तिरिसकेको; ॠणमुक्त; उॠण। विप. ॠणी। |
| 105 | अकट | ना. | १. गरी वा नगरीकन परिआएको अप्ठ्यारो अवस्था। |
| 106 | अकट | ना. | २. पूरा नगरी नहुने खाँचो। ( उदा.- मलाई पैसाको अकट पऱ्यो।)। |
| 107 | अकटविकट | वि. | गर्न वा सँभाल्न गाह्रो पर्ने; साह्रोगाह्रो; गाह्रोसाँघुरो; अप्ठ्यारो। |
| 108 | अकटिलो | वि. | अप्ठ्यारो परेको; असजिलो। |
| 109 | अकड | ना. | हे. अकट; अक्कड। |
| 110 | अकडम-बकडम | ना. | हे. अगडमबगडम। |
| 111 | अकडाइ | ना. | अकडिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 112 | अकडाइनु | क.क्रि. | अकडमा पारिनु; अकड्याइनु। |
| 113 | अकडाउनु | अ.क्रि. | १. अकडिने हुनु। प्रे.क्रि. |
| 114 | अकडाउनु | अ.क्रि. | २. अकडमा पार्नु; अकडिन लाउनु; अकड्याउनु। |
| 115 | अकडिनु | अ.क्रि. | १. आफ्ना कामकुरामा डटेर अडान लिनु; ढिपी गर्ने हुनु। |
| 116 | अकडिनु | अ.क्रि. | २. अड्भाङ्गे भएर बस्नु; ठर्रिनु। |
| 117 | अकडिनु | अ.क्रि. | ३. कठ्याङ्ग्रिनु; कक्रिनु। |
| 118 | अकडी | वि. | अकड लिने; ढिपीवाल। |
| 119 | अकड्याइ | ना. | अकडिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 120 | अकड्याइनु | क.क्रि. | अकडिन लाइनु; डटाइनु। |
| 121 | अकड्याउनु | प्रे.क्रि. | अकडिने पार्नु; अकडिन लाउनु। |
| 122 | अकण्टक | वि. | १. काँडा नभएको। |
| 123 | अकण्टक | वि. | २. कुनै बाधाविरोध वा डर आदि नभएको। |
| 124 | अकण्टक | वि. | ३. अजातशत्रु; शत्रुरहित। |
| 125 | अकथनीय | वि. | वर्णन गर्न वा भन्न नसकिने; बाहिर प्रकट गर्न नसकिने; अकथ्य। |
| 126 | अकथित | वि. | नभनिएको; वर्णन नगरिएको; अनुक्त। |
| 127 | अकथ्य | वि. | हे. अकथनीय। |
| 128 | अकपट | वि. | १. धुर्त्याइँ नभएको; जालझेल नजान्ने वा नगर्ने; खुला वा सफा मन भएको। |
| 129 | अकपट | वि. | २. हक्की। |
| 130 | अकबर | ना. | मध्यकालीन भारतका मुगलवंशी एक प्रसिद्ध सम्राट् (शासन- वि. सं. १६१२- १६६२)। |
| 131 | अकबरी | वि. | १. अकबरको जस्तो अर्थात् उम्दा; असल; उत्तम वा उत्कृष्ट। |
| 132 | अकबरी | वि. | २. नम्बरी (सुन)। अकबरी सुनलाई कसी लाउनु पर्दैन (उखान)। |
| 133 | अकबरे | वि. | १. डल्लो खालको र ज्यादै पिरो (खोर्सानी); राँगे; अब्बरे। ना. |
| 134 | अकबरे | वि. | २. सोही जातको खोर्सानी। |
| 135 | अकबाल | ना. | १. ऐश्वर्य। |
| 136 | अकबाल | ना. | २. प्रताप। |
| 137 | अकबाल | ना. | ३. चकचकी। (उदा.- लङ्काको अकबाल सुनौँ त पहिले कस्तो छ तेस्को तखत्। -भानुभक्त।) |
| 138 | अकमक | ना. | १. आनेकाने; दोमन। |
| 139 | अकमक | ना. | २. दोधार; द्विविधा। |
| 140 | अकमकाइ | ना. | अकमकाउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 141 | अकमकाइनु | अ.क्रि. | अकमकाउने काम हुनु; अकमक्क परिनु। |
| 142 | अकमकाउनु | अ.क्रि. | अकमक्क पर्ने स्थिति हुनु; यसो भनूँ कि उसो भनूँ भएर अलमलिनु। |
| 143 | अकमकिनु | अ.क्रि. | अकमक्क पर्नु; किंकर्तव्यविमूढ हुनु। |
| 144 | अकमक्क | क्रि.वि. | १. जिल्ल; जिल्लाराम। क्रि.वि. |
| 145 | अकमक्क | क्रि.वि. | २. दोधारमा परेर; जिल्लाराम भएर। |
| 146 | अकमक्याइँ | ना. | अकमकाइ। |
| 147 | अकमक्याइनु | क.क्रि. | अकमकिने गराइनु, अकमक्क पारिनु। |
| 148 | अकमक्याउनु | प्रे.क्रि. | अकमकिने गराउनु; अकमक्क पार्नु। |
| 149 | अकम्पित | वि. | १. नकाम्ने; स्थिर नहल्लिएको; नडगेको। |
| 150 | अकम्पित | वि. | २. नडराएको। |